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इमरान खान के समर्थकों का हौसला देख सहमे शहबाज शरीफ, अब बातचीत की करने लगे पेशकश

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Source :- LIVE HINDUSTAN

शहबाज शरीफ का यह बयान सरकार और पीटीआई के बीच बातचीत टूटने के बाद आया है। हाल में नेशनल असेंबली के स्पीकर अयाज सादिक के चैंबर में दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई थी, लेकिन यह किसी नतीजे तक नहीं पहुंच सकी।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने विपक्षी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) को बातचीत की सशर्त पेशकश की है। उन्होंने कहा है कि अगर पीटीआई इस्लामाबाद की ओर चल रहे अपने लॉन्ग मार्च को तुरंत खत्म कर देती है, तो सरकार बातचीत के लिए तैयार है। राजधानी में कार्यक्रम के दौरान शरीफ ने पीटीआई से अपना रुख बदलने और प्रदर्शन की राजनीति छोड़ने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि सड़क पर लगातार विरोध-प्रदर्शन से पाकिस्तान में अस्थिरता का दौर फिर लौट सकता है। शरीफ ने कहा कि देश पहले ही लंबे समय तक राजनीतिक उथल-पुथल का सामना कर चुका है और अब ऐसी स्थिति दोबारा पैदा नहीं होनी चाहिए।

शहबाज शरीफ का यह बयान सरकार और पीटीआई के बीच बातचीत टूटने के बाद आया है। हाल में नेशनल असेंबली के स्पीकर अयाज सादिक के चैंबर में दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई थी, लेकिन यह किसी नतीजे तक नहीं पहुंच सकी। शरीफ ने PTI नेतृत्व पर बातचीत में ईमानदारी से आगे नहीं बढ़ने का आरोप लगाया। उनका दावा है कि बातचीत के दौरान जिन मुद्दों पर पहले सहमति बनी थी, पीटीआई ने बाद में उनमें बदलाव कर दिया। सरकार का कहना है कि उसने राजनीतिक तनाव कम करने और विवाद सुलझाने के इरादे से बातचीत शुरू की थी, लेकिन विपक्ष का रुख टकराव जारी रखने वाला रहा।

अर्थव्यवस्था को लेकर जताई चिंता

प्रधानमंत्री शरीफ ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि करीब ढाई साल की कड़ी आर्थिक स्थिरीकरण प्रक्रिया के बाद देश की अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत दिखाई देने लगे हैं। मैन्युफैक्चरिंग, रेमिटेंस और एक्सपोर्ट के क्षेत्र में सकारात्मक संकेत मिले हैं। शरीफ ने कहा कि ऐसे समय में लंबे धरने और मार्च से कारोबार और विकास की गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। अगर विरोध के कारण देश की आर्थिक गतिविधियां रुकती हैं तो इससे पाकिस्तान के राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने राजनीतिक अस्थिरता के पुराने दौर की ओर इशारा करते हुए कहा कि देश को फिर से उसी स्थिति में नहीं जाने दिया जा सकता।

ऐक्शन की भी दी चेतावनी

शहबाज शरीफ ने साफ किया कि संघीय सरकार पीटीआई के साथ बैठकर संवैधानिक तरीके से राजनीतिक विवादों का शांतिपूर्ण समाधान निकालने के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि सड़क पर मार्च के जरिए सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश के दौरान कोई नई बातचीत नहीं होगी। सरकार का कहना है कि राजनीतिक संवाद का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं हुआ है, लेकिन राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है। शरीफ ने संकेत दिया कि अगर विरोध-प्रदर्शन से सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होती है या इस्लामाबाद को ठप करने की कोशिश होती है, तो कानून लागू कराने वाली एजेंसियां कार्रवाई करेंगी।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN