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‘तबीयत ठीक नहीं थी तो बता देते…’ मंत्री सुबोध उनियाल ने दलेर मेहंदी पर साधा निशाना, कहा- 35 लाख एडवांस दिए थे

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Source :- LIVE HINDUSTAN

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हाल ही में उत्तराखंड के टिहरी में कुंजापुरी मेले में लाइव शो के दौरान गायक दलेर मेहंदी और मंत्री सुबोध उनियाल के बीच हुए विवाद रह तरफ खबरों में बना हुआ है।

पंजाबी सिंगर दलेर मेहंदी इन दिनों लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। हाल ही में उत्तराखंड के टिहरी में कुंजापुरी मेले में लाइव शो के दौरान गायक दलेर मेहंदी और मंत्री सुबोध उनियाल के बीच हुए विवाद रह तरफ खबरों में बना हुआ है। इस कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल ने नवरात्रि के कार्यक्रम में शराब पीकर स्टेज शो करने का आरोप लगाया था। कार्यक्रम से उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही बवाल मच गया। हालांकि उनके इस आरोप के बाद कई सेलेब्स दलेर के समर्थन में उतरे और कहा कि दलेर मेहंदी शराब नहीं पीते हैं। वहीं, अब खबरें हैं कि दलेर मेहंदी की तबीयत ठीक नहीं थी। इसी बीच अब मंत्री ने इस पूरे मामले पर फिर से अपना रिएक्शन दिया है।

‘तबीयत ठीक नहीं थी तो बता देते…’

उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल ने पीटीआई से बातचीत में साफ किया है कि उनका मकसद सिंगर दलेर मेहंदी को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्होंने कहा कि अगर दलेर मेहंदी की तबीयत ठीक नहीं थी, तो उन्हें आयोजकों को इस बारे में बता देना चाहिए था। मंत्री ने दावा किया कि दलेर मेहंदी लिप-सिंक कर रहे थे और ठीक से बोल या चल भी नहीं पा रहे थे, जिससे उन्हें शक हुआ कि शायद उन्होंने कोई नशा किया है और वो उन पर उसी नशे का असर है। उन्होंने आगे कहा कि आयोजन समिति से जुड़े स्थानीय प्रतिनिधि होने के नाते, उन्हें इस पर सवाल उठाने के लिए “दबाव” महसूस हुआ।

हमने उन्हें 35 लाख एडवांस के तौर पर दिए थे

उनियाल ने बताया कि उन्हें मेहंदी की खराब तबीयत के बारे में तब पता चला, जब उनका परफॉरमेंस बीच में रोकना पड़ा। उन्होंने कहा, ‘इतने बड़े कलाकार हैं, उन्हें हमें इस बारे में बता देना चाहिए था। यह बात तब सामने आई जब उन्हें रोका गया। अगर उनकी तबीयत ठीक नहीं थी, तो उन्हें परफॉर्म करने नहीं आना चाहिए था। हमसे कलाकार को 35 लाख रुपये का पूरा भुगतान एडवांस में करने के लिए कहा गया था, होटल भी पहले से बुक कर दिए गए थे। मेहंदी से मेरी कोई निजी दुश्मनी नहीं है और न ही उन्हें ठेस पहुंचाने का मेरा कोई इरादा है, लेकिन इतने बड़े कलाकार को, अपनी हालत जानते हुए, परफॉर्म करने से मना कर देना चाहिए था।’

किसी अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं किया

मंत्री उनियाल ने फिर कहा कि अपने निर्वाचन क्षेत्र के चुने हुए प्रतिनिधि के तौर पर वे “दबाव” में थे। उन्होंने कहा कि कलाकारों को अपनी गरिमा बनाए रखने के लिए उचित व्यवहार करना चाहिए, और साथ ही यह भी कहा कि दलेर मेहंदी से बात करते समय उन्होंने किसी भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं किया।

सुनंदा शर्मा के न अपने पर दलेर मेहंदी को बुलाया गया

उनियाल ने बताया कि कुंजापुरी मेले में स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता दी जाती है, जबकि बॉलीवुड के कलाकारों को केवल दो दिनों के लिए बुलाया जाता है। उन्होंने गायिका सुनंदा शर्मा का उदाहरण देते हुए बताया कि जब उनकी तबीयत खराब हो गई और वे परफॉर्म नहीं कर पाईं, तो उन्होंने पूरी फीस वापस कर दी थी। उनियाल ने कहा, ‘जब सुनंदा शर्मा नहीं आ पाईं, तो हमारी टीम ने दलेर मेहंदी से संपर्क किया। अगर उनकी तबीयत खराब थी, तो उन्हें हमें बता देना चाहिए था। जनता डॉक्टर तो है नहीं कि उन्हें यह पता चल जाए। एक कलाकार के परिवार वाले और शुभचिंतक हमेशा उनके साथ खड़े रहते हैं, लेकिन हमें भी पहले से बता दिया जाना चाहिए था।’

SOURCE : LIVE HINDUSTAN