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‘संस्कृत से निकलीं 40 पर्सेंट भाषाएं’, हिंदू धर्म को लेकर क्या बोले सबसे बड़े मुस्लिम देश के राष्ट्रपति

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Source :- LIVE HINDUSTAN

प्रधानमंत्री मोदी इन दिनों इंडोनेशिया के दौरे पर हैं। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने कहा कि हिंदू धर्म और भारत के साथ उनका पुराना नाता है। उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया का राष्ट्रीय प्रतीक गरुण भी हिंदू धर्म से ही लिया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों इंडोनेशिया के दौरे पर हैं। इंडोनेशिया में उनका भव्य स्वागत किया गया। वहीं मंगलवार को पीएम मोदी को इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान ‘बिन्तांग आदिपूर्ण ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ से नवाजा गया है। भारत और यहां की संस्कृति की तारीफ करते हुए इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने कहा कि हिंदू धर्म का उनके देश में गहरा प्रभाव है। उन्होंने कहा कि दुनियाभर की 40 फीसदी से ज्यादा भाषाएं संस्कृत से ही निकली हैं।

हिंदू धर्म से है गहरा नाता

सुबियांतो ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा मेरे लिए बहुत प्रसन्नता की बात है। यह हमारे संबंधों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। हमारे बीच इंटेंसिव और प्रोडक्टिव दोनों तरह की बातें हुई हैं। हमारे बीच बातचीत के बहुत ही सार्थक नतीजें सामने आएंगे। उन्होंने कहा, इंडोनेशिया की संस्कृति और इतिहास हिंदू संस्कृति से प्रभावित रहा है। हमारी 40 प्रतिशत से ज्यादा भाषाएं संस्कृत से निकली हैं। हमें लगता है कि हमारा राष्ट्रीय प्रतीक गरुण भी पुराणों से ही लिया गया है। यह हिंदू संस्कृति का हिस्सा है। इतिहास पर गौर करें तो हमारे बीच बहुत प्रगाढ़ संबंध रहे हैं। बता दें कि इंडोनेशिया दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम देश है और यहां 24 से 25 करोड़ मुसलमान रहते हैं।

रणनीतिक साझेदारी की नई उड़ान

पीएम मोदी ने कहा कि आज से भारत और इंडोनेशिया की साझेदारी का एक सुनहरा अध्याय शुरू हो रहा है। उन्होंने कहा कि 2018 में बनी हमारी समग्र रणनीतिक साझेदारी आज एक नई उड़ान ले रही है। उन्होंने कहा, ‘हम विकास, सुरक्षा , प्रौद्योगिकी संस्कृति और शिक्षा हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रहे हैं। मुझे विश्वास है, आज से भारत-इंडोनेशिया साझेदारी का एक सुनहरा अध्याय शुरू होगा।’

प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच बढ़ता विश्वास हमारी रक्षा, सुरक्षा और समुद्री क्षेत्र में सहयोग को मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने आज रक्षा आदान-प्रदान आपदा प्रबंधन और औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनाई है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा आज हुए समझौतों से भारत की गुणवत्तापूर्ण और किफायती दवाएं अब इंडोनेशिया के नागरिकों को और सहजता से उपलब्ध होंगी।

प्रधानमंत्री ने मौजूदा परिस्थितियों में प्रौद्योगिकी और आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों ने महत्वपूर्ण खनिजों और इस्पात के क्षेत्र में आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने के लिए एक अहम समझौता किया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की कंपनियों के बीच इस्पात और दुर्लभ मैग्नेट को लेकर साझेदारी की नई शुरुआत हो रही है।

पीएम मोदी ने कहा कि यह बहुत अच्छी बात है कि अब भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली यूपीआई का इंडोनेशिया की भुगतान प्रणाली के साथ एकीकरण होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे व्यापार सुगमता बढ़ेगी और पर्यटन क्षेत्र को भी लाभ होगा। उन्होंने कहा कि दोनों देश गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की ऐतिहासिक इंडोनेशिया यात्रा का शताब्दी वर्ष धूम-धाम से मनाएंगे। भारत-इंडोनेशिया, इस शताब्दी वर्ष को “टैगोर और देवान्तरा कल्चरल एण्ड एजुकेशनल डिप्लोमेसी। ईयर” के रूप में मनाएंगे।

दुनिया के कुछ हिस्सों में चल रहे टकराव पर श्री मोदी ने कहा कि वैश्विक उथल-पुथल के इस दौर में भारत का मानना है कि संवाद और कूटनीति की भूमिका, पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि फिलस्तीन के विषय पर हम ‘दो देश’ समाधान और दीर्घावधि शांति का समर्थन करते हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN