Source :- LIVE HINDUSTAN

सुजलॉन शेयर की बात करें तो बीएसई पर 54.38 रुपये की पिछली क्लोजिंग के बाद गुरुवार को 55.75 रुपये तक गया। वहीं, ब्रोकरेज फर्म JM Financial शेयर को लेकर गदगद है। 

अगर पोर्टफोलियो में सुजलॉन एनर्जी के शेयर हैं तो ये खबर आपके काम की हो सकती है। दरअसल, सुजलॉन एनर्जी ने कारोबार विस्तार का ऐलान किया है। सुजलॉन 2.0 के तहत कंपनी अब केवल विंड टरबाइन निर्माता नहीं रहेगी बल्कि सोलर, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) और अन्य रिन्यूएबल एनर्जी सॉल्युशंस में भी विस्तार करेगी। कंपनी की इस घोषणा के बाद गुरुवार को सुजलॉन के शेयरों में 3 फीसदी की तेजी देखी गई। हालांकि, ब्रोकरेज का अनुमान है कि यह शेयर अभी और मुनाफा देगा। आइए डिटेल जान लेते हैं।

सुजलॉन के शेयर का परफॉर्मेंस

बीएसई पर 54.38 रुपये की पिछली क्लोजिंग के बाद गुरुवार को शेयर 55.75 रुपये तक गया। यह करीब 3 पर्सेंट का उछाल है। ब्रोकरेज फर्म JM Financial के अनुसार सुजलॉन के शेयर ₹65 तक जा सकते हैं। यह करीब 20 फीसदी के उछाल का अनुमान है। जून 2025 में यह शेयर 69.48 रुपये तक गया था। यह शेयर के 52 हफ्ते का हाई है। मार्च 2026 में शेयर 38.17 रुपये के निचले स्तर पर आ गया। यह शेयर के 52 हफ्ते का लो है। पिछले एक वर्ष में शेयर में 17 फीसदी की गिरावट रही है, लेकिन तीन वर्षों में इसने 405 फीसदी और पांच वर्षों में 725 फीसदी का शानदार रिटर्न दिया है।

सुजलॉन के ऐलान?

सुजलॉन ने एक बयान में कहा कि कंपनी अब बैटरी स्टोरेज सहित कई नए व्यवसायों में प्रवेश करेगी। इसके साथ ही यह एक प्लेटफॉर्म भी शुरू करेगी, जिसके जरिये रिन्यूएबल एनर्जी की संभावनाओं को बड़े पैमाने पर परियोजनाओं में बदला जाएगा। इस प्लेटफॉर्म को कंपनी ने RE DevCo नाम दिया है।

कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि केवल इस DevCo इकाई में वित्त वर्ष 2026-27 में 500 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इसके अलावा अन्य व्यवसाय क्षेत्रों में भी 600 से 700 करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा। सुजलॉन ने अपने अगले पांच वर्षों के लक्ष्य भी साझा किए। इसके तहत कंपनी का लक्ष्य है कि उसकी वार्षिक रिन्यूएबल एनर्जी बिक्री चार गुना बढ़कर 10 गीगावाट तक पहुंच जाए और वर्ष 2031 तक कंपनी की ऑर्डर बुक 15 गीगावाट तक बढ़े।

कंपनी का लक्ष्य

सुजलॉन का लक्ष्य FY31 तक 15 GW का ऑर्डर बुक तैयार करना, भारतीय विंड एनर्जी बाजार में लगभग 40 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करना है। इसके अलावा, निर्यात बाजार से 3 GW के ऑर्डर प्राप्त करना है। कंपनी को उम्मीद है कि उसका नया रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट बिजनेस RE DevCo अगले पांच वर्षों में कुल कारोबार का लगभग 60 फीसदी योगदान देगा।

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