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एक डील ने बढ़ाई अडानी के इस शेयर की चमक, ब्रोकरेज ने कहा- अभी और बढ़ेगा भाव

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन के शेयरों में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए अच्छी खबर है
  • ब्रोकरेज फर्म एलारा कैपिटल ने इस शेयर पर खरीदारी की सलाह बरकरार रखी है

अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (Adani Ports & SEZ) ने नीदरलैंड की कंपनी Evos B.V के अधिग्रहण का ऐलान किया है। इस ऐलान के बाद कंपनी के शेयर में शुक्रवार को तूफानी तेजी आई। वहीं, ब्रोकरेज फर्म एलारा कैपिटल ने शेयर के अभी और आगे बढ़ने की उम्मीद जताई है। आइए डिटेल जान लेते हैं।

शेयर का परफॉर्मेंस

अडानी पोर्ट्स के शेयर शुक्रवार को 2 पर्सेंट से ज्यादा उछाल के साथ अपने 52 हफ्ते हाई के करीब 1940 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे। बता दें कि गुरुवार को ही शेयर ने 1,949.05 रुपये के स्तर को टच किया था। यह शेयर के 52 हफ्ते का हाई है। वहीं, ब्रोकरेज फर्म एलारा कैपिटल ने इस शेयर पर खरीदारी (Buy) की सलाह बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने कंपनी का टारगेट प्राइस 2107 रुपये से बढ़ाकर 2,432 रुपये कर दिया है।

क्यों पॉजिटिव है ब्रोकरेज?

ब्रोकरेज की इस सकारात्मक राय के पीछे कंपनी का अंतरराष्ट्रीय कारोबार बढ़ाने की रणनीति और नीदरलैंड की कंपनी Evos B.V का प्रस्तावित अधिग्रहण प्रमुख वजह है। अडानी पोर्ट्स इस कंपनी में 100 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने जा रही है। इस डील से कंपनी की यूरोप में मौजूदगी बढ़ेगी और लिक्विड स्टोरेज यानी तरल पदार्थों के भंडारण के कारोबार में उसकी स्थिति मजबूत होगी।

डील से अडानी समूह को क्या फायदा?

डील को लेकर अडानी पोर्ट्स ने बताया कि इस अधिग्रहण से यूरोप में उसका तरल भंडारण कारोबार मजबूत होगा। Evos के पांच देशों में आठ बंदरगाह आधारित टर्मिनल हैं। इनकी कुल स्टोरेज कैपिसिटी 63 लाख घन मीटर है।

कंपनी ने 2025 में 3.7 करोड़ टन माल का परिचालन किया था। Evos के टर्मिनल नीदरलैंड, जर्मनी, स्पेन, बेल्जियम और माल्टा में स्थित हैं। इनमें एम्स्टर्डम-रॉटरडैम-एंटवर्प क्षेत्र, हैम्बर्ग और भूमध्यसागर के प्रमुख ऊर्जा, औद्योगिक केंद्र शामिल हैं। Evos के टर्मिनलों में 452 स्टोरेज टैंक और जहाजों तथा मालवाहक नौकाओं के लिए 63 बर्थ हैं। इनके अलावा, हवाई अड्डों और मध्य यूरोप की पाइपलाइन प्रणाली से जुड़ी सुविधाएं भी हैं।

कंपनी पेट्रोल, गैस ऑयल, समुद्री ईंधन और विमानन ईंधन, बायो फ्यूल, मेथनॉल और बायो एथनॉल जैसे वैकल्पिक ईंधनों का भी भंडारण करती है। अडानी पोर्ट्स ने कहा कि इस अधिग्रहण से उसके कारोबार में भौगोलिक विविधता बढ़ेगी और कैश फ्लो मजबूत होगा। Evos के जुड़ने के बाद कंपनी की वैश्विक मौजूदगी 10 देशों में 28 बंदरगाहों और टर्मिनलों तक पहुंच जाएगी। Evos के कारोबार में औसत कॉमर्शियल कैपिसिटी उपयोग 99 प्रतिशत है। उसके राजस्व का बड़ा हिस्सा न्यूनतम भुगतान की गारंटी वाले अनुबंधों और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) से जुड़े अनुबंधों से आता है। इससे कारोबार को स्थिर कैश फ्लो मिलता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN