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यरुशलम में ऐसा क्या हुआ कि कि इजरायल-ब्रिटेन में ठन गई? ‘जैसे को तैसा’ से बढ़ी टेंशन

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Source :- LIVE HINDUSTAN

अगर इजरायल इस हफ्ते पूर्वी यरुशलम में ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास बंद करने के आदेश पर अमल करता है, तो ब्रिटेन इजरायली राजनयिकों को देश से निकाल सकता है। यह विवाद इजरायली बस्तियों पर ब्रिटेन के प्रतिबंध से जुड़ा है।

यरुशलम में एक पुराना वाणिज्य दूतावास बंद होने की कगार पर है, और इसके साथ ब्रिटेन और इजरायल के रिश्ते भी टूटने के मुहाने पर पहुंच गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अगर इजरायल इस हफ्ते पूर्वी यरुशलम में ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास बंद करने के आदेश पर अमल करता है, तो ब्रिटेन जवाबी कार्रवाई में इजरायली राजनयिकों को देश से निकाल सकता है। बताया जा रहा है कि यह टकराव इजरायली बस्तियों पर ब्रिटेन के प्रतिबंध से उपजा है, और दोनों पुराने सहयोगी देशों के बीच तनाव अब नए निचले स्तर पर पहुंच गया है।

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, इजरायल ने 8 सितंबर को ब्रिटेन को आदेश दिया था कि वह 30 दिन के अंदर पूर्वी यरुशलम का वाणिज्य दूतावास बंद करे और वहां से अपने राजनयिकों को हटा ले। यह आदेश ब्रिटेन के उस ऐलान के बाद आया, जिसमें उसने कब्जे वाले वेस्ट बैंक की इजरायली बस्तियों में बने सामान पर व्यापार प्रतिबंध लगाने की बात कही थी। सूत्रों के मुताबिक, वाणिज्य दूतावास बंद करने की 30 दिन की समय-सीमा गुरुवार को खत्म हो रही है। इससे वहां काम करने वाले करीब 30 ब्रिटिश राजनयिक और उनके परिवार प्रभावित होंगे।

रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया कि अगर वाणिज्य दूतावास बंद होता है, तो ब्रिटेन भी लंदन में इजरायली दूतावास से उतने ही इजरायली राजनयिकों को निकाल सकता है। सूत्रों ने यह नहीं बताया कि ब्रिटेन कितनी जल्दी कदम उठाएगा। ब्रिटेन द्वारा प्रतिबंधों की घोषणा के बाद इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सार ने लंदन पर इस महीने होने वाले इजरायली आम चुनाव में दखल देने का आरोप लगाया था। ब्रिटिश विदेश मंत्रालय ने टिप्पणी के अनुरोध का जवाब नहीं दिया। इजरायली विदेश मंत्रालय ने भी कुछ कहने से इनकार कर दिया। हालांकि एक इजरायली अधिकारी ने कहा कि इजरायल के खिलाफ किसी भी कदम का जवाब दिया जाएगा।

ब्रिटेन के प्रतिबंध और इजरायल की प्रतिक्रिया ने दोनों पुराने सहयोगी देशों के रिश्तों को और खराब कर दिया है। ब्रिटेन गाजा युद्ध में इजरायल की कार्रवाइयों और फिलिस्तीनियों पर इजरायली बसावटों के हमलों की बार-बार आलोचना करता रहा है। दूसरी ओर इजरायली सरकार ने ब्रिटेन की लेबर पार्टी पर इजरायल के प्रति दुश्मनी का आरोप लगाया है।

बता दें कि पूर्वी यरुशलम के शेख जर्राह इलाके में स्थित ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास शहर के साथ-साथ वेस्ट बैंक और गाजा में फिलिस्तीनियों से संबंध संभालता है। यह फिलिस्तीनियों को कांसुलर सेवाएं भी देता है। यह दूतावास करीब 200 साल से यरुशलम में है, यानी 1948 में इजरायल के बनने से बहुत पहले से।

गौरतलब है कि ब्रिटेन के शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जोनाथन पॉवेल पिछले हफ्ते चुपके से इजरायल गए थे, ताकि वाणिज्य दूतावास खुला रखने का कोई रास्ता निकाला जा सके, लेकिन कोई समझौता नहीं हो पाया। खबर है कि ब्रिटेन ने यूरोपीय देशों से कहा है कि वे यह मुद्दा इजरायल के सामने उठाएं, ताकि सरकार अपना फैसला बदल दे। वहीं, इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सार के प्रवक्ता ने सोमवार को कहा था कि वाणिज्य दूतावास गुरुवार को बंद हो जाएगा।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN