Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- Tata Group: टाटा ग्रुप का देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है
- ऐसे में ग्रुप के भीतर चल रहे मतभेदों का जल्द समाधान होना जरूरी है
- उन्होंने कहा कि विवाद को सार्वजनिक रूप से सामने लाने के बजाय संबंधित पक्षों को आपस में बातचीत करनी चाहिए
टाटा ग्रुप में टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स के बीच चल रहे विवाद पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस विवाद को आपसी बातचीत से सौहार्दपूर्ण तरीके से जल्द सुलझाया जाना चाहिए। मामले को सार्वजनिक मंच पर उछालने के बजाय ग्रुप के नेतृत्व को मिल-बैठकर समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने टाटा ग्रुप को भारतीय अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बताया।
निर्मला सीतारमण ने सोमवार को मुंबई में फाइनेंशियल एक्सप्रेस लीडरशिप अवॉर्ड्स 2026 के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि यह एक संवेदनशील मामला है, जिसे सुलझाने के लिए कारोबारी समझदारी और नेतृत्व में आपसी तालमेल की जरूरत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि टाटा ग्रुप का नेतृत्व जल्द ही मतभेद दूर कर सामान्य स्थिति बहाल करेगा।
सार्वजनिक मंच पर नहीं उछलना चाहिए विवाद
वित्त मंत्री ने कहा कि टाटा ग्रुप का देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है। ऐसे में ग्रुप के भीतर चल रहे मतभेदों का जल्द समाधान होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि विवाद को सार्वजनिक रूप से सामने लाने के बजाय संबंधित पक्षों को आपस में बातचीत करनी चाहिए।
टाटा ग्रुप की दुनिया में पहचान
उन्होंने टाटा ग्रुप की दुनिया में पहचान और ब्रांड वैल्यू का भी उल्लेख किया। साथ ही, उन्होंने टाटा ग्रुप को ग्लोबल लेवल पर स्थापित करने में पारसी समुदाय के योगदान की सराहना की।
हालांकि, वित्त मंत्री ने यह स्पष्ट नहीं किया कि सरकार इस विवाद को सुलझाने के लिए दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराने की पहल करेगी या नहीं। उन्होंने मामले को संवेदनशील बताते हुए इस पर कोई स्पष्ट टिप्पणी करने से परहेज किया।
क्या है टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स के बीच विवाद?
टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस और उसके सबसे बड़े शेयर होल्डर्स टाटा ट्रस्ट्स के बीच कई मुद्दों पर मतभेद सामने आए हैं। इनमें टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति और कंपनी को शेयर बाजार में लिस्ट कराने का मुद्दा प्रमुख है।
टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा के नेतृत्व वाला पक्ष टाटा संस की लिस्टिंग को लेकर असहमति जता रहा है। वहीं, टाटा संस के बोर्ड ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियामकीय निर्देशों के अनुरूप कंपनी की लिस्टिंग की दिशा में आगे बढ़ने का फैसला किया है।
सितंबर में हुई बोर्ड बैठक में एन. चंद्रशेखरन को टाटा संस का चेयरमैन फिर से नियुक्त करने का निर्णय भी लिया गया था। इस बैठक में नोएल टाटा ने इस फैसले के खिलाफ मतदान किया था। टाटा ग्रुप में इन मतभेदों के सार्वजनिक होने के बाद अब वित्त मंत्री ने दोनों पक्षों से जल्द और सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने की अपील की है।
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