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शेख हसीना पर फिर गिड़गिड़ाया बांग्लादेश, अब खुद आगे आए PM तारिक रहमान; भारत से क्या गुहार?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

नई दिल्ली में हसीना के  डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेन्स करने के बाद भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में तनाव आ गया है। हसीना ने कहा है कि जेल या मौत की सज़ा के ख़तरे के बावजूद वह दिसंबर में देश लौटेंगी।

पूर्वी पड़ोसी देश बांग्लादेश ने एक बार फिर अपनी पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को लेकर भारत से गुहार लगाई है। सोमवार को बांग्लादेश ने शेख हसीना के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज़ करने और दोनों देशों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए अनुकूल माहौल बनाने की अपील की। ​​यह अपील तब की गई जब प्रधानमंत्री तारिक़ रहमान ने ढाका में भारतीय दूत दिनेश त्रिवेदी से मुलाक़ात कर संबंधों की समीक्षा की। ढाका ने हसीना के प्रत्यर्पण की अपनी पुरानी मांग को तब दोहराया है, जब पूर्व प्रधानमंत्री हसीना ने नई दिल्ली में एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दिसंबर में बांग्लादेश लौटने की अपनी योजनाओं के बारे में बात की।

अगस्त 2024 में बांग्लादेश से भागने के बाद से हसीना भारत में स्वनिर्वासित जीवन बिता रही हैं और नई दिल्ली में उनकी मौजूदगी दोनों देशों के संबंधों में एक बड़ी अड़चन बनी हुई है। बांग्लादेश सरकार के बयान के अनुसार,भारतीय दूत दिनेश त्रिवेदी ने ढाका में प्रधानमंत्री कार्यालय में तारिक़ रहमान से “शिष्टाचार मुलाक़ात” की और बैठक में “महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुद्दों” पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री और त्रिवेदी के बीच यह पहली मुलाकात थी; त्रिवेदी को लगभग दो महीने पहले ही राजनीतिक नियुक्ति के तहत ढाका भेजा गया था।

बांग्लादेश को उम्मीद है कि…

बंगाली भाषा में जारी बयान में कहा गया है, “बांग्लादेश को उम्मीद है कि भारत शेख हसीना के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में तेज़ी लाएगा।” बयान के अनुसार, तारिक़ रहमान ने “दोनों देशों के बीच संबंधों को और आगे बढ़ाने के लिए अनुकूल माहौल बनाने की ज़रूरत पर जोर दिया है।” विदेश मंत्री खलीलुर रहमान, जो विदेश मामलों में प्रधानमंत्री के सलाहकार हुमायूं कबीर के साथ बैठक में शामिल हुए थे, ने बाद में पत्रकारों को बताया कि “दोषी भगोड़ी शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठा और हमने उनसे प्रत्यर्पण में तेज़ी लाने को कहा गया है।” उन्होंने आगे कहा, “हमें उम्मीद है कि भारत इस मुद्दे पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देगा।”

शेख हसीना ने न्यायपालिका की अवमानना ​​की

खलीलुर रहमान ने कहा कि भारतीय पक्ष ने हसीना के मामले में बांग्लादेश का रुख समझ लिया है। उन्होंने कहा कि शेख हसीना एक दोषी व्यक्ति हैं और इस बात पर ज़ोर दिया कि 5 अगस्त को नई दिल्ली में उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस ने बांग्लादेश राज्य के स्तंभों में से एक न्यायपालिका की अवमानना ​​की। नयी दिल्ली में भी बांग्लादेश के उच्चायोग ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि यह मुलाकात करीब आधे घंटे चली तथा इससे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध और एवं साझेदारी की मजबूती में मदद मिलने की उम्मीद है।

पीएम रहमान से दिनेश त्रिवेदी की पहली मुलाकात

ढाका में भारत के उच्चायुक्त के तौर पर पदभार संभालने के छह हफ्ते से भी अधिक समय बाद त्रिवेदी की यह बांग्लादेश के प्रधानमंत्री से पहली मुलाकात है। वह भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं तथा उच्चायुक्त के तौर पर उन्हें केंद्रीय मंत्री का दर्जा प्राप्त है। वह यह राजनयिक पद संभालने वाले पहले नेता हैं। यह बैठक ऐसे कयासों के बीच हुई कि रहमान, जिन्हें भारत ने नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है, 12-13 सितंबर को होने वाले इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकते हैं।

भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में तनाव

नई दिल्ली में हसीना के प्रेस को ‘डिजिटल तरीके से संबोधित करने के बाद भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में तनाव आ गया है। हसीना ने कहा है कि जेल या मौत की सज़ा के ख़तरे के बावजूद उनका दिसंबर में देश लौटने और लोकतंत्र बहाल करके देश को ‘सही रास्ते’ पर लाने का पक्का इरादा है। बांग्लादेश ने मीडिया के साथ हुई इस बातचीत पर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए कहा कि इस घटना से वहां के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और इससे भारत के साथ द्विपक्षीय संबंध बेहतर बनाने की कोशिशों पर बुरा असर पड़ सकता है। उन्होंने हसीना को ‘फरार और नरसंहार की अभियुक्त’ बताया।

हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय ने सात अगस्त को कहा था कि हसीना से जुड़े उस मीडिया कार्यक्रम में उसकी कोई भूमिका नहीं थी और वह उस मंच पर बांग्लादेश सरकार के बारे में कही गई किसी भी बात का समर्थन नहीं करता है। रविवार को त्रिवेदी ने कहा कि रहमान और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच बैठक से द्विपक्षीय संबंधों की समस्याओं को सुलझाने में मदद मिल सकती है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN