Source :- LIVE HINDUSTAN
काफी सारे लोग कम उम्र में ही हार्ट अटैक से मर रहे ऐसे में ये समझने की जरूरत है कि हार्ट डिसीज का रिस्क केवल ज्यादा उम्र में हो ये जरूरी नहीं। कम उम्र और फिट दिखने वाले लोगों को भी हार्ट डिसीज का रिस्क हो सकता है ऐसे में इन संकेतों को अनदेखा ना करें।
हार्ट अटैक का रिस्क केवल बूढ़े लोगों को नहीं होता। अब ये रिस्क कम उम्र में भी लोगों को हो रहा और तेजी से हार्ट अटैक से मरने वालों की संख्या भी बढ़ रही। साउथ एशियन लोगों में कॉर्डियोवस्कुलर रिस्क कम उम्र में ही शुरू हो जा रहा जिसके कुछ खास जेनेटिक और मेटाबॉलिक फैक्टर्स हैं जो जवान और फिट दिखने वाले लोगों को चुपके से दिल का मरीज बना रहा।जो लोग कम उम्र के हैं और फिट दिख रहे उन्हें भी दिल की बीमारियों का रिस्क है और उन्हें कुछ संकेतों को अनदेखा नहीं करना चाहिए।
इस बारे में डॉ.दिबांशु गुप्ता, इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट, सर्वोदय अस्पताल, जालंधर बताते हैं कि फिट होने का मतलब जरूरी नहीं कि आपका दिल भी स्वस्थ हो, आप नॉर्मल वजन के हो सकते हैं हेल्दी दिख सकते हैं और फिजिकली भी एक्टिव हों लेकिन फिर भी आपको दिल से जुड़े रिस्क के कारण छिपे हो सकते हैं। काफी सारे कारण हैं जो हार्ट हेल्थ को प्रभावित करते हैं, जैसे हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, स्मोकिंग, फैमिली हिस्ट्री, काफी समय से चल रहा स्ट्रेस और टेंशन, खराब नींद और अनहेल्दी डाइट।
दिल से जुड़ी समस्याएं अक्सर कई वजह से पता नहीं लग पाती हैं, लेकिन सबसे कॉमन इनमे से एक यह है कि शुरुआती जो चेतावनी वाले इशारे होते हैं वो काफी छोटे होते हैं।
हार्ट रिस्क हो सकती हैं ये नॉर्मल समस्याएं
कई बार दिल से जुड़ी दिक्कतों के छिपे हुए संकेत भी बहुत ही नॉर्मल होते हैं, जिन्हें अक्सर लोग रोजमर्रा की दिक्कतें मानते हैं। जैसे
1- असामान्य
थकान,
2- एक्सरसाइज करते वक्त एनर्जी में कमी
3- उन एक्टीविटी में सांस लेने में तकलीफ शामिल हो सकती है जो
आसानी से हो सकते हैं।
4- चक्कर आना,
5- धड़कन तेज रहना
6- बिना वजह पसीना आना।
7- पारंपरिक सीने के दर्द के
बजाय कुछ लोगों को छाती, पीठ, जबड़े, कंधों या बाहों में दर्द या दबाव हो सकता है।
दिल से जुड़ी दिक्कतें इन छिपे कारणों से होती हैं
कई बार लोगों को हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल होता है और इसके कोई लक्षण ना होने की वजह से लोगों को इसकी जानकारी नहीं होती और जब सालों तक ये दिक्कतें बिना इलाज और गलत खानपान के बनी रहती हैं तो दिल की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि जरूरी नहीं कि जब भी आपको सांस लेने में तकलीफ हो रही या थकान हो तो हार्ट डिसीज का रिस्क हो क्योंकि कुछ और सिचुएशन में भी ये सारी समस्याएं हो सकती है।
इन संकतों को ना करें इग्नोर
डॉक्टर के मुताबिक इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि अगर शरीर में कुछ नया और अचानक से परिवर्तन देखने को मिल रहा तो उसे इग्नोर करने की गलती ना करें।
अगर एक्सरसाइज के दौरान कुछ चेंज महसूस हो रहा
या फिर सांस लेने में बार-बार दिक्कत हो रही
या फिर छाती में असुविधा महसूस हो रही
दिल की धड़कन असामान्य तरीके से बढ़ रही
तो इसे थकान समझकर अनदेखा ना करें और डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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