Source :- LIVE HINDUSTAN
यह बयान ऐसे समय में आया जब अमेरिका-ईरान के बीच नाजुक युद्धविराम चल रहा है। तीन महीने पहले शुरू हुए संघर्ष में अमेरिका-इजरायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले किए थे, जिससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रभावित हुआ।
अमेरिकी रक्षा सचिव पेटे हेगसेथ ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है। सिंगापुर में सुरक्षा सम्मेलन के दौरान उन्होंने कहा कि तेहारान या तो परमाणु मुद्दे पर सौदा कर ले या फिर अमेरिकी वार डिपार्मेंट का सामना करे। उन्होंने बातचीत में प्रगति पर आशा जताई लेकिन सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि ईरान अब सही दिशा में आ रहा है और वार्ता उत्पादक रही है।
पेटे हेगसेथ ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कैबिनेट मीटिंग वाले बयान का हवाला देते हुए कहा, ‘ईरान या तो टेबल पर सौदा कर सकता है या मेरे बाएं वाले व्यक्ति (यानी खुद) से निपट सकता है।’ यह बयान ऐसे समय में आया जब अमेरिका-ईरान के बीच नाजुक युद्धविराम चल रहा है। तीन महीने पहले शुरू हुए संघर्ष में अमेरिका-इजरायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले किए थे, जिससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रभावित हुआ और वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित हुई।
बातचीत में कहां फंसा है पेच
हेगसेथ ने जोर दिया कि ट्रंप कोई भी सौदा तभी करेंगे जब वह ग्रेट डील हो, जिसमें ईरान परमाणु हथियार विकसित न कर सके। हेगसेथ ने स्वीकार किया कि ईरान अपने परमाणु महत्वाकांक्षाओं को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हो सकता, लेकिन सही प्रोत्साहन और दबाव के साथ टेबल पर यह संभव है। उन्होंने अमेरिकी सैन्य तैयारी पर भरोसा जताते हुए कहा कि अगर जरूरी हुआ तो हम पहले से भी मजबूत स्थिति में हमला कर सकते हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को तुरंत खोलने, खदानों को हटाने और ईरान के समृद्ध यूरेनियम स्टॉक को नष्ट करने की मांग की है। प्रस्तावित समझौता 60 दिनों के युद्धविराम विस्तार पर केंद्रित है, जिसमें व्यापक परमाणु वार्ता शामिल होगी। ईरानी पक्ष ने विश्वास की कमी जताई है क्योंकि पहले भी वार्ता के दौरान हमले हुए थे। ईरान का फोकस फिलहाल युद्ध समाप्त करने पर है, न कि परमाणु विवरण पर। अमेरिकी अधिकारी इसे उच्च-दांव वाली वार्ता बता रहे हैं, जिसमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की टीम सक्रिय है।
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