Source :- LIVE HINDUSTAN
देशभर में करोड़ों परिवारों को रसोई गैस की सुविधा देने वाली प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) से जुड़े लोगों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत मिलने वाली सब्सिडी वाले LPG सिलेंडरों की संख्या घटा दी है। अब लाभार्थियों को साल में 9 की जगह केवल 4 सिलेंडरों पर ही अतिरिक्त सब्सिडी का लाभ मिलेगा। सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब पश्चिम एशिया (Middle East) में जारी तनाव और कच्चे तेल व गैस की बढ़ती कीमतों के कारण LPG की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेज उछाल देखा जा रहा है।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG की कीमत इतनी बढ़ गई है कि एक घरेलू गैस सिलेंडर की वास्तविक लागत 1,600 रुपये से अधिक पहुंच चुकी है। इसके बावजूद आम उपभोक्ताओं को 14.2 किलोग्राम का घरेलू सिलेंडर सिर्फ 942 रुपये में मिल रहा है, यानी सरकार और सरकारी तेल कंपनियां अभी भी उपभोक्ताओं को भारी राहत दे रही हैं।
सिर्फ 4 सिलेंडरों पर ही मिलेगी सब्सिडी
मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को पहले की तरह पहले 4 सिलेंडरों पर 300 रुपये प्रति सिलेंडर की अतिरिक्त सब्सिडी मिलेगी, जो सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी। इसका मतलब है कि इन लाभार्थियों के लिए पहले 4 सिलेंडरों की प्रभावी कीमत लगभग 642 रुपये रहेगी। सरकार के मुताबिक यह अंतरराष्ट्रीय कीमत की तुलना में करीब 60% सस्ता है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने क्या कहा?
पेट्रोलियम मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रवीण खानूजा ने बताया कि केवल उज्ज्वला उपभोक्ताओं को ही नहीं, बल्कि सामान्य उपभोक्ताओं को भी अप्रत्यक्ष सब्सिडी मिल रही है। अगर LPG सिलेंडर की वास्तविक कीमत 1,600 रुपये से अधिक है और उपभोक्ता इसे 942 रुपये में खरीद रहे हैं, तो गैर-उज्ज्वला ग्राहकों को भी करीब 700 रुपये प्रति सिलेंडर की राहत मिल रही है। वहीं, उज्ज्वला लाभार्थियों को कुल मिलाकर लगभग 1,000 रुपये प्रति सिलेंडर का फायदा मिल रहा है।
60,000 करोड़ रुपये पहुंचा घाटा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, घरेलू LPG बिक्री पर तेल विपणन कंपनियों (OMCs) का घाटा लगातार बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक यह घाटा बढ़कर 60,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह 41,338 करोड़ रुपये था। इस नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र सरकार पहले ही 30,000 करोड़ रुपये की सहायता को मंजूरी दे चुकी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े जोखिमों के कारण LPG और कच्चे तेल की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में सरकार पर सब्सिडी का बोझ भी बढ़ रहा है। यही वजह है कि उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या सीमित करने का फैसला लिया गया है।
हालांकि, सरकार का कहना है कि मौजूदा हालात में भी देश के करोड़ों गरीब परिवारों को रियायती दर पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। लेकिन, साल में केवल 4 सब्सिडी वाले सिलेंडरों की सीमा तय होने के बाद कई परिवारों के घरेलू बजट पर असर पड़ सकता है, खासकर उन लोगों पर जो पूरी तरह LPG पर निर्भर हैं।
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