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Wi-Fi राउटर की जगह बदलने से बढ़ जाएगी Speed! आप भी हैं परेशान तो देखें ये टिप्स

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Source :- LIVE HINDUSTAN

How to Boost Wi-Fi speed: कई बार लोग राउटर को ऐसी जगहों पर लगवा लेते हैं, जहां से सिग्नल ही ठीक से ट्रांसमिट नहीं हो पाते। राउटर की गलत लोकेशन भी इसके स्लो होने का कारण बन सकती है। यहां हम आपको कुछ ऐसी टिप्स बता रहे हैं, जिन्हें आजमा कर आप वाई-फाई की स्पीड बूस्ट कर सकते हैं…

घर पर हाई स्पीड वाला Wi-Fi लगवाया है, लेकिन फिर भी तेज स्पीड नहीं मिल रही और इंटरनेट स्लो ही चल रहा है, तो यह किसी बड़ी समस्या से कम नहीं है। खासतौर से तब,जब आप घर से काम कर रहे हों और आपका पूरा काम इंटरनेट पर ही निर्भर हो। अगर किसी भी कारण से इंटरनेट स्लो हो जाए, तो आपका काम ही रूक जाएगा, यह समस्या सिरदर्द से कम नहीं। ऐसा होने पर आपके मन में भी यह ख्याल आ सकता है कि शायद आपने गलत प्लान चुन लिया है और फिर आप ज्यादा तेज स्पीड वाले प्लान पर स्विच करने का मन बना लेते हैं।

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दरअसल, कई बार लोगों को ऐसी समस्या का सामना करना पड़ता है, जिसमें इंटरनेट तो चल रहा होता है लेकिन वेबसाइट खुलने में ज्यादा समय लेने लगती है, वीडियो बफर होने लगते हैं या डॉक्यूमेंट भी तेजी से डाउनलोड नहीं होते, ऐसे में समझ नहीं आता कि आखिर दिक्कत कहां है। वाई-फाई से जुड़े लगभग सभी डिवाइस पर इसका असर दिखने लगता है। अगर आप भी ऐसी ही समस्या से जूझ रहे हैं, तो यह खबर आपके काम की हो सकती है। दरअसल, कई बार राउटर की जगह बदलने भर से स्पीड तेज हो जाती है, तो कई बार केवल रीस्टार्ट करने भर से इंटरनेट तेज चलने लगता है। यहां हम आपको कुछ ऐसी टिप्स बता रहे हैं, जिन्हें आप आजमा सकते हैं और हो सकता है कि इनमें से किसी एक से आपके Wi-Fi की समस्या भी दूर हो जाए और आपको दूसरे प्लान में स्विच न करना पड़े। चलिए शुरू करते हैं…

राउटर को रीस्टार्ट करके देखें

कई बार समम्या बहुत छोटी होती है लेकिन घबराहट में हम उसे बड़ी समझने लगते हैं। इंटरनेट अचानक स्लो हो गया है या कनेक्शन बार-बार टूट रहा है, तो राउटर को रीस्टार्ट करके देखना चाहिए। दरअसल, राउटर लंबे समय तक लगातार ऑन रहता है। इसलिए कई बार सॉफ्टवेयर ग्लिच, अस्थायी कनेक्शन की समस्या या किसी अन्य कारण से इसकी परफॉर्मेंस प्रभावित हो सकती है। राउटर को रीस्टार्ट करने से ये अस्थायी समस्याएं कई बार दूर हो जाती हैं। इसके लिए राउटर को 30 सेकंड के लिए बंद करें और इसके बाद इसे दोबारा ऑन करें और कुछ मिनट इंतजार करें, ताकि यह इंटरनेट सर्विस से दोबारा कनेक्ट हो सके। अगर समस्या किसी अस्थायी गड़बड़ी की वजह से थी, तो रीस्टार्ट करने पर समस्या ठीक हो सकती है।

