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कहीं पेट्रोल ₹2.24 तो कहीं ₹421.80/ लीटर, रेट में क्यों है इतना अंतर?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

दुनिया में कहीं पेट्रोल 2.24 रुपये लीटर है तो कहीं 421.80 रुपये लीटर। हांगकांग में पेट्रोल की कीमत भारत से चार गुना अधिक है। जबकि, लीबिया, ईरान और वेनेजुएला में करीब 32 से 48 गुना सस्ता। ग्लोबल पेट्रोल प्राइसेज के आंकड़ों के मुताबिक भारत में पेट्रोल का औसत रेट 108.70 रुपये लीटर है। जबकि, दुनिया में ऑक्टेन-95 पेट्रोल की औसत कीमत करीब ₹151.81 लीटर है।

आज पेट्रोल-डीजल के दाम क्या हैं

बेंचमार्क दिल्ली में आज भी पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये लीटर है। भारत में सबसे सस्ता पेट्रोल पोर्ट ब्लेयर में 88.66 रुपये लीटर है, जबकि यहां 1 लीटर डीजल की कीमत 84.56 रुपये है। जबकि, महंगा पेट्रोल आंध्र प्रदेश के चित्तूर में 118.34 रुपये लीटर है। चित्तूर में डीजल भी 106.06 रुपये लीटर है।

इस साल भारत में पेट्रोल-डीजल कितना हुआ महंगा

भारत में पिछले एक साल में पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ी है। सितंबर 2025 में यहां पेट्रोल की औसत कीमत ₹101.13 थी और सितंबर 2026 तक बढ़कर ₹108.70 प्रति लीटर हो गई है। इसमें करीब 7.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। डीजल ₹90.53 से बढ़कर ₹98.14 हुआ, यानी करीब 8.4 फीसदी की वृद्धि हुई है।

पेट्रोल की कीमतों में इतना अंतर क्यों?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें देशों के लिए एक महत्वपूर्ण आधार हैं, लेकिन पंप पर मिलने वाला अंतिम भाव सिर्फ कच्चे तेल की कीमत से तय नहीं होता। इसमें रिफाइनिंग लागत, परिवहन, वितरण, स्थानीय टैक्स, वैट, एक्साइज ड्यूटी और सरकारी सब्सिडी जैसे कई कंपोनेंट शामिल होते हैं। इसी कारण एक ही अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार से कच्चा तेल खरीदने वाले दो देशों में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमत काफी अलग हो सकती है।

कच्चे तेल की कीमतें 60% से ज्यादा ऊपर

साल की शुरुआत की तुलना में तेल की कीमतें 60% से ज्यादा ऊपर हैं, जिससे दुनिया भर में महंगाई का दबाव बढ़ने की आशंका बनी हुई है। अगर होर्मुज मार्ग खुलता है और मध्य-पूर्व से तेल की आपूर्ति सामान्य होती है, तो वैश्विक सप्लाई का दबाव कम हो सकता है। इसके उलट संघर्ष या आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

कच्चे तेल की तेजी थमी, लेकिन ब्रेंट अभी 100 डॉलर के पार

अमेरिका और ईरान के बीच चरणबद्ध समझौते की संभावना से कच्चे तेल की कीमतों में शुक्रवार को शुरुआती तेजी थमती नजर आई। बातचीत से जुड़े एक व्यक्ति के मुताबिक दोनों देश ऐसा समझौता तलाश रहे हैं, जिसके तहत ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोल सकता है।

गुरुवार को करीब 3% चढ़ने के बाद WTI क्रूड 94 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है। आज यानी शुक्रवार सुबह 6:02 बजे WTI नवंबर वायदा 1.03% गिरकर 93.64 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। वहीं ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बंद हुआ था।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN