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https://www.livehindustan.com/lh-img/smart/img/2026/07/05/1200x900/Govinda_sunita_05_07_1783269526235_1783269531288_2388b1f6-96bc-4a98-a234-c2c73c9ef935.pngNetflix Series: लॉकअप के आज के एपिसोड में आज हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। जेल में बंद कंटेस्टेंट्स ने खाना न खाकर अपनी नाराजगी जताई। आज के एपिसोड में सुनीता को बुरी तरह टूट गईं और शो छोड़कर जाने की बात करने लगीं।
नेटफ्लिक्स के रियलिटी शो लॉकअप के आज के एपिसोड में जेल में बंद कैदियों ने शो के खिलाफ अपना विरोध जताया। दरअसल, कैदियों के पास सबके लिए खाना मंगाने का बजट नहीं था। ऐसे में सभी घरवालों ने तय किया कि कोई भी खाना नहीं खाएगा। खाना न मिलने की वजह से पहले तो सुनीता आहूजा ने नाराजगी जताई। गालियां दीं, लेकिन धीरे-धीरे उनकी हिम्मत टूटने लगी और उनके आंसू निकल आए।
गोविंदा की बात न सुनकर सुनीता को हुआ पछतावा
सुबह जब सभी कंटेस्टेंट सो कर उठे। सुनीता बाहर धीरज और शिवांगी के साथ बैठी थीं। उन्होंने खाना नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि किसी को इतना परेशान मत करो कि इंसान को औकात दिखानी पड़े। इसके बाद सुनीता ने कहा, “चीची (गोविंदा) मना कर रहा था मत जा, मत जा…जब-जब उसका बात नहीं माना है, मैं पछताई हूं।”
सुनीता ने नाश्ता करने से किया इनकार
इसके बाद सुनीता ने कहा कि उन्हें लॉकअप में रहना ही नहीं है। जब सभी कंटेस्टेंट अपनी मील के क्विज का जवाब दे रहे थे। उस वक्त सुनीता के लिए जो सवाल आया, उन्होंने सवाल का जवाब देने की बजाय कहा कि उन्हें कोई जवाब नहीं देना है। वो बस इस शो को छोड़ना चाहती हैं। इकना बोलते ही सुनीता आहूजा बुरी तरह रोने लगीं। जब घरवालों का नाश्ता आया तो उन्होंने बस चाय पी और नाश्ता करने से मना कर दिया। शिवांगी ने उन्हें कहा कि वो दवाई नहीं खा रही हैं। इसपर सुनीता ने कहा कि वो दवाई नहीं खाएंगी। बीमार पड़ेंगी तभी तो ये लोग घर भेजेंगे।
रितेश ने लगाई कंटेस्टेंट्स की क्लास
शो में जब रितेश कैदियों को टास्क करवाने आए, उस वक्त भी सुनीता अपने आंसू नहीं रोक पाईं। पहले तो रितेश ने सभी की क्लास लगाई क्योंकि उन लोगों ने अपने बजट को समझदारी से नहीं इस्तेमाल किया और हफ्ते में आखिरी दिन उनके पास सबके लिए खाना मंगाने के पैसे नहीं थे। रितेश ने बताया कि जिन लोगों की दवाइयां चलती हैं, उनके लिए खाना भिजवाया गया था।
रितेश से क्या बोलीं सुनीता?
इस बात पर सुनीता ने शिकायत की उनका खाना नहीं आया था और उन्हें डाइबिटीज है। फिर रितेश ने कहा कि उनका नाश्ता 8 बजे भिजवाया गया था, उसके दो घंटे बाद सूप भी भेजा गया था। डॉक्टर्स ने कहा कि दवाई के लिए जो खाना भेजना चाहिए था, वो आपको मिला था। सुनीता ने साफ किया कि उन्हें डिनर चाहिए होता है, नहीं तो फिर उन्हें साइकोलॉजिकल है कि उन्हें घबराहट होने लगती है। रितेश ने जब पूछा कि आप लोगों के पास 3400 रुपये थे, तो आपने अपने लिए खाना क्यों नहीं मंगवाया। इसपर सुनीता ने कहा कि सबके लिए खाना नहीं आ पाता और वो सीनियर होने के नाते कैसे खुद खाना खा लें और बाकी का न सोचें।
सुनीता का इमोशनल ब्रेकडाउन
सुनीता ने रितेश से कहा कि उनका इमोशनल ब्रेकडाउन हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें बाहर निकाल दिया जाए तो अच्छा होगा।सुनीता इतना बोलती ही रोने लगीं। इसके बाद रितेश गए और सुनीता को गले लगाया। फिर उन्होंने सुनीता से कहा कि वो उनसे अलग से बात करेंगे।
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