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हर दिन 10 हजार कदम चलकर 30 दिन बाद महिला को मिला ये रिजल्ट, जानिए असली सीख

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Source :- LIVE HINDUSTAN

फिट रहने के लिए रोजाना 10,000 स्टेप्स चलने की सलाह दी जाती है। अगर आप भी इतने कदम चलने के बारे में सोच रहे हैं तो यहां हम एक महिला का एक्सपीरियंस शेयर कर रहे हैं जिससे आपको मदद मिल सकती है। 

हेल्दी और फिट रहने के लिए रोजाना 10,000 कदम चलने की सलाह दी जाती है। हालाेंकि, बहुत से लोग आज भी ऐसे हैं जो इसे फॉलो नहीं करते हैं। जबकि खुद को हेल्दी रखने का ये एक आसान और बेहतरीन तरीका है। अगर आप आज भी 10,000 कदम चलने से पहले संकोच कर रहे हैं तो आपको यहां बताए गए महिला के एक्सपीरियंस को जरूर जानना चाहिए। 30 दिनों तक रोजाना 10,000 कदम चलने वाली महिला ने अपने एक्सपीरियंस को शेयर किया है। उनका एक्सपीरियंस, गलती और सीख आपके भी काम आ सकती है। जानिए-

कैसी थी महिला 10,000 कदम चलने की शुरुआत

उन्होंने बताया कि जब शुरुआत की थी, तो उन्हें लगा था कि रोज 10,000 कदम चलना नामुमकिन है। क्योंकि शुरुआत में यह बहुत मुश्किल लगता था, लेकिन फिर धीरे-धीरे यह एक आदत बन गई। इन कदम को पूरा करने के लिए उन्होंने कई तरीकों को अपनाया। पहले दिन उन्होंने जिस तरीके को अपनाया उसमें चलते-फिरते ऑफिस की कॉल लेना शुरू किया। अगर कहीं 20 मिनट की वॉक हो सकती थी, तो ट्रांसपोर्ट लेने के बजाय वह पैदल ही चलती थी। ऑफिस आने-जाने के लिए भी पैदल चलना शुरू किया। शुरुआत में उन्होंने इस तरह अपना लक्ष्य पूरा किया। हालांकि उन्होंने कुछ गलतियां भी की जो उनके लिए आगे चलकर सीख बनीं।

क्या की गलती

रोजाना 10.000 कदम चलने के लक्ष्य को पूरा करने के चक्कर में उन्होंने कुछ गलतियां कि जिसमें सबसे बड़ी गलती ये रही की वह एक ही बार में सारा पैदल चलने लगीं। इसके अलावा उन्होंने ज्यादातर स्टेप्स रात के लिए बचाकर रखे। वह दिन में 3,000 कदम चलती और रात में 7,000 कदम। जिसकी वजह से वह हर समय थका हुआ महसूस करती थी। इस गलती के कारण उनकी नींद भी खराब हुई और रोजाना की एनर्जी भी कम हो गई।

बदला तरीका

अपनी गलतियों से सीख लेते हुए महिला ने कुछ बदलाव किए। उन्होंने 10 हजार कदम चलने को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट दिया। उन्होंने इसे एक बड़े सेशन के बजाय पूरे दिन में थोड़ा-थोड़ा करके चलने का लक्ष्य रखा। जिसकी वजह से उन्हें थकान नहीं होती थी, नींद बेहतर हो गई, रोज के काम सामान्य लगने लगे और थका हुआ महसूस करने के बजाय सब कुछ कंट्रोल में लगने लगा।

क्या मिली असली सीख

महिला ने सीखा कि 10,000 कदम कोई एक बड़ा वर्कआउट नहीं है जिसे आप एक बार में पूरा करते हैं। यह पूरे दिन में की जाने वाली छोटी-छोटी एक्टिविटी हैं। जैसे खाना खाते समय, कॉल पर बात करते समय या अपनी रोजाना की जिंदगी जीते हुए पूरा किया जा सकता है।

क्या मिला रिजल्ट

महिला ने शुरुआत रोजाना 10,000 कदमों से की थी। लेकिन अब वह आसानी से रोजाना 15,000 से 20,000 कदम चलती हैं वो भी बिना किसी परेशानी के। इसके अलावा महिला ने 30 दिनों में 3.2 किलो वजन कम किया, वह भी सिर्फ पैदल चलकर और कैलोरी कम करके। कोई जिम नहीं, कोई मुश्किल वर्कआउट प्लान नहीं। सिर्फ एक वॉक, एक आदत जो पूरे दिन में फैली हुई थी। महिला कहती हैं कि मोटिवेशन का इंतजार करना छोड़ें। बस आज ही पैदल चलना शुरू करें।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN