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अडानी की इस कंपनी को मिली पॉजिटिव रेटिंग, आपके पोर्टफोलियो में है शेयर?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • अडानी एंटरप्राइजेज की रेटिंग में CARE रेटिंग्स ने सुधार किया है
  • इस बीच, सप्ताह के तीसरे दिन बुधवार को यह शेयर 3.72% टूटकर 2744 रुपये पर बंद हुआ

अगर आपके पोर्टफोलियो में अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर हैं तो ये खबर आपके काम की हो सकती है। दरअसल, अडानी एंटरप्राइजेज की रेटिंग में CARE रेटिंग्स ने सुधार किया है। रेटिंग एजेंसी ने कंपनी की लॉन्ग-टर्म क्रेडिट रेटिंग को’CARE AA-; स्टेबल’ से बढ़ाकर ‘CARE AA; स्टेबल’ कर दिया है। CARE रेटिंग्स ने कंपनी की शॉर्ट-टर्म रेटिंग को भी ‘CARE A1+’ पर बरकरार रखा है। अडानी एंटरप्राइजेज के मुताबिक यह कंपनी के क्रेडिट इतिहास में अब तक की सबसे अच्छी रेटिंग है।

ये पॉजिटिव खबर ऐसे समय में आई है जब कंपनी के शेयर बिकवाली मोड में हैं। सप्ताह के तीसरे दिन बुधवार को यह शेयर 3.72% टूटकर 2744 रुपये पर बंद हुआ। बुधवार को गिरावट के बावजूद अडानी एंटरप्राइजेज के शेयरों ने 2026 में अब तक बेंचमार्क निफ्टी 50 से बेहतर प्रदर्शन किया है। कंपनी के शेयरों में इस साल अब तक 21.37% की बढ़त हुई है जबकि निफ्टी 50 में 13.55% की गिरावट आई है।

क्या कहा कंपनी ने?

अडानी एंटरप्राइजेज ने कहा, “यह अपग्रेड कंपनी के अनुशासित कैपिटल मैनेजमेंट और सख्त वित्तीय समझदारी की स्वतंत्र पुष्टि करता है।” कंपनी ने पिछले 7 सालों में लगातार अपना क्रेडिट प्रोफाइल मजबूत किया है। इसके साथ ही कोर इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े बढ़ते कैपिटल एक्सपेंडिचर को भी पूरा किया है। कंपनी का मजबूत क्रेडिट इसके अनोखे इनक्यूबेशन प्लेटफॉर्म की मजबूती को और बढ़ाता है और इसके स्टेकहोल्डर्स के लिए लॉन्ग-टर्म वैल्यू सुनिश्चित करता है।

CARE रेटिंग्स के मुताबिक रेटिंग अपग्रेड के पीछे कंपनी की बेहतर वित्तीय स्थिति प्रमुख कारण है। एजेंसी ने कहा कि जुलाई 2026 में अडानी एंटरप्राइजेज ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए 15,000 करोड़ रुपये जुटाए। इससे कंपनी की पूंजी स्थिति मजबूत हुई। इसके अलावा, कंपनी ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी अडानी एयरपोर्ट्स होल्डिंग लिमिटेड (AAHL) में 5.54 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए सब्सक्रिप्शन एग्रीमेंट किया है। इस सौदे में AAHL की प्री-मनी वैल्यूएशन 1.67 लाख करोड़ रुपये रखी गई है।

जून तिमाही के नतीजे

बता दें कि अडानी एंटरप्राइजेज को अमेरिकी ट्रेजरी से जुड़े एकमुश्त भुगतान के कारण लगातार दूसरी तिमाही यानी अप्रैल से जून की अवधि में घाटा हुआ है जबकि हवाई अड्डा और तांबा कारोबार के दम पर कंपनी ने रिकॉर्ड परिचालन लाभ दर्ज किया। कंपनी को चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में 1,160 करोड़ रुपये का घाटा हुआ जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 885 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था। यह गिरावट 2,644 करोड़ रुपये के एकमुश्त शुल्क के कारण हुई, जो अमेरिकी वित्त विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) के निपटान से जुड़ा है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN