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चांद को क्या मालूम चाहता है उसे कोई चकोर… पर क्या आपको मालूम है कि ये चकोर क्या होता है? प्रेमगीतों में ये शब्द खूब इस्तेमाल होता है। पाकिस्तान से भी इसका बड़ा कनेक्शन है।

हिंदी फिल्मों के रोमांटिक गानों में बड़े प्यारे अलंकार इस्तेमाल होते रहे हैं। कई का मतलब हमें आज तक नहीं पता लेकिन म्यूजिक लवर्स बिना सोचे ये गाने गाते रहते हैं। ऐसा ही एक शब्द है चकोर। बहुत से नए पुराने गानों में इसका इसे लिया गया है। जैसे चांद को क्या मालूम चाहता है उसे कोई चकोर। गाना बहुत प्यारा है। फिल्म का नाम, हीरो-हिरोइन किसी को कुछ याद हो ना हो पर ये गाना अभी तक गाया जाता है। अगर आप भी उन लोगों में से हैं जिन्हें चकोर की कहानी नहीं पता तो यहां जान सकते हैं।

जानें क्या है चकोर

गानों में अगर एकतरफा प्यार की बात हो और चांद का जिक्र आए तो गीतकार चकोर की बात जरूर करते हैं। जैसे कोयला फिल्म में शाहरुख बोलते हैं, बादलों को मोर देखे, चांद को चकोर देखे, तुझको नसीबों वाला… एक और गाना है आजा तुझको पुकारे मेरे गीत, इसमें एक लाइन है, चांद-चकोरी की प्रेम कहानी, प्रेम जगत में सबसे पुरानी। कम लोग जानते हैं कि चकोर एक पक्षी होता है। यह पक्षी काल्पनिक नहीं बल्कि तीतर फैमिली से ताल्लुक रखता है।

पाकिस्तान से कनेक्शन

इंट्रेस्टिंग बात ये है कि ये चकोर पाकिस्तान का राष्ट्रीय पक्षी है। वहां भी इसे सच्चे प्यार का प्रतीक माना जाता है। चकोर हिमालय की पहाड़ियों, कश्मीर, अफगानिस्तान और मध्य एशिया में पाया जाता है। यह काफी सुंदर दिखता है। चकोर और चांद का कनेक्शन वैज्ञानिक नहीं हालांकि कई काल्पनिक कहानियों में इसका जिक्र मिलता है। इन कहानियों में बताया जाता है कि चकोर पक्षी चंद्रमा का दीवाना होता है और यह इसकी चांदनी से ही पेट भरता है।

शायर मानते हैं सच्चे प्यार का प्रतीक

ऐसा कहा जाता है कि चांदनी रात में यह चुपचाप बैठकर चांद को ताकता रहता है। इसे अनकंडीशनल लव का प्रतीक मानकर शायर और कवि अपनी रचनाओं में मेटाफर के तौर पर लेते हैं। इसकी वैज्ञानिक वजह यह है कि चकोर बायलॉजिकली से चांदनी रात में ज्यादा एक्टिव रहता है। यह झुंड इकट्ठा करता और शोर मचाता है, शायद सालों पहले वहीं से यह कहानीं शुरू हुई।

फ्लॉप फिल्म का हिट गाना

चांद को क्या मालूम गाने की बात करें तो यह लाल बंगला फिल्म का है। मूवी 1966 में रिलीज हुई थी। फिल्म फ्लॉप थी लेकिन गाना अभी तक हिट है। इस गाने में चकोर के प्यार का जिक्र है। गाना मुकेश की आवाज में है और उसे इंदीवर ने लिखा है।

गाने की लिरिक्स में छिपी चकोर की कहानी

चांद को क्या मालूम

चाहता है उसे कोई चकोर

वो बेचारा दूर से देखे

दूर से देखे और ललचाए

प्यास नजर की बढ़ती जाए,

बढ़ती जाए, बदली क्या जाने

पागल किसके मन का मोर

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