Source :- LIVE HINDUSTAN
घर में बिजली ना हो तो वाटर प्यूरीफायर भी काम नहीं करता ऐसे में नल के पानी को फिल्टर करने के लिए ये देसी तरीके जरूर पता रखने चाहिए। बिना किसी प्यूरीफायर के इन 5 सिंपल तरीकों से पानी को फिल्टर कर पीने लायक बनाया जा सकता है।
पीने का पानी साफ-सुथरा एक बेसिक जरूरत है। खासतौर में जहां नलों से पानी पीने के लिए लेना पड़ता है इनके गंदे और संक्रमित होने का ज्यादा डर होता है। नल के पानी में लोहे के बारीक कण, बैक्टीरिया, गंदगी, वायरस और धूल-मिट्टी हो सकती है। ऐसा संक्रमित पानी पीने से पीलिया, टायफाइड, कालरा, डायरिया जैसी बीमारियां होने का डर रहता है। ऐसे में इस नल वाले पानी को साफ करके पीना जरूरी होता है। वैसे तो घरों में आजकल वाटर प्यूरीफायर लगा होता है। लेकिन लाइट ना हो तो ये वाटर प्यूरीफायर भी नहीं चलते। ऐसे में कुछ देसी तरीके पानी को साफ करने के लिए जरूर जानने चाहिए।
पानी को उबालें
पानी को किसी बड़े बर्तन में पांच से दस मिनट के लिए तेज आंच पर उबालें। फिर इसे ठंडा कर लें। ऐसा करने से पानी में मौजूद बैक्टीरिया और वायरस का सफाया हो जाता है। वहीं हार्ड पानी के कण नीचे तली में बैठ जाते हैं। पानी को उबालने के बाद ठंडा करके किसी महीन कपड़े से छान लिया जाए तो साफ पीने लायक पानी मिल जाता है। गंदे पानी को साफ-पीने लायक बनाने का ये एक सबसे सरल और विश्वसनीय तरीका। जब इलेक्ट्रिसिटी ना हो और पानी प्यूरीफाई करना हो तो इस मेथड को अपनाया जा सकता है।
पानी में डालें फिटकरी के टुकड़े
अगर पानी में बालू, मिट्टी के बड़े कण हैं जो आंखों से दिखाई देते हैं तो ऐसे पानी को साफ करने के लिए फिटकरी का टुकड़ा अच्छा फिल्टरेशन का काम करता है। किसी बर्तन में पानी को रख दें और उसमे फिटकरी का टुकड़ा डाल दें। फिटकरी गंदे पानी के बड़े कण को नीचे जमा देगी और ऊपर साफ पानी मिलेगा। जिसे आप धीरे से बगैर हिलाए किसी दूसरे बर्तन में निकाल लें। पानी को साफ करने का ये एक सरल और पुराना तरीका है।
मिट्टी के बर्तन में रखें
पानी को साफ फिल्टर करके पीने का ये दादी-नानी के जमाने का नुस्खा है। मिट्टी के बर्तन में जब पानी को रखा जाता है तो ये केवल पानी को ठंडा ही नहीं करता बल्कि कई सारी अशुद्धियों को सोख लेता है। जिससे ये पानी पीने लायक हो जाता है।
अमरूद की पत्तियों से जानें पानी पीने लायक है या नहीं
कुछ गांवों में अमरूद की पत्तियों से पता लगाया जाता है कि पानी में हैवी मेटल, आयरन और ऑर्सेनिक जैसी अशुद्धता तो नहीं है। इसे चेक करने के लिए पानी में अमरूद की पत्तियों को मसलकर डाल दिया जाता है। अगर पानी लाल हो जाता है तो इसका मतलब है कि पानी पीने लायक नही है।
चारकोल से पानी को करते हैं प्यूरीफाई
चारकोल की मदद से भी पानी को देसी तरीके से शुद्ध कर पानी लायक बनाया जाता है। अगर पानी में बदबू आ रही, क्लोरीन है तो एक्टिवेटेड चारकोल को डाल दिया जाता है। ये पानी की सतह पर गंदगी को इकट्ठा कर लेता है और ऊपर से पानी को छानकर पीने लायक निकाल लिया जाता है।
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