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अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक प्रारंभिक समझौते के बाद अब बड़ी राहत की खबर आई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने गुरुवार को घोषणा कर दी कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यक्तिगत निर्देश पर ईरान पर लगाई गई नौसैनिक नाकाबंदी हटा ली गई है।
अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक प्रारंभिक समझौता होने के बाद गुरुवार को एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान पर लगाई गई नौसैनिक नाकाबंदी को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यक्तिगत निर्देश पर उठाया गया है, जिसे दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले सैन्य तनाव को कम करने की दिशा में एक अहम विश्वास-निर्माण उपाय माना जा रहा है।
CENTCOM के बयान में स्पष्ट किया गया कि राष्ट्रपति ट्रंप के आदेशानुसार आज से ईरानी बंदरगाहों और तटीय इलाकों की ओर जाने वाले सभी समुद्री यातायात पर लगी नाकाबंदी हटा ली गई है। अरब सागर, ओमान की खाड़ी और आसपास के जल क्षेत्रों में ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले सभी व्यापारिक और अन्य जहाजों को अब कोई बाधा नहीं होगी। नाकाबंदी लागू करने वाले सभी अमेरिकी सैन्य अभियान तुरंत बंद कर दिए गए हैं।
बयान में यह भी कहा गया है कि समझौते की शर्तों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत और निगरानी जहाज क्षेत्र में मौजूद रहेंगे, लेकिन वे किसी भी व्यापारिक जहाज की आवाजाही में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। CENTCOM ने जोर देकर कहा कि यह फैसला दोनों पक्षों के बीच हुए प्रारंभिक राजनयिक समझौते का सीधा नतीजा है।
जेडी वैंस ने क्या कहा?
वाइट हाउस में मीडिया से बात करते हुए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने पुष्टि की कि अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी प्रारंभिक समझौता हो चुका है। वैंस ने कहा कि दोनों देशों ने व्यापक शांति समझौते की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अगले 60 दिनों में तकनीकी और उच्चस्तरीय वार्ताएं होंगी, जिनका उद्देश्य स्थायी शांति स्थापित करना है। उन्होंने आगे बताया कि समझौते में ‘जेंटलमेन्स एग्रीमेंट’ भी शामिल है, जिसमें वार्ता प्रक्रिया, विश्वास-निर्माण उपाय और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के प्रावधान हैं। समझौते के प्रमुख बिंदुओं में होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलना, क्षेत्रीय जल क्षेत्रों में जहाजों की स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित करना और तेल निर्यात पर लगी किसी भी अनौपचारिक रोक को हटाना शामिल है।
लेबनान के खिलाफ इजरायली अभियान जारी
हालांकि नाकाबंदी हटने से तनाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन क्षेत्र पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। इजरायल ने लेबनान में अपने सैन्य अभियानों को जारी रखने की घोषणा की है और स्पष्ट किया है कि वह फिलहाल पीछे हटने वाला नहीं है। इजरायली अधिकारियों ने कहा कि हिजबुल्लाह के ठिकानों पर कार्रवाई जारी रहेगी, जिससे क्षेत्रीय राजनयिक प्रयासों में जटिलता बढ़ सकती है। दूसरी ओर अमेरिकी प्रशासन ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा है कि हम इजरायल समेत सभी क्षेत्रीय देशों से अपील करते हैं कि वे इस समझौते का सम्मान करें और शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ने दें।
बता दें कि नाकाबंदी हटने का असर तत्काल दिखाई देगा। ईरान के प्रमुख बंदरगाहों, बंदर अब्बास, बूशहर और चाबहार तक वाणिज्यिक जहाजों की निर्बाध पहुंच बहाल हो जाएगी। इससे वैश्विक शिपिंग कंपनियों को बड़ी राहत मिलेगी और होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल टैंकरों की आवाजाही सामान्य हो सकेगी।
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