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टाटा ग्रुप में बड़ा बदलाव! 40 साल बाद वोल्टास चेयरमैन पद छोड़ेंगे नोएल टाटा, AGM में खुद किया ऐलान

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Source :- LIVE HINDUSTAN

टाटा ग्रुप की दिग्गज कंपनी वोल्टास (Voltas) से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। कंपनी के चेयरमैन नोएल टाटा ने आधिकारिक तौर पर घोषणा कर दी है कि वह वोल्टास के चेयरमैन पद से इस्तीफा देने जा रहे हैं। उन्होंने यह ऐलान कंपनी की 72वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के दौरान किया। खास बात यह है कि कुछ दिन पहले ही उन्होंने ट्रेंट (Trent) के चेयरमैन पद से भी हटने का फैसला सुनाया था। ऐसे में टाटा ग्रुप की कई बड़ी कंपनियों में नेतृत्व परिवर्तन का दौर शुरू हो गया है।

AGM को संबोधित करते हुए नोएल टाटा ने कहा कि यह उनके लिए वोल्टास के चेयरमैन के रूप में आखिरी AGM है। उन्होंने सभी शेयरधारकों, कर्मचारियों और बिजनेस पार्टनर्स का सालों तक मिले सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि कंपनी आज बेहद मजबूत स्थिति में खड़ी है और आने वाले समय के लिए पूरी तरह तैयार है। उनके मुताबिक वोल्टास ने अपनी अगली जेनरेशन के नेतृत्व को तैयार कर लिया है, जिसमें कंपनी के अंदर से प्रमोट किए गए अनुभवी अधिकारियों के साथ-साथ बाहर से नियुक्त किए गए नए प्रोफेशनल्स भी शामिल हैं।

नोएल टाटा ने भरोसा जताया कि नई टीम कंपनी को नई ऊंचाइयों तक लेकर जाएगी। उन्होंने कहा कि अनुभवी और युवा नेतृत्व का यह मिश्रण वोल्टास को हर बिजनेस सेगमेंट में तेजी से आगे बढ़ाने में सक्षम होगा। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें संतोष है कि कंपनी भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार कर चुकी है।

नोएल टाटा का वोल्टास के साथ रिश्ता दो दशक से भी अधिक पुराना है। वह 27 जनवरी 2003 को कंपनी के बोर्ड में शामिल हुए थे। इसके बाद 1 सितंबर 2017 को उन्होंने इशात हुसैन की जगह वोल्टास के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन का पद संभाला। उनके नेतृत्व में कंपनी ने एयर कंडीशनिंग और इंजीनियरिंग कारोबार में अपनी मजबूत पहचान बनाई और भारतीय बाजार में नंबर-1 ब्रांड के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत किया।

कंपनी के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए नोएल टाटा ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत बेहद शानदार रही है। उन्होंने कहा कि वोल्टास ने सिर्फ 81 दिनों में 10 लाख (1 मिलियन) रूम एयर कंडीशनर बेचने का रिकॉर्ड बनाया है। यह उपलब्धि कंपनी की मजबूत बाजार पकड़ और ग्राहकों के भरोसे को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह रिकॉर्ड इस बात का प्रमाण है कि वोल्टास आज भी भारत के एयर कंडीशनर बाजार में अग्रणी कंपनी बनी हुई है।

उन्होंने कर्मचारियों और ज्वॉइंट वेंचर पार्टनरशिप की भी जमकर तारीफ की। उनके अनुसार कंपनी की सफलता के पीछे कर्मचारियों की मेहनत और साझेदारों का सहयोग सबसे बड़ा कारण रहा है। उन्होंने सभी को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वोल्टास आने वाले सालों में भी नए रिकॉर्ड बनाएगी।

नोएल टाटा सिर्फ वोल्टास तक सीमित नहीं हैं। वह इस समय टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन हैं, जो टाटा संस का सबसे बड़ा शेयरधारक है। इसके अलावा वह ट्रेंट, टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन, टाटा इंटरनेशनल, ट्रेंट हाइपरमार्केट और दुबई स्थित टाटा इंटरनेशनल वेस्ट एशिया DMCC के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन भी हैं। साथ ही वह टाटा स्टील और टाइटन कंपनी के वाइस चेयरमैन की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं।

नोएल टाटा इस साल नवंबर में 70 साल के हो जाएंगे। भारतीय कंपनी कानून के तहत 70 साल की आयु के बाद किसी व्यक्ति को प्रबंध निदेशक या पूर्णकालिक निदेशक के रूप में बने रहने के लिए खास मंजूरी की आवश्यकता होती है। हालांकि, वह वोल्टास में नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन थे, लेकिन उनके लगातार अलग-अलग कंपनियों से हटने के फैसले को टाटा ग्रुप में लंबे समय से चल रही लीडरशिप सक्सेशन प्लानिंग का हिस्सा माना जा रहा है।

मार्केट एक्सपर्ट का मानना है कि नोएल टाटा के पद छोड़ने से कंपनी के संचालन पर तत्काल कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि उन्होंने पहले ही नई नेतृत्व टीम तैयार कर दी है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि वोल्टास का अगला चेयरमैन कौन होगा और कंपनी भविष्य की रणनीति को किस दिशा में आगे बढ़ाती है। फिलहाल, नोएल टाटा ने साफ कर दिया है कि वह वोल्टास को एक मजबूत स्थिति में छोड़ रहे हैं और उन्हें भरोसा है कि कंपनी आगे भी विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगी।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN