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आइजेनकोट ने की नेतन्याहू की तारीफ, इजरायल चुनाव में हस्तक्षेप से कतर का इनकार

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Source :- LIVE HINDUSTAN

इजरायल प्रधानमंत्री चुनाव में हस्तक्षेप के आरोपों से कतर ने इनकार किया है। कतर की तरफ से कहा गया है कि इजरायल की राजनीतिक पार्टियों के दावों पर गौर किया जाए, तो ऐसा लगता है कि पूरे इजरायल पर कतर का कब्जा है। वहीं आइजेनकोट ने नेतन्याहू की तारीफ की है।

इजरायल के चुनाव के आंशिक नतीजे सामने आ चुके हैं। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनके विरोधी गादी आइजनकोट दोनों ही बहुमत हासिल करने में सफल नहीं हो पाए हैं। इस गैर-बहुमत वाली सभा में अब छोटी अरब पार्टियां किंग मेकर की भूमिका में आ गई हैं। लेकिन अब इस पूरे मामले में प्रधानमंत्री नेतन्याहू की तरफ से विदेशी हस्तक्षेप का आरोप लगाया गया है। नेतन्याहू की तरफ से आए इस बयान पर उनके विरोधी गादी आइजनकोट ने उनकी तंज के तरीके से तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि नेतन्याहू ने आखिरकार इजरायल के मामलों में कतर की दखलअंदाजी की निंदा की है। यह सराहनीय है। हालांकि, इस हल्की तारीफ के साथ उन्होंने नेतन्याहू पर हमला बरकरार रखा।

सोशल मीडिया साइट एक्स पर हिब्रू में लिखे एक पोस्ट में आइजनकोट ने चुनाव में विदेशी हस्तक्षेप के मामले पर अपनी राय रखी। उन्होंने लिखा, “मैं नेतन्याहू की सराहना करता हूँ कि उन्होंने आखिरकार इजराइल राज्य के मामलों में कतर की दखलंदाजी की निंदा की है।

इजराइल राज्य में विदेशी दखलंदाजी एक अस्वीकार्य और बेहद गंभीर मामला है, खासकर तब जब इसमें ऐसा देश शामिल हो जो हमास संगठन को फंड देता है और उसका समर्थन करता है। यह तब और भी गंभीर हो जाता है जब ऐसा प्रधानमंत्री कार्यालय में हो, या फिर चुनावी व्यवस्था में देखने को मिले। शिन बेट को इन संदेहों की निष्पक्ष, गहन और तुरंत जांच करनी चाहिए। जो कोई भी चुनावों की अखंडता को नुकसान पहुँचाते हुए या ऐसा करने की कोशिश करते हुए पाया जाए, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।”

कतर ने इजरायली चुनाव में हस्तक्षेप से किया इनकार

इजरायल की तरफ से उठ रही आवाजों के बीच कतर ने अपनी स्थिति को साफ किया है। कतरी विदेश मंत्रालय की तरफ से इजरायल की तरफ से लगाए जा रहे इन आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद बताकर खारिज कर दिया गया कतर के प्रवक्ता माजिद अल अंसार ने कहा कि कुछ लोग जबरदस्ती खतरनाक तरीके से कतर को घसीटने की योजना बना रहे हैं।

इजरायल के दावों से ऐसा लगता है कि पूरा यहूदी देश कतर के कब्जे में- कतरी प्रवक्ता

कतरी प्रवक्ता माजिद अल अंसार ने कहा कि इजरायल की राजनीति में जिस तरह की बातें की जा रही हैं। वह खतरनाक हैं। उन्होंने कहा कि वहां कभी नेतन्याहू की खरीदने, कभी वामपंथियों को खरीदने औरअभी ताजा आरोप है कि कतर ने अरब वोटों को प्रभावित किया है। अगर इन दावों पर यकीन किया जाए, तो ऐसा लगता है जैसे मानो पूरा इजरायल की कतर के कब्जे में है। बात को आगे बढ़ाए कतर की तरफ से कहा गया कि चुनावी भाषणों में बार-बार इस तरह के कतर को घसीटना पागलपन को दिखाता है। अपनी राजनीति की नाकामियों को छिपाने के लिए कतर को बलि का बकरा नहीं बनाया जाना चाहिए। इन नेताओं को जनता की जरूरतों पर ध्यान देने की जरूरत है।

इजरायल के चुनाव में विदेशी हस्तक्षेप की बात

इजरायल की प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ट्रंप से लगातार समर्थन की उम्मीद लगाते रहते हैं। ट्रंप ने उनके समर्थन में इजरायली जनता को संदेश भी दे चुके हैं। लेकिन कतर और अन्य पश्चिम देशों के ऊपर इजरायली चुनाव में हस्तक्षेप का आरोप उस वक्त लगा जब इजरायल में वोटर टर्नआउट का रिजल्ट जारी हुआ। अरब इजरायली नागरिकों ने भारी मात्रा में मतदान किया। इसी बीच इजरायली अरब पार्टियों के नेता ने आरोप लगाया कि नेतन्याहू ‘चुनाव चोरी’ की कोशिश कर रहे हैं।

इजरायली मीडिया हाउस हारेत्ज की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बयान के बाद इजरायल की धुर दक्षिण पंथी पार्टी ओत्जमा येहुदित के सांसद ने अपने समर्थकों से कहा गया कि उन्हें हथियार लेकर तैयार रहना चाहिए क्योंकि अरब इजरायलियों के वोट अमान्य करने पर हिंसा हो सकती है।

हारेत्ज़’ की रिपोर्ट के मुताबिक, क्रोइजर ने एक वीडियो में कहा, “अरब समुदाय के बीच से जो बातें सुनने में आ रही हैं, उनके अनुसार अगर जस्टिस सोल्हबर्ग ‘यूनाइटेड अरब लिस्ट’ (रा’म) के वोटों को अमान्य करने की अनुमति देते हैं, जिससे उनकी सीटों की संख्या कम हो जाती है, तो वे ‘ऑपरेशन गार्जियन ऑफ द वॉल्स’ (अरब और यहूदी इजरायलियों के बीच में हिंसक झड़प) जैसा कदम उठा सकते हैं।”

इस पूरे घटनाक्रम के बाद नेतन्याहू ने भी चुनाव में विदेशी हस्तक्षेप के मुद्दे को उठाते हुए खुफिया एजेंसी द्वारा इसकी जांच करवाने की बात कही। इसके बाद इजरायल में उनके प्रमुख प्रतिद्वंदी गादी आइजनकोट ने भी इस पर अपनी राय देते हुए कहा कि उनके पास भी चुनाव में विदेशी हस्तक्षेप होने की जानकारी सामने आ रही है। हालांकि, उन्होंने किसी भी देश का सीधे नाम नहीं लिया।

इजरायल सरकार की तरफ से किसी भी जांच के चलते चुनावी नतीजों के आने में देरी से इनकार किया गया। इजरायल की तरफ से कहा गया कि नतीजे तय समय के अनुसार 4 नवंबर को ही आएंगे।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN