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ईरान को क्यों याद आया शोले का ठाकुर? UN की ऐसी किरकिरी, मीम देख नहीं रोक पाएंगे हंसी

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Source :- LIVE HINDUSTAN

ईरान पहले भी मजेदार मीम के जरिए तंज कसता रहा है। अलग-अलग देशों के ईरानी दूतावास अक्सर फनी मीम पोस्ट कर अमेरिका को निशाना बनाते हैं। इस बार उनका निशाना संयुक्त राष्ट्र बना है। ठाकुर का जिक्र क्यों?

अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी खत्म होने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जहां अपनी जीत के दावे करते नहीं थकते, वहीं दूसरी तरफ ईरान भी रुकने के मूड में नहीं है। इस बीच अब ईरान ने संयुक्त राष्ट्र पर करारा तंज कसा है। भारत में स्थित ईरानी दूतावास ने UN को निहत्था बता दिया है। लेकिन ईरान ने अपनी बात रखने के लिए जो तस्वीर चुनी है, उसकी खूब चर्चा हो रही है।

दरअसल इरानी दूतावास ने संयुक्त राष्ट्र पर तंज कसने के लिए बॉलीवुड के एक मशहूर कैरेक्टर का सहारा लिया है। ये कैरेक्टर है शोले का ठाकुर। ईरान ने ठाकुर की तस्वीर को एक मीम के रूप में शेयर किया है और कहने की कोशिश की है कि UN कागजों पर भले ही ताकतवर हो, लेकिन वास्तविकता में उसकी एक नहीं चलती।

मीम में क्या?

इरानी दूतावास ने मंगलवार को यह मीम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया। इसमें दो तस्वीरें नजर आ रही हैं। पहली तस्वीर पर लिखा है, “स्कूल की किताबों के मुताबिक यूएन।” इसमें मार्वल सुपरहीरो ‘डॉक्टर स्ट्रेंज’ की तस्वीर है, जिसके कई हाथ दिखाए गए हैं। ईरान ने यह कहने की कोशिश की है कि किताबों में संयुक्त राष्ट्र को हर मोर्चे पर काम करने वाली एक शक्तिशाली संस्था बताया जाता है।

इसके साथ ही दूसरे पोस्टर पर 1975 की ब्लॉकबस्टर फिल्म शोले के किरदार ‘ठाकुर बलदेव सिंह’ की तस्वीर है। फिल्म में ठाकुर के दोनों हाथ कटे हुए थे। इस तस्वीर पर लिखा है, “वास्तविकता में UN”, यानी ईरान के मुताबिक यह एक ऐसी संस्था है, जो बिना हाथों के पूरी तरह बेबस और असहाय है।

क्यों कसा तंज?

ईरान ने यह मीम ऐसे समय पर शेयर किया गया है जब न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) का 81वां सत्र चल रहा है। हालांकि वैश्विक संघर्षों को रोकने में यूएन पूरी तरह से बेबस नजर आ रहा है। ईरान-अमेरिका युद्ध के दौरान भी संयुक्त राष्ट्र बार-बार दोनों देशों से तनाव कम करने और बातचीत की अपील करता रहा, लेकिन जमीनी स्तर पर जंग नहीं खत्म करवा पाया। ऐसे में ईरानी दूतावास के इस मीम का सीधा संदेश यह है कि जब बड़े और शक्तिशाली देश सीधे तौर पर युद्ध में शामिल होते हैं, तो संयुक्त राष्ट्र के पास कार्रवाई करने की शक्ति नहीं बचती और वह हाथ कटे ‘ठाकुर’ की तरह लाचार बनकर देखता रह जाता है।

मशहूर हो गई है ईरान की मीम डिप्लोमेसी

ईरानी दूतावास युद्ध की शुरुआत से ही सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं। अलग-अलग देशों में स्थित ईरानी दूतावास अक्सर अमेरिका और उसके साथियों पर मीम के जरिए तंज कसते रहते हैं। इसे मीम डिप्लोमेसी का नाम भी दिया जा रहा है। यानी मीम का इस्तेमाल कर नैरेटिव बनाने की कोशिश।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN