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उम्र बढ़ने के साथ दिमाग सेफ रखने के लिए न्यूरोसर्जन ने बताए 6 तरीके, जरूर करें फॉलो

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Source :- LIVE HINDUSTAN

ओवरऑल हेल्थ को सही रखने की कोशिश करते-करते अगर आप अपने दिमाग को ही भूल जाते हैं तो ये गलती ना करें। न्यूरोसर्जन डॉक्टर जय जगन्नाथ ने दिमाग को सेफ रखने के लिए 6 तरीके शेयर किए हैं जो दिमाग को सेफ रखने में आपकी मदद कर सकते हैं।   

ब्रेन का स्वस्थ रहना बहुत जरूरी है क्योंकि इसका सीधा असर ओवरऑल हेल्थ पर भी होता है। ब्रेन हेल्थ शरीर की सभी एक्टिविटी, याददाश्त, भावनाओं और निर्णयों को नियंत्रित करती है। एक हेल्दी दिमाग स्पष्ट रूप से सोचने, तनाव से निपटने और रोजाना के काम सही से करने में मदद करता है। न्यूरोसर्जन डॉक्टर जय जगन्नाथ ने 6 तरीके शेयर किए हैं जिन्हें अपनाकर उम्र बढ़ने के साथ दिमाग सेफ रखने में मदद मिल सकती है। ये तरीके बहुत आसान है और रोजाना की लाइफ में आसानी से फॉलो किए जा सकते हैं।

1) ब्लड प्रेशर कंट्रोल करें

हाई ब्लड प्रेशर स्ट्रोक, मेमोरी कम होना और दिमाग के छोटे ब्लड वेसेल्स को डैमेज करने का कारण बनता है। इसलिए इसे मैनेज करना जरूरी है। अगर आपका बीपी हमेशा हाई रहता है तो आपको डॉक्टर की सलाह पर दवाई खाना शुरी करना चाहिए और इसे मैनेज करने के लिए नैचुरल तरीकों को अपनाना चाहिए।

2) दिमाग को चैलेंज करें

नई स्किल्स, भाषा और इंस्ट्रूमेंट सीखने से न्यूरल कनेक्शन बनता है। जब आप कुछ नया सीखते रहते हैं तो इससे दिमाग को हेल्दी रखने में मदद मिल सकती है।

3) स्ट्रेंथ और एरोबिक एक्सरसाइज को दें महत्व

नियमित शारीरिक एक्टिविटी से दिमाग में ब्लड फ्लो बेहतर होता है और यह संज्ञानात्मक क्षमता में गिरावट के कम जोखिम से जुड़ी है। अगर आप बहुत हैवी एक्सरसाइज नहीं कर सकते हैं तो रोजाना कछ हल्की फुल्की एक्सरसाइज करना शुरू करें।

4) नींद को प्रोटेक्ट करें

गहरी नींद सोने से ब्रेन सेल्स मेटाबॉलिक वेस्ट को क्लीयर करने में मदद करते हैं और याददाश्त को मजबूत करते हैं। जब आपकी नींद अच्छे से पूरी नहीं होती है तो समय के साथ संज्ञानात्मक उम्र बढ़ने की प्रक्रिया तेज हो जाती है।

5) सोशली कनेक्टेड रहें

राजाना बातचीत और खास रिलेशनशिप दिमाग के अलग-अलग हिस्सों को चैलेंज करती हैं। सामाजिक रूप से अलग रहने को डिमेंशिया के खतरे से जोड़ा गया है।

6) जब जरूरी हो तब हेलमेट जरूर पहनें

बहुत से लोग डिमेंशिया जैसी बीमारी को लेकर चिंतित होते हैं लेकिन सिर की ऐसी चोटों को नजरअंदाज कर देते हैं जिनसे बचा जा सकता है। साइकलिंग, स्कींग या किसी भी तरह की स्पोर्ट्स एक्टिविटी करते समय अपने दिमाग के देखरेख के लिए हेलमेट जरूर लगाएं। ये एक सिंपल-लॉन्ग टर्म इंवेस्टमेंट है।

नोट- डॉक्टर कहते हैं कि ऐसा कोई एक नियम नहीं है जो संज्ञानात्मक गिरावट को रोकने की गारंटी दे सके। लेकिन लगातार सही चुनाव करने से ब्लड वेसेल्स के स्वास्थ्य को बनाए रखने, तंत्रिका विकास को बढ़ावा देने और उम्र बढ़ने के साथ संज्ञानात्मक क्षमता को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN