Source :- LIVE HINDUSTAN
साल 2026 टाटा ग्रुप की कई कंपनियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है, लेकिन सबसे बड़ा झटका देश की सबसे बड़ी IT कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने दिया है। हैरानी की बात यह है कि इस साल के पहले 6 महीनों में अकेले TCS की मार्केट वैल्यू में जितनी गिरावट आई है, वह पूरे टाटा ग्रुप की कुल मार्केट वैल्यू में हुई गिरावट से भी ज्यादा है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।
साल की शुरुआत में TCS का मार्केट कैप करीब 11.6 लाख करोड़ रुपये था, जो अब घटकर 8 लाख करोड़ रुपये से भी नीचे पहुंच गया है, यानी कंपनी की वैल्यू में लगभग 4 लाख करोड़ रुपये की भारी कमी आई है। दूसरी तरफ पूरे टाटा ग्रुप का मार्केट कैप 27.7 लाख करोड़ रुपये से घटकर 24 लाख करोड़ रुपये पर आ गया है, यानी समूह की कुल वैल्यू में लगभग 3.6 लाख करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई है।
TCS के शेयरों की हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह शेयर जून 2020 के बाद सबसे निचले स्तर पर कारोबार कर रहा है। साल 2026 के पहले 6 महीनों में से 5 महीनों में TCS के शेयरों में गिरावट देखने को मिली है। इतिहास पर नजर डालें तो TCS में आखिरी बार इतनी बड़ी सालाना गिरावट 2008 में आई थी, जब शेयर करीब 55% टूट गया था। फिलहाल, शेयर में 30% से ज्यादा की गिरावट का खतरा मंडरा रहा है।
हालांकि, टाटा ग्रुप की सभी कंपनियों का प्रदर्शन खराब नहीं रहा। कुछ कंपनियों ने इस मुश्किल समय में भी शानदार प्रदर्शन किया है। टाइटन और टाटा स्टील इस साल के सबसे बड़े स्टार बनकर उभरे हैं। टाटा स्टील ने अपने मार्केट कैप में लगभग 30,000 करोड़ रुपये का इजाफा किया है, जबकि टाइटन की वैल्यू करीब 14,000 करोड़ रुपये बढ़ी है। इसके अलावा टाटा पावर ने भी करीब 9,000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की है।
वहीं, दूसरी ओर कुछ कंपनियों ने निवेशकों को निराश किया है। टाटा मोटर्स के कमर्शियल व्हीकल बिजनेस की मार्केट वैल्यू करीब 20,000 करोड़ रुपये घटी है। ट्रेंट, टाटा कंज्यूमर और टाटा एल्क्सी जैसी कंपनियों में भी हजारों करोड़ रुपये की गिरावट देखी गई है।
एक्सपर्ट का मानना है कि TCS और पूरे IT सेक्टर पर वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, कमजोर टेक खर्च और विदेशी बाजारों में सुस्ती का असर पड़ा है। अमेरिका और यूरोप जैसे बड़े बाजारों में IT सर्विस की डिमांड धीमी होने से निवेशकों का भरोसा भी कमजोर हुआ है।
हालांकि, TCS अब भी टाटा ग्रुप की सबसे बड़ी कंपनी बनी हुई है। लेकिन, मौजूदा हालात यह सवाल जरूर खड़ा कर रहे हैं कि क्या TCS में गिरावट का दौर खत्म होने वाला है या निवेशकों को अभी और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। आने वाले तिमाही नतीजे और वैश्विक IT सेक्टर की स्थिति इस सवाल का जवाब तय करेंगे।
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