Source :- LIVE HINDUSTAN
गुलजार की लिखी बातों में जिंदगी को देखने का एक अलग नजरिया मिलता है। उनकी रचनाओं से प्रेरित ये 30 नई मोटिवेशनल शायरियां भी आपको ठहरकर सोचने और मुश्किल वक्त में आगे बढ़ने की हिम्मत देंगी।
गुलजार की रचनाओं में जिंदगी की छोटी-छोटी बातें भी बहुत गहरी लगती हैं। कभी वह वक्त की बात करते हैं, कभी रिश्तों की, तो कभी उस खामोशी की जो बिना कुछ कहे बहुत कुछ कह जाती है। उनकी लेखनी का यही अंदाज लोगों को अपनी जिंदगी से जुड़ा हुआ लगता है। अगर आपको भी ऐसी बातें पसंद हैं जो पढ़ने के बाद कुछ देर तक मन में बनी रहें, तो ये 30 नई शायरियां आपको पसंद आएंगी। इनमें गुलजार की असली पंक्तियां नहीं हैं, बल्कि उनकी रचनाओं में नजर आने वाले जिंदगी, उम्मीद, अकेलेपन, वक्त और खुद पर भरोसे जैसे भावों से प्रेरित होकर इन्हें नए तरीके से लिखा गया है।
कभी रास्ता खत्म नहीं होता,
बस हमारे कदम कुछ देर रुक जाते हैं।
वक्त भी अजीब चीज है,
गुजरता जरूर है, लेकिन बहुत कुछ सिखाकर।
जो बीत गया, उसे जाने दो,
जिंदगी अभी भी दरवाजे पर खड़ी है।
कुछ ख्वाब देर से पूरे होते हैं,
शायद उन्हें सही वक्त का इंतजार होता है।
खामोश रहकर भी देखो,
कभी-कभी मन की आवाज ज्यादा साफ सुनाई देती है।
हर सुबह एक नई शुरुआत है,
बस कल को आज पर हावी मत होने दो।
जिंदगी ने जो छीन लिया,
उसे गिनते रहोगे तो जो मिला है, वो भी भूल जाओगे।
थककर बैठ जाना बुरा नहीं,
बस वहीं बैठकर जिंदगी से हार मत मानना।
कुछ लोग रास्ते में मिलते हैं,
मंजिल तक साथ चलें, ये जरूरी नहीं।
अपने हिस्से की खुशी ढूंढते रहो,
दूसरों की जिंदगी देखकर अपनी मत भूलो।
कभी-कभी अकेले चलना पड़ता है,
तभी पता चलता है कि हम कितनी दूर जा सकते हैं।
हर बात का जवाब जरूरी नहीं,
कुछ सवाल वक्त के साथ खुद शांत हो जाते हैं।
जो टूटकर भी मुस्कुरा दे,
उससे ज्यादा मजबूत शायद कोई नहीं।
कल की चिंता छोड़ दो,
आज की शाम भी बहुत खूबसूरत हो सकती है।
अपने सपनों को छोटा मत करना,
सिर्फ इसलिए कि रास्ता लंबा है।
कुछ दर्द साथ रहते हैं,
लेकिन हर दर्द जिंदगी रोक दे, ये जरूरी नहीं।
वक्त बदलता जरूर है,
बस इंतजार करते हुए खुद को मत बदल देना।
जिंदगी हर दिन कुछ कहती है,
बस हम सुनने के लिए थोड़ा रुकें।
हार के बाद भी जो उठता है,
उसे मंजिल से ज्यादा खुद पर भरोसा होता है।
कुछ रिश्ते पास होकर भी दूर होते हैं,
और कुछ दूर रहकर भी दिल के पास।
जो आज अधूरा है,
जरूरी नहीं कि कल भी अधूरा रहे।
मन भारी हो तो थोड़ा ठहर जाना,
हर फैसला जल्दी लेना जरूरी नहीं।
दुनिया की आवाज कम सुनो,
अपने मन की आवाज को भी मौका दो।
जिंदगी को हर दिन समझना जरूरी नहीं,
कभी-कभी बस उसे जीना भी चाहिए।
जो चला गया, उसकी याद रखो,
लेकिन अपनी राह मत छोड़ो।
छोटी खुशियों को संभालकर रखना,
बड़ी खुशियां हमेशा रोज नहीं आतीं।
खुद से दोस्ती कर लो,
फिर अकेलापन इतना परेशान नहीं करेगा।
कुछ शामें उदास होती हैं,
लेकिन हर शाम के बाद सुबह आती है।
मंजिल मिले या न मिले,
चलते रहने की आदत जिंदगी बदल देती है।
जिंदगी शायद इतनी मुश्किल नहीं,
हम उसे समझने में ही बहुत वक्त लगा देते हैं।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN



