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अमेरिका से युद्ध खत्म होने की तीन शर्तें, ईरान ने की बातचीत की पहल; अब डोनाल्ड ट्रंप के पाले में गेंद

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Source :- LIVE HINDUSTAN

ईरान ने अमेरिका के साथ युद्ध का अंत करने की पहल की है। इसके लिए उसने तीन शर्तें रखी हैं। इसके साथ ही अब गेंद अमेरिका और उसके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पाले में चली गई है।

ईरान ने अमेरिका के साथ युद्ध का अंत करने की पहल की है। इसके लिए उसने तीन शर्तें रखी हैं। इसके साथ ही अब गेंद अमेरिका और उसके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पाले में चली गई है। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रजाई ने शनिवार को कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के साथ बातचीत दोबारा शुरू करने और जंग के खात्मे के लिए अपनी शर्तें भेजने की पुष्टि की है। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के अनुसार रजाई ने एक मीडिया संगठन को दिए साक्षात्कार में कहा कि अमेरिका को जल्द ही इन शर्तों पर अपना रुख स्पष्ट करना होगा।

क्या हैं तीन शर्तें

कतर के जरिए अमेरिका को भेजी गई तीन मुख्य शर्तें इस तरह से हैं। इसके तहत, सभी मोर्चों पर जारी सैन्य संघर्ष और युद्ध पर पूर्ण विराम। अमेरिका द्वारा जब्त सभी ईरानी संपत्तियों को बहाल करना। इसके अलावा ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई समुद्री नाकाबंदी को तुरंत हटाना शामिल है। रजाई ने स्पष्ट किया कि अमेरिका और इजरायल के आक्रामक कदम ईरान को ‘परमाणु अप्रसार संधि’ से बाहर निकलने का आधार प्रदान करते हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि ईरान ने अभी तक एनपीटी छोड़ने का अंतिम निर्णय नहीं लिया है और यह पूरी तरह अमेरिका के आचरण पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि ईरान वर्तमान में सामूहिक विनाश के हथियारों पर रोक लगाने वाले फतवे और अपने परमाणु सिद्धांत पर कायम है, लेकिन भविष्य की गारंटी नहीं दी जा सकती।

गलत साबित हुए अमेरिकी राष्ट्रपति

ईरानी सुरक्षा प्रमुख ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान को लेकर आकलन और गणित पूरी तरह गलत साबित हुआ है। यह युद्ध इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के उकसावे पर शुरू हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि ट्रंप की धमकियों का कोई परिणाम नहीं निकलेगा और ईरान एक निर्णायक युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है। रजाई ने यह भी दावा किया कि ईरानी सशस्त्र बल अमेरिकी सेना की कमजोरियों से भली-भांति परिचित हैं और अमेरिकी हवाई हमलों का सामना करने के लिए अभूतपूर्व रूप से सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा पिछले समझौते से हटने के बाद तेहरान को वॉशिंगटन के प्रति अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में ईरान ने एक अमेरिकी विमानवाहक पोत के निकट पोत-रोधी मिसाइल का सफल परीक्षण कर अपनी तैयारियों का प्रदर्शन किया है।

यमन और सऊदी अरब के संबंधों पर बोलते हुए रजाई ने कहा कि ईरान, सऊदी अरब और यमन के बीच जारी संघर्ष का अंत चाहता है और उसका मानना है कि यमन के लोग भी सऊदी अरब के साथ समझौते के पक्षधर हैं।

इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई और ईरानी अधिकारियों की लक्षित हत्याओं की निंदा की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय समुदाय ऐसी कार्रवाइयों का प्रभावी जवाब देने में विफल रहता है, तो अंतरराष्ट्रीय कानून द्वारा तय की गई सीमाएं धीरे-धीरे समाप्त हो जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय संस्थान आक्रामकता को रोकने और नियम तोड़ने वालों को जवाबदेह ठहराने में असमर्थ रहते हैं, तो उनकी विश्वसनीयता और वैधता प्रभावित होगी।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN