Source :- LIVE HINDUSTAN
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करवाचौथ पर पुरुषों का अपनी पत्नियों के लिए व्रत रखना आज बहुत कॉमन हो चुका है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह ट्रेंड शुरू कहां से हुआ? बॉलीवुड फिल्मों में भारतीय व्रत-त्यौहारों को काफी खूबसूरती से दिखाया जाता रहा है। होली हो या ईद, दीवाली हो या फिर क्रिसमस.. हिंदी फिल्मों में फेस्टिवल्स की अपनी अलग जगह है। ऑडियंस भी फिल्मों में दिखाई गई चीजों को बहुत जल्दी अडॉप्ट कर लेती है। करवाचौथ पर पतियों का अपनी पत्नियों के लिए व्रत रखना भी एक ऐसा ही ट्रेंड था, जिसकी शुरुआत फिल्मों के जरिए हुई थी, लेकिन फिर समाज ने इसे इस तरह स्वीकारा कि यह चलन में आ गया।
यूं शुरू हुआ पतियों के व्रत का चलन
आज कपल्स का एक-दूसरे के लिए करवाचौथ का व्रत रखना जेंडर इक्वेलिटी का प्रतीक माना जाता है। कम लोग जानते हैं कि इस बदलाव की शुरुआत आज से ठीक 30 साल पहले साल 1995 में आई एक फिल्म के साथ हुई थी। मौका था आदित्य चोपड़ा के निर्देशन में बनी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ की रिलीज का। जिसके एक सीन ने भारत में करवाचौथ मनाने के पारंपरिक तौर-तरीकों को हमेशा के लिए बदल दिया। फिल्म में दिखाया गया कि सिमरन (काजोल) की शादी तय हो चुकी है, लेकिन वह राज (शाहरुख खान) को अपना पति मान चुकी है।
फिल्म DDLJ में करवाचौथ वाला सीन
कहानी आगे बढ़ती है और पंजाब में शादी के सेलिब्रेशन के बीच करवाचौथ का दिन आता है। सिमरन राज के लिए निर्जला व्रत रखती है। सिमरन को कुलजीत के हाथ से पानी पीकर व्रत खोलना था। लेकिन वह अचानक बेहोश होकर गिरने का नाटक करती है। हड़बड़ी और घबराहट में राज तुरंत आगे बढ़ता है और सिमरन के मुंह में पानी की बूंदें डालता है। इस तरह सिमरन अपना व्रत राज के हाथ से पानी पीकर तोड़ती है। असली ट्विस्ट इसके बाद आता है, जब राज और सिमरन रात को अंधेरे में घर की छत पर मिलते हैं।
फिल्म का ट्विस्ट और लोगों में बढ़ा चलन
सिमरन भूखी-प्यासी होने के कारण राज पर गुस्सा करती है। तभी सिमरन की छोटी बहन वहां आकर खुलासा करती है कि राज ने भी सुबह से अन्न का एक दाना नहीं खाया है और उसने भी चोरी-छिपे सिमरन के लिए व्रत रखा था। यही वह सीन था जिसमें करवाचौथ को सिर्फ पत्नियों का व्रत न रखकर एक ग्लोबल सेलिब्रेशन बना दिया। पहले जहां फिल्मों में पत्नियों को पतियों के सिर में सिर झुकाते और उन्हें देवता समान पूजते दिखाया जाता था। वहीं इस सीन के बाद धीरे-धीरे समाज में यह ट्रेंड चल पड़ा कि यह एक ऐसा व्रत है जिसे कपल साथ में सेलिब्रेट कर सकते हैं।
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