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डॉक्टर शुभम ने बताया महिलाओं को क्यों होता है सबसे ज्यादा गॉलब्लैडर स्टोन का खतरा?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

पित्त की थैली में पथरी की समस्या महिलाओं में ज्यादा देखने को मिलती है। इसके कई कारण जिम्मेदार होते हैं। डॉक्टर शुभम वत्स्य ने बताएं आखिर किसे पथरी का ज्यादा रिस्क होता है और क्यों….

गॉलब्लैडर में स्टोन होने के बारे में आपने भी आसपास काफी सारे लोगों को सुना होगा। जिन्हें पथरी हो जाती है अक्सर डॉक्टर सर्जरी के जरिए उनके गॉलब्लैडर को रिमूव कर देते हैं। अक्सर गॉलब्लैडर में पथरी होने के कोई लक्षण नहीं दिखते हैं और लक्षण दिखने पर फौरन सर्जरी की जरूरत होती है। लेकिन सवाल ये है कि आखिर गॉलब्लैडर में पथरी क्यों हो जाती है और किन लोगों को सबसे ज्यादा रिस्क होता है क्योंकि देखा गया है कि अच्छी तरह से स्वस्थ लोगों को पथरी की समस्या हो जाती है। इस बारे में डॉक्टर शुभम वत्स्य ने वीडियो शेयर कर जानकारी भी दी है कि 4 तरह के लोगों को पित्ताशय में पथरी का खतरा सबसे ज्यादा रहता है और इन कारणों से महिलाओ गॉलब्लैडर में स्टोन का खतरा ज्यादा रहता है।

गॉलब्लैडर स्टोन का खतरा किन लोगों को ज्यादा होता है?

डॉक्टर का कहना है कि 4 तरह के F को पित्त की थैली में पथरी की समस्या सबसे ज्यादा होती है-

1- फर्टाइल वुमन

20 से 50 साल वाली महिलाएं जिनमे फर्टिलिटी के हार्मोंस बनते रहते हैं, उनमे गॉलब्लैडर स्टोन का खतरा बना रहता है।

2- 40 के पास वाली उम्र

वहीं 40 के बाद की उम्र वाले पुरुषों को भी पित्त की थैली में स्टोन का रिस्क रहता है।

3- फीमेल

महिलाओं में हार्मोंन की वजह से पित्त की पथरी होने का चांस 3 गुना ज्यादा होता है। इसका कारण एस्ट्रोजन हार्मोन होता है जो कोलेस्ट्रॉल लेवल को बढ़ाता है और प्रोजेस्टेरोन गॉलब्लैडर को खाली होने में देर करता है। जिससे पथरी बनने का रिस्क रहता है।

4- फैट

वहीं शरीर में अगर फैट है तो एस्ट्रोजन हार्मोन बढ़ेगा और नतीजा गॉलब्लैडर में कोलेस्ट्रॉल का लेवल भी बढ़ेगा, जिसकी वजह से स्टोन का रिस्क बढ़ जाता है।

इन चार तरह के लोगों को गॉलब्लैडर में स्टोन का खतरा सबसे ज्यादा होता है।

गैस, कब्ज नहीं है गॉलब्लैडर स्टोन के कारण

डॉक्टर ने बताया कि गॉलब्लैडर स्टोन की वजह से कभी भी गैस, कब्ज, ब्लोटिंग या एसिडिटी की समस्या नहीं होती है। दरअसल, जब गॉलब्लैडर में स्टोन होता है तो पेट के ऊपरी हिस्से में तेज दर्द होता है और यहीं स्टोन का मुख्य लक्षण होता है। जबकि काफी सारे लोगों को लगता है कि स्टोन की वजह से ही उन्हें गैस, कब्ज, एसिडिटी, ब्लोटिंग महसूस हो रही है।

गॉलब्लैडर स्टोन का रिस्क इन कारणों से महिलाओं में बढ़ जाता है

  • प्रेग्नेंसी के दौरान जब हार्मोंस तेजी से बढ़ते हैं।
  • जो महिलाएं हार्मोनल बर्थ कंट्रोल वाली दवाएं खाती हैं, उनमे हार्मोनल समस्याओं की वजह से स्टोन का खतरा बढ़ता है।
  • मेनोपॉज के समय हार्मोन थेरेपी की वजह से भी गॉलब्लैडर स्टोन का रिस्क बढ़ जाता है।
  • अगर तेजी से वजन घटाने के लिए क्रैश डाइट का सहारा लिया गया है या फिर फैट कम करने के लिए सर्जरी कराई गई है तो भी स्टोन का रिस्क रहता है। दरअसल, बॉडी का फैट जब तेजी से कम होता है गॉलब्लैडर में कोलेस्ट्रोल ज्यादा निकलता है और वो स्टोन में कन्वर्ट होता है।
  • इसके साथ ही हाई फैट, लो फाइबर डाइट की वजह से भी पित्त की थैली में पथरी हो जाती है।
  • कुछ लोगों की फैमिली हिस्ट्री भी होती है, जिसकी वजह से उन्हें स्टोन का रिस्क होता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN