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क्रिप्टो बना ट्रंप की सबसे बड़ी कमाई का जरिया, पाकिस्तान कनेक्शन ने बढ़ाई टेंशन

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Source :- LIVE HINDUSTAN

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ताजा वित्तीय घोषणा (फाइनेंशियल डिस्क्लोजर) ने उनकी आय और कारोबारी गतिविधियों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। दरअसल, ट्रंप की कमाई में क्रिप्टोकरेंसी का बड़ा योगदान है। इस कमाई का पाकिस्तान से भी कनेक्शन है। यह भी दिलचस्प है कि डोनाल्ड ट्रंप पहले क्रिप्टोकरेंसी की आलोचना कर चुके हैं। राष्ट्रपति के तौर पर अपने पहले कार्यकाल के दौरान ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वह क्रिप्टोकरेंसी के फैन नहीं है। उन्होंने तब बिटकॉइन क्रिप्टो को हवा-हवाई (बिना किसी ठोस आधार के) बताया था।

ट्रंप की कमाई

अमेरिकी सरकारी नैतिकता कार्यालय में दाखिल 927 पन्नों की रिपोर्ट के अनुसार डोनाल्ड ट्रंप ने वर्ष 2025 में कम से कम 2 अरब डॉलर की आय अर्जित की। इसमें से अनुमानित 1.4 बिलियन डॉलर उन क्रिप्टोकरेंसी वेंचर से आए जिन्हें ऐसे ट्रस्ट कंट्रोल करते हैं जिनसे उन्हें फायदा होता है। यह ट्रंप के पारंपरिक रियल एस्टेट कारोबार से भी अधिक है। इस खुलासे ने अमेरिका हितों के टकराव (कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट) की संभावना पर बहस को फिर से हवा दी है और साथ ही ट्रंप के क्रिप्टो बिजनेस के साथ पाकिस्तान के बढ़ते जुड़ाव की ओर भी ध्यान खींचा है।

पाकिस्तान से कैसे कनेक्शन?

रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप को ‘वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल’ (WLF) में हिस्सेदारी से लगभग 799 मिलियन डॉलर का रेवेन्यू आया। WLF ने हाल ही में पाकिस्तान सरकार और पाकिस्तान वर्चुअल एसेट्स रेगुलेटरी अथॉरिटी के साथ समझौता किया है, जिसके तहत कंपनी के डॉलर-समर्थित स्टेबलकॉइन USD1 को पाकिस्तान की डिजिटल भुगतान प्रणाली में शामिल करने की योजना बनाई गई है।

इस्लामाबाद में हुए इस हस्ताक्षर समारोह में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब, पाकिस्तान सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और WLF के मुख्य कार्यकारी जैकरी विटकॉफ शामिल हुए। जैकरी विटकॉफ, ट्रंप के करीबी सहयोगी और मध्य पूर्व के लिए उनके दूत स्टीव विटकॉफ के बेटे हैं। पाकिस्तान के लिए यह पार्टनरशिप सिर्फ एक फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी पहल से कहीं अधिक है। यह अमेरिका के साथ रिश्तों में एक बड़े बदलाव का भी संकेत है। यह बदलाव 2017 से 2021 के बीच ट्रंप के पहले कार्यकाल से बिल्कुल अलग है। तब ट्रंप ने पाकिस्तान पर अमेरिका को सिर्फ झूठ और धोखा देने का आरोप लगाया था। इसके साथ ही करोड़ों डॉलर की मिलिट्री मदद रोक दी थी और बार-बार आरोप लगाया था कि इस्लामाबाद अमेरिकी मदद लेने के बावजूद आतंकवादियों को पनाह दे रहा है। तब से ट्रंप के बयानों में काफी बदलाव आया है।

वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल यानी WLF, विकेंद्रीकृत वित्त (DeFi) प्लेटफॉर्म ट्रंप द्वारा सह-स्थापित किया गया था। इसका संचालन उनके बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर और एरिक ट्रंप कर रहे हैं। इसके अलावा, लगभग 636 मिलियन डॉलर की कमाई $TRUMP मीम-कॉइन की बिक्री से हुई। बता दें कि कॉइन को राष्ट्रपति पद की शपथ लेने से पहले लॉन्च किया गया था। वहीं, CIC डिजिटल LLC ने ट्रंप ब्रांडेड मीम कॉइन, डिजिटल कलेक्टिबल्स, घड़ियां, स्नीकर्स और बाइबल की बिक्री से लगभग 60 करोड़ डॉलर की कमाई की।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN