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कैंसर सेल्स को खत्म करने के लिए कीमो कराया जाता है, जो शरीर की इम्यूनिटी पावर को जीरो कर देती है। ऐसे में अगर मरीज का खान-पान सही न हो तो उसे इंफेक्शन हो सकता है। लखनऊ के ऑन्कोलॉजिस्ट ने बताया कि मरीज को क्या खिलाएं और क्या नहीं।
भारत में लगातार कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं और यही कारण है अब कैंसर से लड़ने के लिए लोगों को ज्यादा जागरूक किया जा रहा है। कैंसर भले ही गंभीर बीमारी है लेकिन सही समय और तरीके से इलाज होने पर इससे छुटकारा पाया जा सकता है। कैंसर के इलाज के दौरान कीमो हर मरीज का किया जाता है। कीमोथेरेपी ही कैंसर को खत्म करने में सबसे खास रोल निभाती है लेकिन इस दौरान मरीज की हालत बिल्कुल उस बच्चे की तरह होती है, जो 2 दिन पहले जन्मा हो। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि कीमो के बाद पेशेंट की इम्यूनिटी जीरो हो जाती है, उन्हें इंफेक्शन का खतरा ज्यादा होता है। ऐसे में जरूरी है कि उनके खान-पान पर खास ध्यान दिया जाए और सफाई से रखा जाए। कई बार हम जाने-अनजाने में कीमो के बाद कुछ ऐसी चीजें मरीजों को खिला देते हैं, जो फ्रेश और हेल्दी होने के बाद भी उनके लिए जहर बन जाती है। लखनऊ के 15 साल से ज्यादा अनुभव के साथ सीनियर ऑन्कोलॉजिस्ट डॉक्टर हर्षवर्धन अत्रेय ने वीडियो शेयर करते हुए बताया कि कीमो के बाद मरीज को क्या खिलाना चाहिए और क्या नहीं।
कीमो के बाद क्यों कमजोर हो जाती है इम्यूनिटी?
कीमोथेरेपी (Chemotherapy) नसों के जरिए इंजेक्शन या ड्रिप से मरीज को दी जाती है। कुछ मामलों में ये दवा के रूप में भी होती है। कीमो कैंसर सेल्स को पूरी तरह से खत्म करने के लिए दिया जाता है लेकिन इशका असर सिर्फ कैंसर सेल्स पर ही नहीं बल्कि कई बार हेल्दी कोशिकाओं पर भी पड़ता है। यही वजह है कि कीमो के बाद मरीज की इम्यूनिटी जीरो हो जाती है। शरीर WBC (व्हाइट ब्लड सेल्स) को खत्म करने लगती है, जो शरीर को इंफेक्शन से बचाने में मदद करते हैं। यही कारण है कि मरीज कमजोर होता है। खासतौर पर कीमो के बाद 7 से 14 दिनों को ज्यादा गंभीर माना जाता है। इस दौरान मरीज को बैक्टीरिया, वायरस और फूड इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
फ्रेश और हेल्दी फूड्स भी बन जाते हैं जहर
डॉक्टर अत्रेय का कहना है कि कीमो होने के बाद अक्सर हम मरीज को ताजे फल, जूस बनाकर देते हैं, जिससे उसे एनर्जी मिले। लेकिन कई बार हेल्दी और ताजा दिखने वाले ये फूड्स कैंसर के मरीज की सेहत के लिए जहर बन जाते हैं। अगर आपने गलत खाना खाया और बैक्टीरिया शरीर में घुस गया तो इंफेक्शन हो जाएगा। ऐसे में एडमिट करना पड़ेगा कीमो डिले होगा और शरीर और कमजोर हो जाएगा। डॉक्टर ने कहा कि कुछ ऐसी चीजें हैं, जो कीमो के बाद ध्यान में रखकर मरीज को खाने के लिए देनी चाहिए। अगर आप यहां पर सावधानी बरतेंगे तो कीमो बिना रुके पूरा हो सकता है। चलिए बताते हैं क्या चीजें मरीज को नहीं देनी है और क्या दे सकते हैं।
क्या खाने के लिए न दें-
बासी खाना
कटे हुए फल
बिना धुली हरी सब्जियों का सलाद
अनपाश्चराइज्ड डेयरी प्रोडक्ट्स
बाहर का खाना (स्ट्रीट फूड्स)
कच्चा शहद और गुड़ (अनप्रोसेस्ड होता है)
क्या खिलाना चाहिए-
डॉक्टर अत्रेय ने कैंसर पेशेंट के लिए 3 जोन में खाना डिवाइड कर बताया है। उनका कहना है कि अगर सही पोर्शन में खाना खाएंगे तो नुकसान नहीं करेगा और आप स्वस्थ रहेंगे। उन्होंने 3 यानी ग्रीन, येलो और रेड जोन बनाए हैं। अब जानते हैं आखिर क्या-क्या खिला सकते हैं-
- ग्रीन जोन- लौकी, तोरई, भिंडी जो भी हरी सब्जियां आप पकाकर खिलाएं। इसमें रूल यही है कि बासी खाना न हो और घर का बना हुआ हो। ऐसे में आप कोई भी हरी सब्जी खा सकते हैं। इसे 50 परसेंट रखा है क्योंकि सब्जियों में फायबर होता है, यह आसानी से पच जाता है और मल्टी-विटामिन्स होते हैं, जो इंफेक्शन से बचाएंगे।
- येलो जोन- येलो जोन है आपके लिए स्ट्रेंथ बिल्डर और इसमें आएगी प्रोटीन की बारी। इसमें आपको 25% पोर्शन प्लेट में रखना है। इसमें अरहर, मूंग, मसूर की दाल, फ्रेश पनीर, उबला अंडा या चिकन खाएं। आपको प्रोटीन शेक नहीं पीना है और बाहर वाला दूध भी नहीं। ऐसे में भिगे हुए बादाम और काजू भी रिस्की होते हैं।
- रेड जोन- यह आपके लिए फ्यूल जैसा काम करेंगे। इसमें आपको बाकि 25% पोर्शन खाना है, अब इसमें आएगा रोटी, चावल, खिचड़ी। अब लोग कहेंगे कि रोटी-चावल शुगर बढ़ाते हैं लेकिन कीमो के बाद ऐसा नहीं होता। आपके शरीर को उस वक्त कार्बोहाइड्रेट की जरूरत है, जिससे एनर्जी मिलेगी। वह एनर्जी सिर्फ रोटी और चावल ही दे सकते हैं। बस आपका ज्यादा तला-भूना या पराठे या फिर बाहर की बिरयानी नहीं खानी है।
अगर आप सही पोर्शन प्लेट के मुताबिक खाना खाते हैं, तो शरीर में एनर्जी रहेगी और इंफेक्शन का खतरा भी कम होगा। ऐसे में आप अपनी कीमो साइकिल को सही समय पर पूरा कर पाएंगे। वैसे तो आप अपने डॉक्टर से डायट चार्ट बनवा सकते हैं लेकिन सिंपल खाना सबसे बेस्ट होता है। बस रूल यही है कि बासी, बाहर वाला खाना न खाएं।
नोट- यह खबर सामान्य जानकारियों पर आधारित है। किसी भी तरह की विशेष जानकारी के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ से उचित सलाह लें।
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