Source :- LIVE HINDUSTAN
ऐसा कहा जा रहा कि जब बच्चा बाढ़ के पानी में बह रहा था, तब एक बेजुबान जानवर ने अपनी जान की परवाह किए बिना उसकी जिंदगी बचा ली। वीडियो को नेपाल की हालिया बाढ़ और तबाही से जोड़कर बड़ी संख्या में शेयर किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें एक कुत्ता बाढ़ के तेज बहाव के बीच बच्चे को बचाता हुआ नजर आ रहा है। इस वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह नेपाल में हालिया बाढ़ के दौरान का है। इंटरनेट यूजर्स इसे शेयर करते हुए लिख रहे हैं कि जब बच्चा बाढ़ के पानी में बह रहा था, तब एक बेजुबान जानवर ने अपनी जान की परवाह किए बिना उसकी जिंदगी बचा ली। वीडियो को नेपाल की हालिया बाढ़ और तबाही से जोड़कर बड़ी संख्या में शेयर किया जा रहा है। लेकिन क्या वाकई यह वीडियो नेपाल का है? क्या कुत्ते ने सच में बाढ़ के पानी में बह रहे बच्चे की जान बचाई? चलिए इस वायरल वीडियो का फैक्ट चेक करते हैं।
पीटीआई फैक्ट चेक ने वायरल वीडियो की पड़ताल की है। इसके लिए सबसे पहले इसके कई प्रमुख फ्रेम निकाले और उनकी रिवर्स इमेज सर्च की। जांच के दौरान यही वीडियो सोशल मीडिया के दूसरे प्लेटफॉर्म पर भी मिला। वीडियो के निचले दाएं हिस्से में ‘Al Sayed Corner’ नाम का वॉटरमार्क दिखाई दिया। इस नाम के आधार पर जब आगे जांच की गई तो इसी नाम का एक इंस्टाग्राम अकाउंट मिला। खास बात यह थी कि इस अकाउंट पर भी बिल्कुल यही वीडियो मौजूद था। लेकिन यहां कहानी का अहम हिस्सा सामने आया।
फैक्ट चेक में क्या निकलकर आया सामने
अकाउंट पर वीडियो के साथ साफ तौर पर बताया गया था कि इसे AI से बनाया गया है और किसी सच्ची घटना को नहीं दिखाता है। अकाउंट की दूसरी पोस्टों की जांच से भी पता चला कि वहां AI से तैयार किए गए वीडियो शेयर किए जाते हैं। इसके बाद वायरल वीडियो की तकनीकी जांच भी की गई। इसमें AI से तैयार किए जाने की काफी अधिक संभावना सामने आई। एक टूल ने वीडियो के कई हिस्सों और अलग-अलग समय पर ऐसे संकेत पाए, जो इसे रीयल नहीं बताते हैं।
वायरल वीडियो को केवल सोशल मीडिया पर मिले स्रोत से ही नहीं, बल्कि तकनीकी जांच के जरिए भी परखा गया। इन सभी सबूतों को जोड़ने पर यह साफ हुआ कि वायरल वीडियो किसी बाढ़ या बचाव अभियान का वीडियो नहीं है। इस तरह सोशल मीडिया पर नेपाल की हालिया बाढ़ से जोड़कर वायरल किया जा रहा यह वीडियो AI से बनाया गया है। इसमें कुत्ते की ओर से बच्चे को बाढ़ के पानी से बचाने की घटना सच्ची नहीं है।
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