Source :- LIVE HINDUSTAN
आंसू गैस के संपर्क में आते ही आंखों में जलन, पानी आना, खांसी और सांस लेने में परेशानी होने लगती है। आमतौर पर असर कुछ समय में कम हो जाता है, लेकिन ज्यादा गैस गंभीर नुकसान भी कर सकती है।
आंसू गैस का असर सिर्फ आंखों से पानी आने तक सीमित नहीं रहता। इसके संपर्क में आते ही आंखों में तेज जलन, नाक बहना, गले में जलन और खांसी जैसी परेशानियां शुरू हो सकती हैं। कुछ लोगों को सांस लेने में दिक्कत और सीने में जकड़न भी महसूस होती है। आइए जानते हैं आंसू गैस शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर कैसे असर डालती है।
- आंखों में तेज जलन और पानी
आंसू गैस का सबसे पहला असर अक्सर आंखों पर ही दिखता है। आंखों में अचानक तेज जलन होने लगती है और लगातार पानी आने लगता है। आंखें लाल हो सकती हैं और कुछ देर के लिए धुंधला भी दिखाई दे सकता है। जलन इतनी ज्यादा हो सकती है कि आंखें अपने आप बंद होने लगें। आमतौर पर गैस से दूर जाने के बाद यह परेशानी धीरे-धीरे कम हो जाती है।
- खांसी और सांस लेने में दिक्कत
आंसू गैस सांस के साथ अंदर जाने पर नाक और गले में जलन करती है। इसके बाद तेज खांसी, गले में खराश, घुटन जैसा महसूस होना और सीने में जकड़न हो सकती है। कुछ लोगों को सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज भी आने लगती है। जिन लोगों को पहले से अस्थमा या फेफड़ों से जुड़ी बीमारी है, उन्हें ज्यादा परेशानी हो सकती है।
- नाक और गले में जलन
आंसू गैस के संपर्क में आने पर नाक से पानी आने लगता है और अंदर तेज जलन महसूस होती है। गले में भी जलन और सूजन जैसा लग सकता है। कई बार निगलने में परेशानी होती है और मुंह में ज्यादा लार आने लगती है। ये परेशानी गैस से दूर जाने के बाद धीरे-धीरे कम होने लगती है।
- त्वचा पर भी पड़ता है असर
अगर गैस त्वचा पर लग जाए तो वहां जलन, चुभन, लाल निशान और खुजली जैसी परेशानी हो सकती है। ज्यादा गैस लगने पर त्वचा बुरी तरह जल भी सकती है। पसीने या त्वचा पर नमी होने की वजह से जलन और ज्यादा महसूस हो सकती है। इसलिए गैस के संपर्क में आने के बाद त्वचा को अच्छी तरह साफ करना जरूरी है।
- जी मिचलाना और उल्टी
आंसू गैस का असर होने पर कुछ लोगों को जी मिचलाने लगता है। ज्यादा संपर्क होने पर उल्टी भी हो सकती है। इसका असर कितना होगा, यह गैस की मात्रा और उसके संपर्क में रहने के समय पर निर्भर करता है।
बंद जगह में…
खुली जगह में गैस जल्दी फैल जाती है, लेकिन बंद कमरे या छोटी जगह में इसका असर ज्यादा हो सकता है। ऐसी जगह पर ज्यादा गैस सांस के साथ अंदर जाने से सांस लेने में गंभीर परेशानी हो सकती है। ज्यादा देर तक संपर्क रहने पर फेफड़ों को भी नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए ऐसी जगह से जितनी जल्दी हो सके बाहर निकलना जरूरी है।
किन लोगों को ज्यादा सावधान रहना चाहिए?
जिन लोगों को पहले से अस्थमा या फेफड़ों से जुड़ी बीमारी है, उन्हें आंसू गैस से ज्यादा परेशानी हो सकती है। ऐसे लोगों में खांसी और सांस की दिक्कत जल्दी बढ़ सकती है। इसलिए अगर पहले से सांस की बीमारी है और गैस के संपर्क के बाद परेशानी बढ़ रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें।
आंसू गैस लगने के बाद क्या करें?
सबसे पहले गैस वाली जगह से दूर होकर खुली हवा में जाएं। आंखों और चेहरे को हाथ से बार-बार न रगड़ें। त्वचा पर गैस लगी है तो साबुन और पानी से अच्छी तरह धो लें। आंखों में तेज जलन हो तो साफ पानी से 10 से 15 मिनट तक आंखें धोएं। अगर कॉन्टैक्ट लेंस लगे हैं, तो उन्हें निकाल दें और दोबारा इस्तेमाल न करें।
क्या इसका असर हमेशा रहता है?
नहीं। ज्यादातर मामलों में आंसू गैस से होने वाली जलन और दूसरी परेशानियां गैस से दूर जाने के बाद धीरे-धीरे कम हो जाती हैं। कई लोगों में 15 से 30 मिनट के अंदर काफी राहत मिलती है। लेकिन ज्यादा मात्रा में गैस के संपर्क में आने पर असर लंबे समय तक रह सकता है। इसलिए सिर्फ यह सोचकर लापरवाही न करें कि आंसू गैस का असर थोड़ी देर में अपने आप ठीक हो जाएगा।
कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?
अगर गैस से दूर जाने के बाद भी सांस लेने में ज्यादा परेशानी हो, सीने में जकड़न बनी रहे या लगातार खांसी आती रहे, तो डॉक्टर से तुरंत मदद लें। आंखों में तेज दर्द, लगातार धुंधला दिखाई देना या आंखों की जलन कम न होना भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ज्यादा गैस के संपर्क में आने पर परेशानी गंभीर हो सकती है।
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