Source :- LIVE HINDUSTAN
Travel Trends: विदेश घूमने का चलन बढ़ने के साथ भारतीय पर्यटकों की पसंद भी बदल रही है। अब कई यात्री सिर्फ दो-चार दिन की छोटी यात्रा करने के बजाय ऐसी जगह जाना चाहते हैं, जहां प्रकृति, संस्कृति, रोमांच, आराम और स्थानीय अनुभव सब एक साथ मिलें।
Travel Trends: विदेश घूमने का चलन बढ़ने के साथ भारतीय पर्यटकों की पसंद भी बदल रही है। अब कई यात्री सिर्फ दो-चार दिन की छोटी यात्रा करने के बजाय ऐसी जगह जाना चाहते हैं, जहां प्रकृति, संस्कृति, रोमांच, आराम और स्थानीय अनुभव सब एक साथ मिलें। इसी बदलती पसंद को देखते हुए खाड़ी देश अपने टूरिज्म मार्केट की रणनीति बदल रहे हैं। अमेरिका-ईरान के बीच तनाव ने खाड़ी देशों के टूरिज्म पर असर डाला है। हालांकि, अब ये देश टूरिस्टों की संख्या बढ़ाने के साथ यादगार अनुभव देने पर भी फोकस कर रहे हैं। ऐसे में अगर आप दिवाली, क्रिसमस या नए साल की छुट्टियों पर विदेश घूमने का प्लान कर रहे हैं, तो ये देश आपकी लिस्ट में जरूर शामिल हो सकते हैं।
ओमान के टूरिज्म मंत्रालय के टूरिज्म प्रचार निदेशालय के सहायक निदेशक यूसुफ खलफ अल मुजैजी ने कहा कि आज के यात्री किसी जगह पर सिर्फ घूमकर लौटना नहीं चाहते, बल्कि वहां बिताए समय की यादें साथ लेकर जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ओमान की कोशिश भी इसी सोच के साथ आगे बढ़ने की है, जिसमें ज्यादा संख्या के बजाय अच्छे अनुभव को महत्व दिया जा रहा है। ओमान भारतीय यात्रियों को परिवार के साथ घूमने, आराम, रोमांच, प्रकृति, संस्कृति से जुड़े अनुभवों के विकल्प देता है। सलालाह का खरीफ मौसम भी इनमें खास है। मकसद यह है कि भारतीय यात्री ओमान को केवल छोटी छुट्टी या रास्ते में रुकने की जगह न मानें।
यूसुफ ने बताया कि जनवरी से जून 2026 के बीच 3,81,305 भारतीय पर्यटक ओमान पहुंचे। मई में अकेले 81,797 भारतीय ओमान गए, जो हाल के कई दशकों में एक महीने में भारतीय पर्यटकों की सबसे बड़ी संख्या है। उनके मुताबिक अब चुनौती इस रुचि को लंबे समय की मांग में बदलने की है।
टूरिज्म पर बढ़ा रहे हैं फोकस
यूसुफ के मुताबिक कि ट्रैवल कॉस्ट को केवल खर्च के तौर पर नहीं देखना चाहिए। जरूरी यह है कि पर्यटक जितना पैसा खर्च करे, उसके बदले उसे उतना ही अच्छा अनुभव मिले। इसी वजह से ओमान पहाड़ों, समुद्र, रेगिस्तान, पुरानी विरासत और स्थानीय जीवन से जुड़े अनुभवों को आगे बढ़ा रहा है। यात्रा कराने वाले एजेंटों और कारोबार से जुड़े लोगों की भूमिका पर भी जोर दिया जा रहा है। ओमान का मानना है कि भारतीय यात्रियों को किसी नए देश के बारे में जानकारी देने और यात्रा की योजना बनाने में इनकी बड़ी भूमिका होती है। खाड़ी देशों के बीच बेहतर हवाई संपर्क और आपसी सहयोग से पूरे क्षेत्र में टूरिज्म को बढ़ावा देने की संभावनाएं हैं।
क्रिसमस, न्यू ईयर के लिए यहां हो रही अधिक बुकिंग
स्टिक ट्रैवल ग्रुप के चेयरमैन और फाउंडर सुभाष गोयल ने कहा कि अमेरिका-ईरान के बीच तनाव ने खाड़ी देशों के टूरिज्म पर शुरुआत में काफी असर डाला। इंडियन टूरिस्ट ने शुरुआत में काफी बुकिंग रोक दी। हालांकि, अब हालात सुधरने लगे हैं। अपने पीक से खाड़ी देशों का टूरिज्म अब बहुत पीछे नहीं है। गोयल ने बताया कि भारतीय दिवाली, क्रिसमस, न्यू ईयर सेलिब्रेशन के लिए ओमान, दुबई, वियतनाम, थाईलैंड, मलेशिया और कंबोडिया जैसे देशों की बुकिंग सबसे ज्यादा करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब भारतीय घूमने से ज्यादा अनुभव पर ज्यादा फोकस करने लगे हैं। वह उन देशों की बेस्ट जगह, अनुभव, लोकल लोगों के साथ मिलना और यादगार पल छुट्टियों में जीना चाहते हैं।
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