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अडानी ग्रुप के भरोसेमंद साथी की तरफ से हुई बिकवाली, हेज फंड्स को भी लगा झटका

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Source :- LIVE HINDUSTAN

Adani Group Stocks: हिंडनबर्ग विवाद तो आपको याद ही होगा। अचानक से अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली थी। शॉर्ट सेलिंग कंपनी की रिपोर्ट ने हर-तरफ तहलका मचा दिया था। लेकिन उस कठिन समय में भी एक अमेरिकी कंपनी थी जो अडानी ग्रुप में बढ़-चढ़कर निवेश कर रही थी। हम बात कर रहे हैं जीक्यूजी पार्टर्नर्स की। अब इस कंपनी ने भी चुपके से अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड के शेयरों की बिक्री की है। यह काफी बड़ी बिकवाली है। जिसकी वजह से सोमवार को अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड के शेयरों का दाम 10 प्रतिशत लुढ़क गया था। मामले की जानकारी रखने वाले व्यक्तियों के अनुसार इस बिक्री से पैसिव फंड्स के डिमांड पर भी असर पड़ा है।

घट गई हिस्सेदारी

जून 2023 में अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस में जीक्यूसी पार्टनर्स की कुल हिस्सेदारी 5.1 प्रतिशत थी। जोकि 31 अगस्त को घटकर 3.46 प्रतिशत हो गई है। फंड का कहना है कि 2023 की बताई गई हिस्सेदारी में कई बार शेयरों की खरीद और बिक्री हुई थी। बता दें, लेटेस्ट फाइलिंग का तब पता चल पाया जब नया बदलाव रेगुलेटरी डिस्क्लोजर की लिमिट को क्रॉस कर गया। हालांकि, यह साफ अबतक नहीं हो पाया है कि सोमावार को जीक्यूजी ने कितने शेयरों की बिक्री थी।

ब्लूमबर्ग के डाटा के अनुसार उस दिन ऑक्शन में जीक्यूजी पार्टनर ने 21.92 मिलियन शेयर बेच दिए थे। अडानी एनर्जी के शेयरों की बिक्री फंड ने 1417 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से की थी। बता दें, दोनों तरफ से इस मसले पर अबतक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

7 महीने में सबसे बड़ी गिरावट

अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के शेयरों में सोमवार को पिछले 7 महीने में सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। बता दें, इस बिक्री के चलते उन हेज फंड कंपनियों को भी झटका लगा है जो 31 अगस्त को MSCI Inc इंडेक्स में रिबैलेंसिंग सोचकर पोजीशन ले चुके थे। अचानक बिकवाली की वजह से बड़ी संख्या में शेयरों की सप्लाई में इजाफा हो गया है।

(यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले सूझ-बूझ के साथ फैसला करें।)

SOURCE : LIVE HINDUSTAN