Home rss world hindi अमेरिका में ग्रीन कार्ड आवेदकों को बड़ा झटका: 35767 वर्क परमिट रिजेक्ट,...

अमेरिका में ग्रीन कार्ड आवेदकों को बड़ा झटका: 35767 वर्क परमिट रिजेक्ट, रिजेक्शन रेट 44% पर पहुंचा

6
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

अमेरिका की नागरिकता और इमिग्रेशन एजेंसी ने अप्रैल से जून 2026 के दौरान 35,767 लोगों के वर्क परमिट आवेदन खारिज कर दिए। ये वे विदेशी नागरिक थे जो ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर चुके थे।

अमेरिका में ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया चलने के दौरान वर्क परमिट पाना और मुश्किल हो गया है। अमेरिकी नागरिकता और इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) ने अप्रैल से जून 2026 के दौरान 35767 लोगों के एम्प्लॉयमेंट ऑथराइजेशन (वर्क परमिट) आवेदन खारिज कर दिए। इससे मना करने की दर करीब 44 प्रतिशत हो गई। ये आंकड़े अमेरिकी सरकार के वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के हैं, जो 1 अक्टूबर 2025 से 30 सितंबर 2026 तक चलेगी। यह दर अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 तक की पहली दो तिमाहियों में दर्ज लगभग 25 प्रतिशत मना करने की दर से काफी ज्यादा है। इसका मतलब है कि जिन विदेशी नागरिकों का ग्रीन कार्ड आवेदन अभी रिव्यू में है, उन्हें काम की कानूनी अनुमति मिलने में बड़ी बाधाएं आ रही हैं।

कितने आवेदन आए और कितने खारिज हुए?

इस तिमाही में USCIS को स्टेटस एडजस्टमेंट (Adjustment of Status) के तहत Form I-765 के जरिए कुल 1,53,039 आवेदन मिले। इनमें से एजेंसी ने 46,405 आवेदकों को मंजूरी दी और 35,767 आवेदनों को खारिज कर दिया। Form I-765 वह फॉर्म है जिसके जरिए योग्य विदेशी नागरिक एम्प्लॉयमेंट ऑथराइजेशन डॉक्यूमेंट (EAD) यानी वर्क परमिट हासिल कर सकते हैं। इससे वे अमेरिका में सभी इमिग्रेशन नियमों का पालन करते हुए कानूनी रूप से नौकरी कर सकते हैं। वर्तमान में एडजस्टमेंट ऑफ स्टेटस के रास्ते से Form I-765 की मंजूरी का इंतजार कर रहे आवेदनों की संख्या 6,71,362 पहुंच गई है। इन पर औसत इंतजार का समय 6.4 महीने है।

अन्य इमिग्रेशन आवेदनों में भी मना करने की दर हाई

इसी अवधि में दूसरे इमिग्रेशन रास्तों में भी मना करने की दर काफी ऊंची रही। Form I-129, जो H-1B वीजा चाहने वाले अस्थायी विदेशी कर्मचारियों की याचिकाओं को संभालता है, उसमें 39,560 आवेदन खारिज हुए जबकि 1,43,748 को मंजूरी मिली। इससे मना करने की दर करीब 22 प्रतिशत रही। परिवार आधारित इमिग्रेशन याचिकाओं (Form I-130) में 16,661 आवेदन खारिज हुए, जो कुल फैसलों का लगभग 17 प्रतिशत है। वहीं, नौकरी आधारित इमिग्रेंट वर्कर याचिकाओं (Form I-140) में 7,069 आवेदन खारिज और 37,975 मंजूर हुए, जिससे मना करने की दर करीब 16 प्रतिशत रही। नौकरी आधारित ग्रीन कार्ड आवेदनों (Form I-485) का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा और मना करने की दर लगभग 7 प्रतिशत पर रही।

नागरिकता आवेदनों में मना करने की दर बढ़ी

आंकड़ों से पता चला कि इस तिमाही में नागरिकता (नैचुरलाइजेशन) आवेदनों को भी ज्यादा कठिन नतीजे मिले। USCIS ने Form N-400 के जरिए 1,40,179 नागरिकता आवेदन प्रोसेस किए। इनमें से 54,974 को मंजूरी दी गई और 12,591 को खारिज कर दिया गया। मना करने की दर बढ़कर लगभग 19 प्रतिशत हो गई, जो इससे पहले की दो वित्तीय तिमाहियों में 13 प्रतिशत थी। नागरिकता के लंबित आवेदनों की संख्या बढ़कर 7,27,371 हो गई है और फैसले के लिए औसत इंतजार का समय 9.5 महीने है।

फीस बढ़ाने की तैयारी

इन सब के बीच सरकार इमिग्रेशन से जुड़ी फीस बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठा रही है। 16 अक्टूबर 2026 से शरण याचिका, वर्क परमिट और टेम्पररी प्रोटेक्टेड स्टेटस की फीस हर साल महंगाई के हिसाब से बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा एक और प्रस्ताव में होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने सुझाव दिया है कि विदेशी छात्रों को ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) के लिए सिफारिश करने पर विश्वविद्यालयों को 70,000 डॉलर की फीस देनी होगी। प्रोग्राम बढ़ाने पर अतिरिक्त 30,000 डॉलर का शुल्क भी लगेगा। इससे विश्वविद्यालयों और विदेश से आने वाले छात्रों दोनों का खर्च बढ़ सकता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN