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टमाटर के बीज से किडनी में पथरी बनती है? इन्हें निकालें या नहीं, न्यूट्रीशनिस्ट से समझें पूरी बात!

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Source :- LIVE HINDUSTAN

आपने कई लोगों से सुना होगा कि टमाटर के छोटे और सख्त बीज किडनी में पथरी बनाते हैं। ऐसे में कई लोग इन्हें निकालने के बाद ही टमाटर खाते हैं। अब सवाल है कि क्या इस बात में वाकई सच्चाई है? आइए जानते हैं इसपर न्यूट्रीशनिस्ट की क्या राय है।

टमाटर का इस्तेमाल इंडियन किचन में भर-भर के होता है। सब्जी में डालने से ले कर सूप, चटनी, सलाद तक, रोजाना टमाटर तो हम खा लेते हैं। लेकिन टमाटर को ले कर एक बात खूब कही जाती है। खासकर सोशल मीडिया पर अक्सर आपको लोग कहते हुए मिल जाएंगे कि टमाटर के बीज खाने से किडनी में पथरी होने का रिस्क बढ़ जाता है। ऐसा कहा जाता है कि टमाटर के छोटे और सख्त बीजों में ऑक्सलेट मौजूद होता है, जो किडनी स्टोन का कारण बन सकता है। यही वजह है कि कई लोग टमाटर की सलाद से परहेज करते हैं और सब्जी में भी बीज निकालने के बाद ही टमाटर डालते हैं। लेकिन क्या इस बात में सच्चाई है भी या नहीं? हेल्थ एक्सपर्ट्स का इसपर क्या कहना है? आइए जानते हैं।

क्या टमाटर के बीज खाने से किडनी में पथरी होती है?

ऐसा कहा जाता है कि टमाटर के बीजों में ऑक्सलेट पाया जाता है, जो किडनी में पथरी का कारण बन सकता है। इस बारे में जानी-मानी न्यूट्रीशनिस्ट लीमा महाजन बताती हैं कि सिर्फ बीज की नहीं, टमाटर के गूदे में भी ऑक्सलेट मौजूद होते हैं। इसलिए बीज निकालकर ये टमाटर को पूरी तरह ऑक्सलेट-फ्री कहना ठीक नहीं होगा। हालांकि एक मीडियम साइज के टमाटर में केवल 5-7 ग्राम ऑक्सलेट पाया जाता है, जो एक कप पालक से बहुत कम है।

स्टोन बनने से रोक सकता है टमाटर में मौजूद सिट्रेट

न्यूट्रीशनिस्ट कहती हैं कि टमाटर में सिट्रेट मौजूद होता है, जो पथरी को बनने से रोकने में मदद कर सकता है। दरअसल सिट्रेट, यूरिन में कैल्शियम के साथ बंध सकता है। इससे कैल्शियम और ऑक्सलेट के आपस में जुड़कर कैल्शियम ऑक्सलेट क्रिस्टल बनाने, उनके बढ़ने और एक दूसरे से बाइंड होने की प्रक्रिया कम हो सकती है। यही वजह है कि पर्याप्त सिट्रेट का सेवन कुछ लोगों में कैल्शियम ऑक्सलेट स्टोन बनने की प्रक्रिया को धीमा कर सकता है।

किडनी में पथरी होने की टेंशन है तो ये करें

अगर आपको किडनी में पथरी होने का डर है तो कैल्शियम रिच या ऑक्सलेट रिच फूड्स को पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है। न्यूट्रीशनिस्ट कहती हैं कि आप कैल्शियम और ऑक्सलेट रिच फूड्स को एक साथ, एक ही मील में पेयर कर सकते हैं। ऐसा करने से ऑक्सलेट की कम मात्रा आपके शरीर में एब्जॉर्ब होगी और ये किडनी तक भी कम पहुंच पाएंगे। इसके अलावा आप दिनभर में पानी की मात्रा भी बढ़ा सकते हैं।

टमाटर को डाइट से बाहर करना जरूरी नहीं

अंत में न्यूट्रीशनिस्ट यही सलाह देती हैं कि किडनी में पथरी के डर से टमाटर को पूरी तरह बंद कर देना या उसके बीज निकालकर खाना सही नहीं है। इसकी जगह अपनी ओवरऑल डाइट, हाइड्रेशन, सोडियम इंटेक, और कैल्शियम इंटेक का ध्यान रखें। इसके साथ ही ये भी ध्यान रखें कि टमाटर किडनी स्टोन का इलाज नहीं है। लेकिन सिर्फ ऑक्सलेट होने की वजह से अगर आप इन्हें खाने से बचते हैं, तो ये करना बंद करें।

नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या मेडिकल कंडीशन से जुड़े सवालों के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर मौजूद यूजर-जनरेटेड कंटेंट पर आधारित है। लाइव हिन्दुस्तान ने इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है और न ही इनका समर्थन करता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN