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https://www.livehindustan.com/lh-img/smart/img/2026/07/04/1200x900/Farah_K_1783177200627_1783177208225_06102dad-03da-4045-85dc-c523faffca91.jpgफराह खान अली ने बताया कि क्यों उनकी मां जरीन खान का अंतिम संस्कार किया गया, उन्हें दफ्नाया नहीं गया। बता दें कि जब जरीन खान का दाह संस्कार हुआ तो सोशल मीडिया पर इस परिवार की बहुत किरकिरी हुई थी।
जरीन खान की बेटी फराह खान अली के अपनी मां का हिंदू रीति-रिवाजों से अंतिम संस्कार करने की काफी निंदा हुई थी। अब उन्होंने इसके पीछे की वजह और अपने इमोशन्स पर खुलकर बात की है। मालूम हो कि संजय खान की पत्नी जरीन खान का पिछले साल 7 नवंबर को निधन हो गया था। एक्ट्रेस जरीन खान के निधन के बाद उन्हें दफ्नाए जाने की बजाए उनके परिवार ने उनका दाह संस्कार किया था। सोशल मीडिया पर लोगों ने इस बात को लेकर एक्ट्रेस के परिवार को जमकर ट्रोल किया था। मालूम हो कि जरीन पारसी परिवार से थीं और उनकी शादी एक मुस्लिम परिवार में हुई थी।
जरीन क्यों चाहती नहीं थीं दफ्नाई जाएं
अब विक्की लालवानी के साथ बातचीत में जरीन खान की बेटी फराह खान अली ने बताया, “भले ही उनका जन्म पारसी परिवार में हुआ था और उन्होंने एक मुस्लिम से शादी की थी। लेकिन उन्होंने हमसे हिंदू रीति-रिवाजों से उनका अंतिम संस्कार करने की विनती की थी।” लेकिन सवाल उठता है कि ऐसा क्यों? आखिर जरीन ऐसा क्यों चाहती थीं? इसका जवाब देते हुए जरीन ने बताया, “वह चाहती थीं कि उनकी अस्थियों को कश्मीर के बहते पानी में विसर्जित किया जाए। उन्हें कब्र में रहने से डर लगता था।”
परिवार ने पूरी की उनकी अंतिम इच्छा
जरीन खान को तंग जगहों में घबराहट होती थी, उन्हें क्रस्ट्रोफोबिया था और उनके इसी डर की वजह से वह चाहती थीं कि उनका अंतिम संस्कार हिंदू रीति रिवाजों से किया जाए। अपनी मां की अंतिम इच्छा पूरी करते हुए परिवार ने ठीक वैसा ही किया। लेकिन अपनी मां की अंतिम इच्छा पूरी करने के बाद जरीन खान को जो बैकलैश झेलना पड़ा, उसके बारे में बात करते हुए फराह खान ने कहा- यह बहुत दुखद था, क्योंकि उनकी मौत के बाद हिंदू और मुस्लिम, दोनों पक्षों से आपत्तिजनक टिप्पणियां आई थीं।
परिवार ने सिखाया था सभी धर्मों से प्यार
फराह खान ने इस बारे में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बहुत दुखद इसलिए है क्योंकि हम एक ऐसे परिवार से आते हैं जिसमें हमें सभी धर्मों से प्यार करना सिखाया जाता है। फराह ने बताया कि वो घर में सभी धर्मों के त्यौहार मनाया करती थीं और सभी धर्मों को अपना मानती थीं, लेकिन फिर जब उनकी मां के निधन और अंतिम संस्कार पर उन्हें इस तरह का रिएक्शन मिला तो इससे उन्हें बहुत ठेस पहुंची। हालांकि एक वक्त के बाद उन्होंने इन रिएक्शन्स को नजरअंदाज करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि वह ट्रोलर्स को इगनोर करना सीख गईं।
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