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घूमने से ज्यादा होटल में ठहरना पसंद कर रही Gen Z, जानिए क्या है ट्रैवल का नया ट्रेंड

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Source :- LIVE HINDUSTAN

छुट्टियां बिताने के लिए आप किसी जगह पर जाएं और घूमने फिरने की जगह सिर्फ होटल के रूम में समय बिताएं ये सुनना अजीब लग सकता है लेकिन आजकल के Gen Z ऐसा करना ही पसंद कर रहे हैं। ऐस में जानिए क्या है ट्रैवल का नया ट्रेंड ‘रूम रॉटिंग’।

घूमने फिरने जब भी लोग जाते हैं तो अक्सर होटल को लेकर लोगों की अलग-अलग चॉइस होती है। कुछ लोग लग्जरी होटल को चुनते हैं तो कुछ लोग ऐसे कमरों की तलाश करते हैं जो अच्छे हो लेकिन बजट फ्रेंडली भी हों। क्योंकि अक्सर लोग सोचते हैं कि पूरा दिन उन्हें घूमना और होटल के रूम का इस्तेमाल बस रात के समय सोने के लिए करना है इसलिए बजट वाले कमरों को चुनते हैं। लेकिन आजकल के जेन-जी काफी अलग सोच रखते हैं। वह अच्छे नजारे वाला होटल का कमरा, आरामदायक बिस्तर और बिना किसी प्लान के पूरा दिन बिताना पसंक करते हैं। ‘रूम रॉटिंग’ आजकल के जेन जी ट्रैवलर्स के लिए असली छुट्टी बिताने का तरीका बन गया है। यही वजह है कि जेन-जी के बीच ‘रूम रॉटिंग’ का ट्रेंड काफी फेमस हो रहा है, क्योंकि वे टाइट शेड्यूल के बजाय आराम करने, फुर्सत के पल बिताने और बिना किसी पहले से तय प्लान के घूमने-फिरने को ज्यादा अहमियत देते हैं। जानिए ट्रैवलर्स इस तरह के ट्रेंड को क्यों फॉलो करना पसंद कर रहे हैं।

क्यों ट्रैवलर्स चुन रहे हैं ये ट्रेंड?

टाइम्स एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में साइकोथेरेपिस्ट, कोच, और ‘गेटवे ऑफ हीलिंग’ की फाउंडर और डायरेक्टर डॉ. चांदनी तुगनाईत ने बताया कि घूमने-फिरने के बजाय होटल के कमरे में ही समय बिताना क्यों पसंद करते हैं लोग-

पहले की थकान

कई लोग काम के लंबे और थकावट भरे हफ्तों के ठीक बाद छुट्टी पर जाना पसंद करते हैं, इसलिए घूमने-फिरने का बहुत ज्यादा भरा-पूरा प्लान उनकी पहले से ही व्यस्त जिंदगी में कामों की एक और लिस्ट जोड़ देता है। कमरे में आराम करना अक्सर महीनों में उन्हें मिलने वाला पहला सही ब्रेक होता है और इसे चुनना ही उन्हें ट्रिप का असली मकसद लगता है। इसी वजह से ट्रेवलर्स कमरे में ज्यादा समय बिचाना पसंद करते हैं।

‘चेकलिस्ट’ पूरी करने में नहीं मजा

सालों तक ‘जरूर देखने लायक जगहों’ की लिस्ट और सोशल मीडिया पर पोस्ट करने लायक फोटो के आधार पर ट्रिप करने के बाद, कुछ ट्रैवलर्स को लगता है कि घूमने के समय पर बहुत बिजी शेड्यूल छुट्टी को एक दिखावा बना देता है। कमरे में ही समय बिताना यात्रा का मजा अपने लिए लेने का एक शांत तरीका है, जिसमें किसी को यह साबित करने की जरूरत नहीं होती कि ट्रिप पर खर्च किया गया पैसा वसूल हुआ या नहीं।

कम फैसले लेने में लग्जरी

रोजाना की भागदौड़ वाली लाइफ में पहले से ही कई छोटे-मोटे फैसले लेने पड़ते हैं। बिना किसी शेड्यूल, बिना बुकिंग की चिंता, बिना लाइनों का इंतजाम किए और बिना सही रेस्टोरेंट चुनने के दबाव वाली छुट्टी ही असली सुकून देती है। बहुत कम ऐसे ट्रेवलर्स हैं जो इस तरह ट्रिप करना पसंद करते हैं।

हालांकि, कुछ एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि यह किसी खूबसूरत या महंगी जगह पर होने के बावजूद, घर पर छोड़े गए अपने मन के उसी पुराने हाल में उलझे रहने का अनुभव है। व्यक्ति दिन का ज्यदातर समय कमरे में ही बिताता है, इसलिए नहीं कि वह शांति का मजा ले रहा है, बल्कि इसलिए क्योंकि बाहर निकलने में बहुत ज्यादा मेहनत लगती है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN