Source :- LIVE HINDUSTAN
ईरान के साथ जारी तनाव के बीच अमेरिका में एक सैन्य घटना ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। खबर है कि अरब सागर में लैंडिंग के बाद से ही एक हेलीकॉप्टर के चालक दल में शामिल 1 सदस्य गायब है। फिलहाल, घटना की वजह साफ नहीं हुई है।
अमेरिकी नौसेना के एक हेलीकॉप्टर को अरब सागर में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी है। खास बात है कि इस लैंडिंग के बाद से ही चालक दल का एक सदस्य गायब है, जिसकी तलाश की जा रही है। अब तक इस आपातकाल लैंडिंग की वजह साफ नहीं हो सकी है। खास बात है कि हेलीकॉप्टर में कुल 4 लोग सवार थे, जिनमें से तीन को बचा लिया गया है और बताया जा रहा है कि उनकी हालत स्थिर है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, MH-60S सी हॉक ने अरब सागर में इमरजेंसी लैंडिंग की थी। यह विमान यूएसएस जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश युद्धपोत पर तैनात था। अमेरिकी नेवल फोर्सेज सेंट्रल कमांड ने लिखा, ‘1 जुलाई को सुबह 3:30 बजे, यूएसएस जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश पर तैनात एक MH-60S सी हॉक हेलीकॉप्टर के पायलटों को आपातकालीन स्थिति में अरब सागर में पानी पर लैंडिंग करनी पड़ी।’ फिलहाल, इस आपातकाल लैंडिंग को लेकर जांच शुरू हो चुकी है।
4 में से 3 मिले
नौसेना ने कहा, ‘ऐसा कोई संकेत नहीं है कि यह इमरजेंसी किसी दुश्मन की कार्रवाई की वजह से हुई थी।’ उन्होंने बताया, ‘हेलीकॉप्टर के चार क्रू सदस्यों में से तीन को सुरक्षित निकाल लिया गया है और जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश पर उनकी हालत स्थिर है।’ आगे जानकारी दी गई, ‘क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी नौसेना के संसाधन फिलहाल लापता चल रहे अन्य क्रू सदस्य की तलाश कर रहे हैं।’
खतरनाक है पानी पर लैंडिंग
रॉयटर्स के अनुसार, पानी पर हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग बेहद जोखिम भरी होती है, यहां तक कि माहिर पायलटों के लिए भी। इसकी वजह यह है कि हेलीकॉप्टर का ऊपरी हिस्सा काफी भारी होता है, जिससे पानी में डूबते ही उसके तुरंत पलट जाने का खतरा बहुत ज्यादा रहता है। इसके अलावा इस इलाके में तैनात अमेरिकी सैनिक भी पूरी तरह चौकन्ने हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम होने के बावजूद बीच-बीच में अचानक हिंसक झड़पें होती रहती हैं।
नए दौर की बातचीत
ईरान और अमेरिका ने कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में दोहा में परोक्ष वार्ता का एक नया दौर शुरू किया है। चारों पक्षों में यह चर्चा स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच सीधे संवाद के पहले दौर के कुछ दिनों बाद हो रही है। इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य पिछले महीने किए गए समझौते को लागू करना है। इसमें विशेष रूप से ईरान की रोकी गयी संपत्तियों और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने से जुड़े मामलों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
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