Source :- LIVE HINDUSTAN
नया स्मार्टफोन खरीदने के बाद कुछ जरूरी सेटिंग्स बदलना फायदेमंद हो सकता है। जानिए कौन-सी 6 सेटिंग प्राइवेसी बेहतर करने, बैटरी बचाने और फोन को सुरक्षित रखने में मदद कर सकती हैं।
नया स्मार्टफोन खरीदने के बाद हम अक्सर सबसे पहले उसमें WhatsApp, Instagram और दूसरी जरूरी ऐप्स डाउनलोड करने लगते हैं। लेकिन फोन को इस्तेमाल करने से पहले कुछ जरूरी सेटिंग्स चेक करना महत्वपूर्ण है। कई स्मार्टफोन में कुछ फीचर्स डिफॉल्ट रूप से ऑन रहते हैं, जिनमें लोकेशन, ऐप परमिशन, बैकग्राउंड एक्टिविटी और नोटिफिकेशन जैसी सेटिंग शामिल हो सकती हैं। अगर कोई ऐप लगातार बैकग्राउंड में चलता रहता है तो वह बैटरी और मोबाइल डेटा का इस्तेमाल कर सकता है। इसी तरह जरूरत से ज्यादा ऐप परमिशन आपकी प्राइवेसी के लिए भी सही नहीं मानी जाती।इसलिए नया फोन खरीदने के बाद कुछ मिनट निकालकर उसकी सेटिंग्स देख लेना काम का कदम है। यहां हम ऐसी 6 सेटिंग्स के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें Android या iPhone सेटअप करते समय चेक किया जा सकता है।
1. बेवजह की ऐप परमिशन बंद करें
नए फोन में कई ऐप्स इंस्टॉल करने के बाद सबसे पहले उनकी परमिशन चेक करें। किसी ऐप को कैमरा, माइक्रोफोन, कॉन्टैक्ट्स, फोटो या लोकेशन की जरूरत है या नहीं, यह देखना जरूरी है। अगर कोई ऐप अपने काम के लिए लोकेशन की जरूरत नहीं रखता, तो उसे हर समय लोकेशन एक्सेस देने की जरूरत नहीं है। इसी तरह किसी सामान्य ऐप को कॉन्टैक्ट्स या माइक्रोफोन की परमिशन देने से पहले भी एक बार सोचें। Android और iPhone दोनों में ऐप परमिशन को सेटिंग्स में जाकर बदला जा सकता है। जरूरत के हिसाब से ‘While using the app’ जैसे ऑप्शन का इस्तेमाल किया जा सकता है।
2. लोकेशन एक्सेस को रखें कंट्रोल में
लोकेशन फीचर कई कामों के लिए जरूरी है। Google Maps, कैब बुकिंग और कुछ दूसरे ऐप्स के लिए इसकी जरूरत पड़ती है। लेकिन हर ऐप को लगातार आपकी लोकेशन जानने की जरूरत नहीं होती। जिन ऐप्स को इसकी जरूरत नहीं है, उनके लिए परमिशन बंद की जा सकती है। जहां संभव हो, ‘Only while using the app’ जैसे ऑप्शन को चुना जा सकता है। इससे ऐप इस्तेमाल करते समय ही लोकेशन की जानकारी मिलती है। इससे प्राइवेसी को लेकर बेहतर कंट्रोल मिल सकता है।
3. बैकग्राउंड में चलने वाली ऐप्स पर नजर रखें
कुछ ऐप्स स्क्रीन बंद होने के बाद भी बैकग्राउंड में काम करती रहती हैं। बैटरी और डेटा की खपत भी बढ़ती है। नए फोन में Battery या App Battery Usage सेक्शन को एक बार जरूर देखें। यहां पता चल सकता है कि कौन-सी ऐप कितनी बैटरी इस्तेमाल कर रही है। जो ऐप जरूरी नहीं है और लगातार ज्यादा बैटरी खर्च कर रही है, उसके बैकग्राउंड इस्तेमाल को सीमित किया जा सकता है। हालांकि मैसेजिंग, ईमेल या दूसरी जरूरी ऐप्स पर बहुत ज्यादा बैकग्राउंड लिमिट लगाने से उनके नोटिफिकेशन प्रभावित हो सकते हैं।
4. अनचाहे नोटिफिकेशन बंद कर दें
नया फोन इस्तेमाल करते ही ढेर सारे नोटिफिकेशन आने लगते हैं। शॉपिंग, गेमिंग, सोशल मीडिया और दूसरी ऐप्स बार-बार अलर्ट भेज सकती हैं। हर नोटिफिकेशन जरूरी नहीं होता। इसलिए Notification Settings में जाकर गैर-जरूरी ऐप्स के अलर्ट बंद किए जा सकते हैं। खासकर लॉक स्क्रीन पर कौन-सी जानकारी दिखाई जाए, इसकी सेटिंग भी चेक करना अच्छा रहता है।
5. स्क्रीन का Refresh Rate और Battery सेटिंग चेक करें
आजकल कई स्मार्टफोन में 90Hz, 120Hz या इससे ज्यादा रिफ्रेश रेट वाली स्क्रीन मिलती है। हाई रिफ्रेश रेट से स्क्रॉलिंग और एनिमेशन ज्यादा स्मूद दिखाई देते हैं, लेकिन इसका असर बैटरी पर पड़ सकता है। इसके अलावा Battery Saver या Power Saving Mode की सेटिंग भी देख लें। इसे जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल किया जा सकता है, खासकर जब फोन की बैटरी कम हो और चार्ज करने की सुविधा तुरंत उपलब्ध न हो।
6. फोन का Security और Backup सेटअप जरूर करें
नए फोन में सुरक्षा से जुड़ी सेटिंग को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सबसे पहले मजबूत PIN, पासवर्ड या बायोमेट्रिक लॉक सेट करें। सिर्फ आसान PIN रखने से बचना बेहतर है। इसके बाद फोन के सिस्टम अपडेट और सिक्योरिटी अपडेट को चेक करें। नया फोन होने के बावजूद सेटअप के समय कोई अपडेट उपलब्ध हो सकता है। Backup की सेटिंग भी जरूर देखें। Android फोन में Google Account के जरिए और iPhone में iCloud के जरिए जरूरी डेटा का बैकअप रखा जा सकता है। फोन खोने या खराब होने की स्थिति में बैकअप से फोटो, कॉन्टैक्ट्स और दूसरी जरूरी जानकारी वापस पाने में मदद मिल सकती है। नया स्मार्टफोन खरीदने की खुशी में हम अक्सर सेटअप के दौरान हर ऑप्शन को बिना पढ़े Allow कर देते हैं। यही आदत बाद में परेशानी पैदा कर सकती है।
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