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दिखने में अमीर, लेकिन असल में कंगाल? 10 संकेत बताते हैं कि लाखों की सैलरी के बाद भी आप गरीब हैं!

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Source :- LIVE HINDUSTAN

अच्छी सैलरी, बढ़िया घर और आरामदायक लाइफस्टाइल देखकर लगता है कि सबकुछ ठीक चल रहा है। लेकिन कई बार बाहर से दिखने वाली ये कंफर्टेबल लाइफ अंदर की आर्थिके परेशानी छिपा रही होती है। महीने की शुरुआत में सैलरी आती है और कुछ ही दिनों में किराया, ईएमआई, राशन, बिजली, पेट्रोल और दूसरे खर्चों में खत्म हो जाती है। अचानक कोई बड़ा खर्च आ जाए तो बजट पूरी तरह बिगड़ जाता है। हालांकि, इन संकेतों का मतलब यह नहीं है कि कोई व्यक्ति गरीब है। कम आमदनी, बढ़ती महंगाई, परिवार की जिम्मेदारियां और अनियमित कमाई भी आर्थिक दबाव की वजह हो सकती हैं। असली सवाल यह है कि क्या आपकी कमाई जरूरतों और जिम्मेदारियों को आराम से पूरा कर पा रही है या नहीं।

1. सैलरी आती है और गायब हो जाती है?

अगर महीने की शुरुआत में सैलरी आते ही ज्यादातर पैसा किराए, ईएमआई, राशन और दूसरे जरूरी खर्चों में चला जाता है और अगले वेतन तक कुछ बचता ही नहीं, तो यह खतरे की घंटी है। खासकर तब, जब कुछ दिन पहले ही पैसे खत्म होने लगें।

2. अचानक खर्च आया तो बजट बिगड़ गया?

गाड़ी खराब हो गई, घर में कोई जरूरी सामान खराब हो गया या अचानक कोई बड़ा खर्च आ गया और आपके पास उसे संभालने के लिए पैसा नहीं है, तो इसका मतलब है कि आपके पास इमरजेंसी सेविंग की कमी है।

3. कमाई का बड़ा हिस्सा ब्याज में जा रहा है?

अगर आपकी सैलरी का बड़ा हिस्सा पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड या दूसरे कर्ज की ईएमआई और ब्याज चुकाने में चला जाता है, तो कमाई का फायदा कम हो जाता है। खास बात यह है कि पैसे देने के बाद भी कर्ज तेजी से कम नहीं होता।

4. बिल भरने की तारीख आते ही टेंशन?

बिजली का बिल, किराया, ईएमआई या क्रेडिट कार्ड का पेमेंट समय पर करने के लिए बार-बार पैसे का इंतजाम करना पड़ता है? अगर हर महीने तय करना पड़े कि पहले कौन-सा बिल भरें और कौन-सा बाद में, तो फाइनेंशियल स्थिति पर ध्यान देने की जरूरत है।

5. क्रेडिट कार्ड की लिमिट बार-बार खत्म?

क्रेडिट कार्ड की लिमिट हर महीने लगभग पूरी हो जाती है और पेमेंट करते ही फिर उसी कार्ड से खर्च शुरू हो जाता है, तो हो सकता है कि आपकी लाइफस्टाइल का कुछ हिस्सा उधार के पैसों से चल रहा हो।

6. जरूरी सामान के लिए भी उधार?

अगर राशन खरीदने, किराया देने या जरूरी बिल चुकाने के लिए दोस्तों, रिश्तेदारों या किसी लेंडर से बार-बार पैसे लेने पड़ रहे हैं, तो यह गंभीर संकेत है। कभी-कभार मदद लेना अलग बात है, लेकिन इसे हर महीने की आदत बन जाना परेशानी का संकेत है।

7. हर महीने खर्च कमाई से ज्यादा?

सैलरी से ज्यादा खर्च हो रहा है और अंतर को सेविंग निकालकर या उधार लेकर पूरा किया जा रहा है, तो यह स्थिति लंबे समय तक नहीं चल सकती। धीरे-धीरे सेविंग खत्म होगी और कर्ज बढ़ता जाएगा।

8. सेल देखकर शॉपिंग का मन नहीं रुकता?

ऑनलाइन सेल, डिस्काउंट और ऑफर देखकर ऐसी चीजें खरीद लेना जिनकी पहले से जरूरत नहीं थी, अपने आप में बड़ी समस्या नहीं है। दिक्कत तब है जब ऐसी खरीदारी के कारण जरूरी खर्च या बचत प्रभावित होने लगे।

9. मुश्किल वक्त के लिए इंश्योरेंस नहीं?

अच्छी कमाई के बावजूद अगर आपके पास जरूरी इंश्योरेंस कवर नहीं है, तो कोई बड़ी मेडिकल इमरजेंसी या दुर्घटना आपकी पूरी सेविंग पर भारी पड़ सकती है। एक बड़ा खर्च कई महीनों की आर्थिक प्लानिंग बिगाड़ सकता है।

10. खर्च चलाने के लिए सामान बेचना?

अगर रोजमर्रा के खर्च पूरे करने के लिए बार-बार गहने, निवेश या दूसरी कीमती चीजें बेचनी पड़ रही हैं, तो यह सबसे बड़ा संकेत हो सकता है। इससे तत्काल जरूरत तो पूरी हो जाती है, लेकिन भविष्य की आर्थिक सुरक्षा कमजोर होती जाती है।

असली अमीरी सिर्फ सैलरी में नहीं?

किसी की आर्थिक स्थिति का अंदाजा सिर्फ उसकी सैलरी या लाइफस्टाइल देखकर नहीं लगाया जा सकता। ज्यादा कमाने वाला व्यक्ति भी अगर हर महीने पूरा पैसा खर्च कर देता है। कर्ज में फंसा है और उसके पास इमरजेंसी फंड नहीं है, तो उसकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो सकती है। इसलिए सवाल यह नहीं है कि आप कितना कमाते हैं। असली सवाल है कि आपकी कमाई में से कितना बचता है, कितना कर्ज चुकाने में जाता है और अचानक जरूरत पड़ने पर आपके पास कितना पैसा मौजूद है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN