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https://www.livehindustan.com/lh-img/smart/img/2026/05/27/1200x900/mok_1779883504110_1779883519290_d51bcf11-08d9-404d-8154-d010987356ae.jpgकिशोर कुमार और मोहम्मद रफी म्यूजिक इंडस्ट्री के 2 धुरंधर रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक बार किशोर कुमार एक गाने को नहीं गा पा रहे थे और फिर मोहम्मद रफी ने उस गाने को गाया।
किशोर कुमार एक ऐसे सिंगर हैं जिन्होंने अपने करियर में कई हिट गाने दिए हैं। कई सिंगर्स अपने गानों के लिए उनकी आवाज चाहते थे। राजेश खन्ना ने तो ऐलान कर दिया था कि उनके गानें सिर्फ किशोर कुमार ही गाएंगे। लेकिन एक दिन ऐसा गाना आया जिसे गाने से किशोर दा पीछे हट गए। उनके इस फैसले ने सबको बड़ा झटका दे दिया था।
इस दर्द भरे गाने के लिए किशोर कुमार हटे थे पीछे
आखिर उस दिन रिकॉर्डिंग रूम में क्या हुआ होगा कि दिग्गज संगीतकार लक्ष्मीकांत प्यारे लाल के पसीने भी छूट गए थे। बता दें कि यह बात 1971 की है जब फिल्म हाथी मेरे साथी आई थी। इस फिल्म में राजेश खन्ना और आशा पारेख लीड रोल में थे। राजेश खन्ना का स्टारडम उस वक्त टॉप पर था। तय हुआ कि इस फिल्म के सभी गानें किशोर कुमार गाएंगे। लेकिन एक गाना ऐसा था जो आम धुन से काफी अलग था। ये एक ऐसा गीत था जिसमें सिर्फ सुर नहीं बल्कि एक इंसान का टूटता हुआ दिल, उसकी पीड़ा और एक खामोश रुलाई चाहिए थी। इस गाने का नाम था नफरत की दुनिया को छोड़कर।
किशोर ने लिए कई टीक, लेकिन फिर भी नहीं गा पाए
किशोर दा माइक के सामने खड़े थे। पहला टेक हुआ, दूसरा टेक और फिर लगातार कई कोशिश हुई, लेकिन किशोर दा को महसूस हो रहा था कि कुछ तो है जो खाली छूट रहा है। वो दर्द और गहराई उबर कर नहीं आ रहा था। इसके बाद प्यारेलाल ने यह फैसला किया कि इस गाने को ही फिल्म से हटा देते हैं। लेकिन तभी प्रोड्यूसर चिन्नपा ने कहा कि यह गाना मेरी फिल्म की रूह है। यह थिएटर में मौजूद दर्शकों को अंदर तक हिलाकर रख देगा। इसे किसी भी कीमत पर हटाया नहीं जा सकता।
किशोर ने दिया मोहम्मद रफी का नाम
इसके बाद किशोर दा ने फिर कुछ ऐसा फैसला लिया जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी। उन्होंने कहा था कि मैं इस गाने के साथ इंसाफ नहीं कर पा रहा हूं, अगर कोई है जो इस गाने में दर्द भर सकता है तो वो मोहम्मद रफी हैं। प्यारेलाल फिर रफी साहब के पास गए।
रफी ने गाना गाकर सबको रुला दिया
रफी साहब के सामने जब माइक आया तो उन्होंने फिर आंख बंद की और नफरत की दुनिया को छोड़कर गाना गाया तो रिकॉर्डिंग स्टूडियो पर मौजूद सभी की आंखें नम हो गई थीं। इतना ही नहीं जब यह गाना रिलीज हुआ था तब उसे सुनकर सबकी आंखों से आंसू आ गए थे। राजेश खन्ना का वो दर्दनाक सीन और रफी साहब की गहराई ने उस गाने को काफी दर्दभरा बना दिया था।
किशोर के इस फैसले के बारे में जानकर सभी ने उनकी तारीफ की थी कि कैसे एक बड़े सिंगर होने के बावजूद उन्होंने अपना ईगो बीच में नहीं आने दिया और रफी साहब के हाथ यह गाना दिया।
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