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स्प्लिट के बाद शानदार तिमाही नतीजे, दौड़ पड़ा यह शेयर, दांव लगाना सही या नहीं?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • जुलाई में कंपनी शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी
  • इसके बाद कंपनी के बोर्ड ने 1:10 के स्टॉक स्प्लिट का ऐलान किया
  • अब कंपनी ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए हैं

Waterways Leisure Tourism share: बाजार में सोमवार को भले ही बिकवाली रही हो लेकिन कुछ शेयर को खरीदने की होड़ सी थी। ऐसा ही एक शेयर कॉर्डेलिया क्रूज ब्रांड की ऑपरेटर कंपनी वाटरवेज लीजर टूरिज्म लिमिटेड का है। इस कंपनी के शेयर कई कॉर्पोरेट घोषणाओं की वजह से चर्चा में हैं। बता दें कि इसी साल जुलाई महीने में कंपनी शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी।

क्या हैं अहम ऐलान?

दरअसल, जुलाई में कंपनी शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी। इसके बाद कंपनी के बोर्ड ने 1:10 के स्टॉक स्प्लिट का ऐलान किया ताकि छोटे निवेशक भी इसमें निवेश कर सकें। स्प्लिट के बाद कंपनी ने शुक्रवार को सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए। इस तिमाही में शानदार नतीजे के बाद सोमवार को वाटरवेज लीजर टूरिज्म लिमिटेड के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखी गई।

शेयर का परफॉर्मेंस

शेयर बीएसई पर 100.85 रुपये की पिछली क्लोजिंग के मुकाबले करीब 6 पर्सेंट बढ़कर 110.90 रुपये तक पहुंच गए। इसके बाद शेयर की क्लोजिंग 3.77% बढ़कर 104.65 रुपये पर हुई। शेयर के 52 हफ्ते का हाई और लो क्रमश:118.55 रुपये और 62.33 रुपये है। च्वाइस ब्रोकिंग के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुमीत बगड़िया ने कहा, ” कंपनी का शेयर प्राइस ₹100 से ₹120 की रेंज में है। अगर यह क्लोजिंग के आधार पर ₹120 प्रति शेयर के लेवल को पार करता है, तो हम स्टॉक में एक नया तेजी का ट्रेंड देख सकते हैं। इसलिए, जिन लोगों के पोर्टफोलियो में यह स्टॉक है, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे ₹97 पर स्ट्रिक्ट स्टॉप-लॉस बनाए रखते हुए इसे होल्ड करें जबकि नए इन्वेस्टर्स को ₹120 के ऊपर ब्रेकआउट का इंतजार करना चाहिए।”

बता दें कि कंपनी ने 1:10 रेश्यो के स्टॉक स्प्लिट की घोषणा की थी। इसका ऐलान करते वक्त कंपनी ने कहा था कि इस स्प्लिट का मकसद शेयरों में लिक्विडिटी बढ़ाना, रिटेल निवेशकों के लिए इसे सस्ता बनाना, शेयरधारकों का दायरा बढ़ाना और कुल मिलाकर मार्केट में भागीदारी को बढ़ावा देना था। कंपनी ने यह भी दावा किया कि स्टॉक स्प्लिट से ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ने और शेयरधारकों का दायरा बढ़ने की उम्मीद थी जबकि कंपनी के कुल कैपिटल स्ट्रक्चर या असल वैल्यू पर कोई असर नहीं पड़ने वाला था।

कैसे रहे तिमाही नतीजे

सितंबर 2026 तिमाही पर एक्सपर्ट SEBI-रजिस्टर्ड मार्केट एक्सपर्ट अनुज गुप्ता ने कहा, “कंपनी ने Q2 में लगातार बेहतर नतीजे दिखाए हैं, जो YoY (साल-दर-साल) और QoQ (तिमाही-दर-तिमाही) दोनों आधार पर अच्छे रहे हैं। सितंबर 2026 तिमाही के दौरान कंपनी का रेवेन्यू लगभग 133 करोड़ रुपये रहा, जो सितंबर 2025 तिमाही के 101.50 करोड़ रुपये के रेवेन्यू के मुकाबले YoY आधार पर लगभग 31% अधिक है।”

30 सितंबर 2026 को खत्म हुई छह महीने की अवधि के दौरान कंपनी ने ऑपरेशन्स से 323 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 277.85 करोड़ रुपये था। कंपनी ने FY27 की पहली छमाही के दौरान अपनी यात्राओं में अच्छी मांग बनाए रखी और लोड फैक्टर 91.23% रहा। औसत टिकट की कीमत में YoY आधार पर 6% की बढ़ोतरी हुई, जिसमें लगातार मांग और बेहतर टिकट यील्ड्स का योगदान रहा।

कब आया था आईपीओ?

कंपनी का आईपीओ 808 रुपये प्रति शेयर के अपर प्राइस बैंड पर लाया गया था। स्टॉक की लिस्टिंग तो सुस्त रही लेकिन लिस्टिंग के बाद इसमें जबरदस्त खरीदारी देखी गई। 1:10 स्टॉक स्प्लिट के बाद IPO अलॉटमेंट के जरिए शेयर पाने वाले निवेशकों की निवेश कीमत घटकर लगभग 81 रुपये हो गई। आज शेयर की कीमत लगभग 107 रुपये प्रति शेयर है। इस तरह, स्टॉक लिस्टिंग के लगभग तीन महीनों में कंपनी का शेयर इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 32% ऊपर है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN