Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- रेलवे कर्मचारियों के PLB (Productivity-Linked Bonus) के प्रस्ताव पर 14 अक्टूबर को केंद्रीय कैबिनेट में विचार होने की संभावना है
- IRTSA ने बोनस की कैलकुलेशन के लिए वेतन सीमा ₹18,000 करने और कम से कम ₹46,184 बोनस देने की मांग की है
- फिलहाल, पात्र नॉन-गजेटेड कर्मचारियों को ₹17,951 बोनस मिलता है
रेलवे कर्मचारियों के लिए PLB (Productivity-Linked Bonus) को लेकर बुधवार 14 अक्टूबर को बड़ा अपडेट सामने आ सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में रेलवे कर्मचारियों के सालाना बोनस के प्रस्ताव पर विचार किए जाने की संभावना है। फिलहाल, पात्र नॉन-गजेटेड रेलवे कर्मचारियों को 78 दिनों के वेतन के बराबर बोनस मिलता है, जिसकी अधिकतम कैलकुलेशन ₹7,000 की वेतन सीमा के आधार पर की जाती है। इससे कर्मचारियों को कुल ₹17,951 का बोनस मिलता है। अब इस सीमा को बढ़ाने की मांग तेज हो गई है।
2014-15 से नहीं बदली वेतन सीमा
रेलवे में पात्र नॉन-गजेटेड कर्मचारियों को हर साल PLB (Productivity-Linked Bonus) दिया जाता है। मौजूदा व्यवस्था के तहत इसकी कैलकुलेशन 78 दिनों के वेतन और ₹7,000 की निर्धारित वेतन सीमा के आधार पर होती है। इसी हिसाब से बोनस की रकम ₹17,951 बनती है। यह वेतन सीमा वित्त वर्ष 2014-15 से नहीं बदली गई है। ऐसे में लंबे समय से इसे संशोधित करने की मांग उठ रही है। हालांकि, कैबिनेट में प्रस्ताव पर विचार होने का मतलब यह नहीं है कि बोनस बढ़ाने की मंजूरी मिल गई है। सरकार का अंतिम फैसला और नई रकम अभी स्पष्ट नहीं है।
₹46,184 बोनस देने की उठी मांग
रेलवे कर्मचारियों के संगठन IRTSA (Indian Railways Technical Supervisors’ Association) ने बोनस की कैलकुलेशन में इस्तेमाल होने वाली वेतन सीमा बढ़ाने की मांग की है। संगठन का सुझाव है कि लेवल-2 और उससे ऊपर के कर्मचारियों के लिए इस सीमा को ₹18,000 और महंगाई भत्ते (DA) के आधार पर तय किया जाए। संगठन ने मौजूदा व्यवस्था में बदलाव की जरूरत बताते हुए अनस्किल्ड एम्पलॉयी के लिए ₹21,000 न्यूनतम वेतन का भी हवाला दिया है। ₹18,000 की वेतन सीमा के आधार पर संगठन ने सालाना बोनस कम से कम ₹46,184 करने की सिफारिश की है। हालांकि, सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
क्या इस बार बोनस की रकम बढ़ेगी?
रेलवे कर्मचारियों की नजर अब कैबिनेट के संभावित फैसले पर है। अगर सरकार वेतन सीमा में बढ़ोतरी को मंजूरी देती है, तो बोनस की कैलकुलेशन में बदलाव हो सकता है और पात्र कर्मचारियों को मौजूदा रकम से अधिक भुगतान मिलने की संभावना बन सकती है। लेकिन, फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि बोनस बढ़कर ₹46,184 हो जाएगा या सरकार किसी दूसरी रकम पर फैसला करेगी। इसके लिए कैबिनेट के आधिकारिक निर्णय और रेलवे मंत्रालय की घोषणा का इंतजार करना होगा।
₹41,149 बोनस वाले वायरल लेटर पर अलर्ट
बोनस पर चर्चा के बीच रेलवे बोर्ड ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक फर्जी पत्र को लेकर भी चेतावनी दी है। यह पत्र 6 अक्टूबर का बताया गया था और इसमें दावा किया गया था कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 78 दिनों के बोनस के रूप में ₹41,149 देने की मंजूरी मिल गई है। रेलवे बोर्ड ने 7 अक्टूबर को रेलवे के महाप्रबंधकों को भेजे गए संदेश में स्पष्ट किया कि यह दस्तावेज फर्जी था, इस पर हस्ताक्षर भी जाली थे और इसे बोर्ड ने जारी नहीं किया था।
बोर्ड ने रेलवे कार्यालयों को इस पत्र के आधार पर कोई भुगतान नहीं करने का निर्देश दिया। साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों को बोनस से जुड़ी सूचनाओं की पुष्टि रेलवे बोर्ड या रेल मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट से करने की सलाह दी गई। फिलहाल, रेलवे कर्मचारियों के लिए सबसे अहम बात यह है कि अभी मौजूदा बोनस राशि 17,951 रुपये है, जबकि कर्मचारी संगठन की मांग 46,184 रुपये है। रेलवे कर्मचारियों को कैबिनेट की संभावित चर्चा को अंतिम मंजूरी नही समझना चाहिए, बल्कि बोनस की नई रकम के लिए आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना चाहिए।
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