Source :- LIVE HINDUSTAN
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को नई सख्त चेतावनी दी है। ट्रंप ने साफ कहा कि अमेरिका समझौता चाहता है, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो एक घंटे में ईरान के अहम ठिकानों को नष्ट कर सकता है। आइये जानते हैं कि ट्रंप ने ईरान को लेकर और क्या कहा…
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान को एक बार फिर धमकी दी है। उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि या तो दोनों देशों के बीच समझौता हो जाएगा, या फिर अमेरिका अपना काम पूरा कर देगा। ट्रंप की ओर से यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब ईरान अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियों में व्यस्त है। खामेनेई 28 फरवरी को शुरू हुए अमेरिका- इजरायल और ईरान युद्ध में मारे गए थे।
ट्रंप ने वाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हम किसी न किसी रूप में जीत हासिल करेंगे। हम या तो समझौता करेंगे या काम पूरा कर देंगे, और काम पूरा करना हमारे लिए मुश्किल नहीं होगा। इस दौरान उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्हें समझौता करना ज्यादा पसंद है। ट्रंप ने आगे कहा कि मैं समझौता करना बेहतर समझता हूं क्योंकि मैं 91 मिलियन लोगों को प्रभावित नहीं करना चाहता। लेकिन हम एक घंटे में उनके पुल गिरा सकते हैं।
उन्होंने परमाणु मुद्दे पर भी बात करते हुए कहा कि अमेरिका को ‘परमाणु धूल’ मिल जाएगी, लेकिन कोई परमाणु हथियार नहीं होंगे। ट्रंप ने कहा कि तेल की कीमतें अब उन स्तरों पर हैं जो युद्ध शुरू होने से पहले भी कम थीं। हमें रियायतें मिली हैं और उन्हें इन रियायतों का पालन करना होगा। कोई परमाणु हथियार नहीं होंगे। इस दौरान ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान में सत्ता परिवर्तन की तलाश नहीं कर रहा है।
युद्धविराम के बावजूद लगातार चेतावनी
बता दें कि पिछले महीने अंतरिम शांति समझौते पर हस्ताक्षर के बाद युद्धविराम लागू होने के बावजूद ट्रंप ईरान को लगातार चेतावनी दे रहे हैं। 3 जुलाई को खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए ईरानी नेतृत्व इकट्ठा हुआ तो ट्रंप ने इसे सैन्य अवसर बताया, हालांकि राजनयिक प्रयासों के चलते किसी कार्रवाई को खारिज कर दिया। एक्सियोस को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि वे सभी वहां इकट्ठे हैं। एक गोली से हम उन सबको खत्म कर सकते हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि फिर बातचीत करने के लिए कोई नहीं बचेगा।
ईरान का पलटवार
वहीं, ईरान ने ट्रंप के बयान पर तीखा पलटवार किया। आर्मेनिया स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर अमेरिका की कड़ी आलोचना की। दूतावास ने लिखा कि अमेरिका 4 जुलाई को अपनी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ मनाई, खामेनेई की मृत्यु पर हुए शोक को कभी नहीं समझ सकता। उसके पास न सभ्यता है, न इतिहास और न ही सम्मान।
ईरानी दूतावास ने आगे कहा कि लोगों को मारा जा सकता है, लेकिन आदर्शों को नहीं। आपने अयातुल्ला खामेनेई की हत्या की, लेकिन असल में आपने एक इत्र की बोतल तोड़ी है, जिसकी खुशबू अब हर जगह फैल गई है। आप इन बातों को नहीं समझते क्योंकि आपके पास न सभ्यता है, न इतिहास और न ही सम्मान।
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