स्पीड टेस्ट करें

आपको सबसे पहले आपने वाई-फाई का स्पीड टेस्ट करना चाहिए। इससे यह पता चल जाएगा कि वास्तव में इंटरनेट की स्पीड कम है या सिर्फ किसी एक डिवाइस में समस्या है। स्पीड टेस्ट आपके इंटरनेट कनेक्शन की डाउनलोड स्पीड, अपलोड स्पीड और लेटेंसी के बारे में जानकारी देता है। डाउनलोड स्पीड से पता चलता है कि इंटरनेट से आपके डिवाइस तक डेटा कितनी तेजी से आ रहा है। वहीं अपलोड स्पीड यह बताती है कि आपके डिवाइस से इंटरनेट पर डेटा कितनी तेजी से जा रहा है। लेटेंसी यानी देरी यह बताती है कि डिवाइस और सर्वर के बीच प्रतिक्रिया में कितना समय लग रहा है। इन तीनों चीजों को देखकर आपको अंदाजा हो सकता है कि समस्या आपके इंटरनेट कनेक्शन में है या Wi-Fi नेटवर्क में। उदाहरण के लिए, अगर टेस्ट में स्पीड आपके प्लान के मुकाबले काफी कम आ रही है, तो इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर की तरफ से समस्या हो सकती है। इसके लिए आप speedtest.net वेबसाइट का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका इंटरफेस सिंपल है और टेस्ट शुरू करने के लिए ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ती है।

राउटर की जगह भी बदलकर देखें

कई बार लोग राउटर को ऐसी जगहों पर लगवा लेते हैं, जहां से सिग्नल ही ठीक से ट्रांसमिट नहीं हो पाते। यानी राउटर की गलत लोकेशन भी इसके स्लो होने का कारण बन सकती है। अगर आपने राउटर को किसी बंद कैबिनेट, कोने या बहुत नीचे रखा है, तो वाई-फाई सिग्नल को पूरे घर में फैलने में दिक्कत हो सकती है। राउटर को घर के बीचोंबीच वाले हिस्से में और थोड़ी ऊंचाई पर रखना चाहिए। कोशिश करें कि उसके आसपास बहुत ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या बड़ी धातु की वस्तुएं न हों। राउटर को हमेशा ऐसी जगह रखें जहां से सिग्नल ज्यादा से ज्यादा हिस्सों तक आसानी से पहुंच सके। कभी-कभी सिर्फ राउटर की जगह बदलने से ही Wi-Fi कवरेज में काफी अंतर दिखाई देता है।

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सही फ्रीक्वेंसी बैंड चुनें

अगर आपका राउटर 2.4GHz और 5GHz दोनों बैंड सपोर्ट करता है, तो सही बैंड चुनना भी Wi-Fi परफॉर्मेंस में फर्क डाल सकता है। 5GHz बैंड आमतौर पर ज्यादा तेज स्पीड और कम इंटरफेरेंस देता है, लेकिन इसकी रेंज 2.4GHz के मुकाबले कम होती है। दीवारें और दूसरी रुकावटें भी 5GHz सिग्नल को ज्यादा प्रभावित कर सकती हैं। दूसरी तरफ, 2.4GHz की रेंज ज्यादा होती है और यह दीवारों के पार अपेक्षाकृत बेहतर तरीके से पहुंच सकता है। हालांकि इसकी अधिकतम स्पीड आमतौर पर 5GHz से कम होती है। इसलिए अगर आप राउटर के पास बैठे हैं और तेज इंटरनेट चाहते हैं, तो 5GHz नेटवर्क बेहतर विकल्प हो सकता है। लेकिन अगर आपका कमरा राउटर से काफी दूर है या बीच में कई मोटी दीवारें हैं, तो 2.4GHz ज्यादा स्थिर कनेक्शन दे सकता है।

