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खामेनेई की अंतिम यात्रा के बाद ईरान में हलचल, क्यों दागी होर्मुज में जहाजों पर मिसाइलें

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Source :- LIVE HINDUSTAN

अंतिम यात्रा के दौरान खामेनेई की मौत का बदला लेने की मांग तेज होती गई। शोक व्यक्त कर रहे लोगों और उनके हाथों में मौजूद पोस्टरों-बैनरों पर ट्रंप तथा इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की हत्या की मांग वाले संदेश लिखे दिखाई दिए।

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास दो कमर्शियल जहाजों पर मिसाइलें दागी। इससे पहले ईरान ने जहाजों को ओमान के पास अमेरिका द्वारा स्वीकृत लेकिन ईरान द्वारा अधिकृत नहीं किए गए समुद्री मार्ग का उपयोग नहीं करने की चेतावनी दी थी। यह दावा द वाल स्ट्री जर्नल की रिपोर्ट में किया गया है।

आईआरजीसी ने समुद्री रेडियो के माध्यम से जहाजों को चेतावनी दी थी कि हमारी मिसाइलें और ड्रोन आप पर हमला करने के लिए तैयार हैं। यूनाइटेड मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने बताया कि उसे सूचना मिली है कि ओमान के लिमाह तट से लगभग आठ समुद्री मील पूर्व एक तेल टैंकर के बाईं ओर (पोर्ट साइड) से हमला हुआ, जिससे उसमें आग लग गई। इस घटना में हालांकि किसी के हताहत होने या पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की कोई सूचना नहीं है।

क्यों किया हमला

ईरान का रुख स्पष्ट है कि जहाज ईरान के तय समुद्री रास्ते पर नहीं चल रहा था और ओमान के पास जिस अनधिकृत रास्ते का इस्तेमाल किया गया, उसकी घोषणा ईरान से बिना तालमेल स्थापित किए हुए की गई थी।

गौरतलब है कि अमेरिका होर्मुज में अपनी शर्तें थोपना चाहता है। ईरान ने यह स्पष्ट कहा है कि उसकी मंज़ूरी के बिना कोई भी उसके आस-पास के समुद्री रास्तों का फिर से उपयोग नहीं कर सकता।

अयातुल्ला खामेनेई का अंतिम संस्कार

ये घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है, जब एक दिन पहले ही राजधानी तेहरान में दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा निकाली गई थी। खबरें हैं कि जुलूस में शामिल लोग अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तख्तियां, पोस्टर और बैनर लिए हुए थे। ईरान के राष्ट्रीय ध्वज में लिपटे खामेनेई के ताबूत को एक ट्रक में रखा गया। इसी ट्रक में उनके परिजनों के ताबूत भी रखे गए जो 28 फरवरी को युद्ध की शुरुआत में इजरायल और अमेरिका के हवाई हमले में मारे गए थे।

ईरान की धार्मिक सत्ता ने इस भारी जनसमूह को अपनी ताकत के प्रदर्शन के रूप में प्रोत्साहित किया। यह जुटान ऐसे समय में हुआ, जब ईरान उस युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है, जिसमें खामेनेई की मौत हो गई थी। ईरानी सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित तस्वीरों में तेहरान के आज़ादी चौक से उसी नाम वाली सड़क पर कई किलोमीटर तक फैली विशाल भीड़ दिखाई दी।

यह जनसमूह वर्ष 2020 में दिवंगत कासिम सुलेमानी की अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ से भी बड़ा नजर आया। उस जुलूस में 10 लाख से अधिक लोग शामिल हुए थे। सुलेमानी कुद्स फोर्स के प्रमुख थे।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN