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कनॉट प्लेस में तिरंगा फहराने के एलान के बाद दिल्ली पुलिस ने लिए कई फ़ैसले

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Source :- BBC INDIA

अभिजीत दीपके

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पढ़ने का समय: 6 मिनट

दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में 16 अक्टूबर को सीजेपी के तिरंगा फहराने के कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस ने नई दिल्ली और आसपास के इलाक़ों में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं.

भीड़ पर नज़र रखने और किसी अप्रिय घटना की स्थिति में सबूत जुटाने के लिए सेंट्रल पार्क और उसके आसपास बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं.

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा है कि वह हर हाल में 16 अक्तूबर को सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराएंगे.

उन्होंने सवाल किया, “क्या भारत का झंडा फहराने के लिए किसी परमिशन की ज़रूरत है? तिरंगा इस देश के 130 करोड़ लोगों का है, सिर्फ़ दिल्ली पुलिस का नहीं. हम जहां चाहेंगे, वहां तिरंगा फहराएंगे.”

सीजेपी के सह-संयोजकों आशुतोष रांका और सौरव दास को 13 अक्तूबर को जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराकर प्रदर्शन करने के मामले में पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था.

इसके बाद ही अभिजीत दीपके ने दिल्ली के कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में लोगों को आकर तिरंगा फहराने की अपील की थी.

पुलिस ने क्या कहा?

नेहा यादव

दिल्ली पुलिस की डीसीपी नेहा यादव ने बताया कि सीजेपी ने सोशल मीडिया और प्रेस कॉन्फ़्रेंस के ज़रिए लोगों से 16 अक्तूबर को शाम पांच बजे सेंट्रल पार्क में राष्ट्रीय ध्वज के साथ जुटने की अपील की है.

आम आदमी पार्टी (आप) ने भी अपने कार्यकर्ताओं, समर्थकों और आम लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है.

नेहा यादव ने कहा, ”मौजूदा सुरक्षा और क़ानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए कनॉट प्लेस और आसपास के इलाक़ों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है.”

उन्होंने कहा, “हम सभी से अपील करते हैं कि वे ऐसी किसी भी सभा में शामिल न हों, जो बीएनएसएस के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करती हो या शांति-व्यवस्था को प्रभावित करती हो. उल्लंघन करने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी.”

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कुछ चुनिंदा प्रदर्शनकारियों को किसी दूसरी उपयुक्त जगह पर तिरंगा मार्च निकालने की अनुमति दी जा सकती है.

नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने दिल्ली पुलिस को पत्र लिखकर बताया है कि प्रशासनिक कारणों से सेंट्रल पार्क 16 और 17 अक्टूबर को बंद रहेगा.

एनडीएमसी ने अनधिकृत प्रवेश रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतज़ाम करने का भी अनुरोध किया है.

नेहा यादव के मुताबिक़, कनॉट प्लेस और आसपास के व्यापारिक और बाज़ार संघों ने भी पुलिस को पत्र लिखकर अपने दुकानों और प्रतिष्ठानों की सुरक्षा की मांग की है. व्यापारियों को आशंका है कि बड़ी संख्या में लोगों के जुटने से कारोबार प्रभावित हो सकता है.

हिंदुस्तान टाइम्स ने एक पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया कि सीएपीएफ़ की 220 कंपनियों में से हर शिफ़्ट में 30 कंपनियां तैनात रहेंगी. दिन में तीन शिफ़्ट होंगी.

इनकी तैनाती नई दिल्ली, आसपास के ज़िलों, सीमावर्ती इलाक़ों और अन्य अहम जगहों पर की जाएगी. अगर रात में भीड़ बढ़ती है और अतिरिक्त सुरक्षा की ज़रूरत पड़ती है, तो एक शिफ़्ट में कंपनियों की संख्या बढ़ाकर 60 की जा सकती है.

अभिजीत दीपके ने क्या कहा?

15 अक्तूबर को दिल्ली के प्रेस क्लब में एक कार्यक्रम के दौरान आइसा प्रमुख नेहा बोरा के साथ अभिजीत दीपके

15 अक्टूबर को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में अभिजीत दीपके ने कहा था कि दिल्ली पुलिस उन्हें गिरफ़्तार कर सकती है, लेकिन वह इससे डरने वाले नहीं हैं.

उन्होंने कहा, “दिल्ली पुलिस आज रात या कल सुबह मुझे गिरफ़्तार कर सकती है. लेकिन मैं मोदी जी से कहना चाहता हूं कि इन चीज़ों से हम डरने वाले नहीं हैं.”

अभिजीत दीपके ने कहा कि अगर देश में तिरंगा फहराने के लिए जेल जाना पड़े, तो वे इसके लिए भी तैयार हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि 10 अक्तूबर को सीजेपी के दिल्ली बंद के आह्वान के बाद पुलिस ने दिल्ली में बसें और मेट्रो बंद कर दी थीं, बैरिकेडिंग की थी और इंटरनेट बंद कर दिया था.

उन्होंने यह भी कहा कि 16 अक्टूबर को तिरंगा फहराने के उनके एलान के बाद सेंट्रल पार्क बंद कर दिया गया.

दीपके ने सवाल किया, “अगर हम कल कहेंगे कि हम 100 जगह तिरंगा फहराएंगे, तो क्या आप इन सभी जगहों को बंद कर देंगे? अगर हम नरेंद्र मोदी की रैली में तिरंगा लेकर जाएंगे, तो क्या आप रैली रद्द कर देंगे? आप किस चीज़ से इतना घबरा रहे हैं? क्या भारत में तिरंगा फहराना एक अपराध हो चुका है?”

आशुतोष रांका और सौरव दास पांच दिनों की हिरासत में

सौरव दास और आशुतोष रांका को जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराने के बाद हिरासत में ले लिया गया था

सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास को 13 अक्तूबर को जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराकर प्रदर्शन करने के मामले में गिरफ़्तार किया गया था.

दोनों को कथित तौर पर शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन करने और जंतर-मंतर में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने के आरोप में पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था. उन्हें तिहाड़ जेल में रखा गया है.

इसके बाद ही अभिजीत दिपके ने 16 अक्तूबर को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में बड़ी संख्या में लोगों से जुटने और तिरंगा फहराने की अपील की.

दिपके ने आरोप लगाया कि सीजेपी के सदस्यों को तिरंगा फहराने के लिए जेल में डाल दिया गया है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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SOURCE : BBC NEWS