बड़े घर के लिए Mesh Wi-Fi इस्तेमाल करें

अगर आपका घर दो-तीन मंजिला है, तो हो सकता है कि वाई-फाई हर कमरे तक मजबूत सिग्नल नहीं पहुंचा पा रहा है। ऐसे हो तो बार-बार राउटर की सेटिंग बदलने से अच्छा है कि घर में Mesh Wi-Fi लगवाएं। दरअसल, Mesh Wi-Fi में एक मुख्य यूनिट के साथ एक या उससे ज्यादा अतिरिक्त यूनिट यानी नोड्स होते हैं। इन्हें घर के अलग-अलग हिस्सों में रखा जाता है। ये सभी यूनिट आपस में मिलकर एक ही नेटवर्क तैयार करते हैं। इसका फायदा यह है कि घर में घूमते समय फोन या लैपटॉप को बार-बार अलग-अलग Wi-Fi नेटवर्क से कनेक्ट करने की जरूरत नहीं पड़ती है। डिवाइस आमतौर पर उस Mesh यूनिट से कनेक्ट हो जाता है, जिसका सिग्नल उस जगह बेहतर होता है। बड़े घर, कई कमरों वाले अपार्टमेंट या ऐसे ऑफिस जहां एक राउटर से हर जगह अच्छा सिग्नल नहीं मिलता है, वहां Mesh Wi-Fi काफी उपयोगी हो सकता है।

चेक करें कितने डिवाइस कनेक्ट हैं

ढेर सारे डिवाइस जुड़े होने पर भी वाई-फाई की स्पीड स्लो हो सकती है। लोग वाई-फाई से घर में मौजूद सभी सदस्यों के फोन, लैपटॉप जोड़ देते हैं। इसके अलावा, स्मार्ट टीवी, सोलर इन्वर्टर समेत अन्य स्मार्ट डिवाइस भी लगातार नेटवर्क से जुड़ रहते हैं। इनमें से कुछ डिवाइस भले ही उस समय इस्तेमाल न हो रहे हों, लेकिन बैकग्राउंड में अपडेट, क्लाउड सिंक या दूसरे कामों के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे उपलब्ध बैंडविड्थ कई डिवाइस में बंट जाती है। यह भी वाई-फाई स्लो होने का कारण बन सकता है, लेकिन लोगों का ध्यान इस ओर नहीं जाता। इसलिए राउटर की सेटिंग्स में जाकर कनेक्टेड डिवाइस की लिस्ट चेक करें। अगर कोई ऐसा डिवाइस दिखाई देता है जिसे आप नहीं पहचानते, तो उसे तुरंत हटा दें, क्योंकि हो सकता है कि आपकी मर्जी के बिना कोई दूसरा व्यक्ति भी आपका Wi-Fi इस्तेमाल कर रहा हो। सेफ रहने के लिए समय-समय पर आपना वाई-फाई पासवर्ड बदलते रहे। एक मजबूत पासवर्ड रखें और जरूरत न होने पर पुराने या अनजान डिवाइस को नेटवर्क से हटा दें।

कंपनी में करें शिकायत

अगर ऊपर बताए गए सभी तरीके आजमाने के बाद भी Wi-Fi की स्पीड में फर्क नहीं पड़ता, तो समस्या आपके इंटरनेट कनेक्शन या राउटर से जुड़ी हो सकती है। ऐसे में अपने इंटरनेट प्लान की स्पीड और सर्विस प्रोवाइडर की तरफ से किसी आउटेज की जानकारी चेक करें। अगर सिर्फ एक डिवाइस पर इंटरनेट स्लो है, तो समस्या उस डिवाइस की वाई-फाई सेटिंग या हार्डवेयर से भी जुड़ी हो सकती है। लेकिन अगर घर के सभी डिवाइस पर इंटरनेट स्लो है, तो बेहतर होगा कि आप कंपनी के कस्टमर केयर में संपर्क करें और अपनी कंप्लेंट दर्ज करें।

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