Source :- LIVE HINDUSTAN
पतंजलि फूड्स को चेन्नई GST विभाग की ओर से FY23 के लिए ₹1,352.9 करोड़ का बड़ा डिमांड नोटिस मिला है। कंपनी पर टर्नओवर मिसमैच और टैक्स रिकॉर्ड में अंतर के आरोप लगे हैं। नोटिस में CGST और SGST के साथ भारी जुर्माना और ब्याज भी शामिल है। खबर सामने आने के बाद शेयरों में गिरावट देखने को मिली।
योग गुरु बाबा रामदेव से जुड़ी कंपनी पतंजलि फूड्स (Patanjali Foods) एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वजह कंपनी को मिला ₹1,353 करोड़ का भारी-भरकम GST डिमांड नोटिस है। चेन्नई के टैक्स विभाग की ओर से भेजे गए इस नोटिस ने निवेशकों और बाजार दोनों का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है। खबर सामने आते ही कंपनी के शेयरों में भी दबाव देखने को मिला और पतंजलि फूड्स (Patanjali Foods) का स्टॉक करीब 2.5% गिरकर ₹454 पर बंद हुआ। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।
cnbctv18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी को यह नोटिस वित्त वर्ष 2022-23 (FY23) के दौरान कथित टर्नओवर मिसमैच और TDS कटौती में अंतर को लेकर मिला है। टैक्स विभाग का आरोप है कि कंपनी द्वारा घोषित बिक्री आंकड़ों और टैक्स रिकॉर्ड में अंतर पाया गया है। इस नोटिस में ₹676.46 करोड़ CGST और ₹676.46 करोड़ SGST की मांग की गई है। इसके अलावा ₹135.29 करोड़ का जुर्माना और 18% ब्याज भी जोड़ा गया है। कुल मिलाकर यह मामला ₹1,352.9 करोड़ तक पहुंच गया है।
हालांकि, पतंजलि फूड्स (Patanjali Foods) ने साफ किया है कि वह इस नोटिस का जवाब अपने टैक्स सलाहकारों के साथ मिलकर तैयार कर रही है। कंपनी का कहना है कि उसके पास अपने पक्ष को मजबूत तरीके से रखने के पर्याप्त आधार मौजूद हैं और उसे फिलहाल किसी बड़े वित्तीय नुकसान की उम्मीद नहीं है। कंपनी ने यह भी कहा कि अंतिम फैसला जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी टैक्स डिमांड किसी भी कंपनी के लिए चिंता का विषय बन सकती है, खासकर तब जब निवेशकों का भरोसा बाजार में सबसे अहम होता है। हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब बड़ी कंपनियों को GST या टैक्स से जुड़े नोटिस मिले हों। कई बार शुरुआती डिमांड बाद में कम हो जाती है या कंपनियां कानूनी प्रक्रिया के जरिए राहत हासिल कर लेती हैं।
अगर कंपनी के हालिया वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो पतंजलि फूड्स (Patanjali Foods) ने तीसरी तिमाही में ₹364.2 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले करीब 26% कम रहा। हालांकि, कंपनी की आय में बढ़ोतरी देखने को मिली और रेवेन्यू 16.5% बढ़कर ₹10,483 करोड़ पहुंच गया। इससे साफ है कि कंपनी का कारोबार बढ़ रहा है, लेकिन मुनाफे पर दबाव बना हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी इस मामले को कैसे संभालती है। अगर पतंजलि फूड्स (Patanjali Foods) टैक्स अधिकारियों को संतुष्ट करने में सफल रहती है, तो शेयर में दोबारा तेजी लौट सकती है। वहीं, अगर मामला लंबा खिंचता है, तो बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।
शेयर परफॉर्मेंस
पतंजलि फूड्स (Patanjali Foods) के शेयर में बुधवार को दबाव देखने को मिला और स्टॉक 2.52% गिरकर ₹454 पर बंद हुआ। GST विभाग से ₹1,353 करोड़ के डिमांड नोटिस की खबर सामने आने के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिसका असर शेयर कीमत पर साफ दिखा।
फिलहाल, इस खबर ने यह जरूर दिखा दिया है कि बड़े कॉरपोरेट्स के लिए टैक्स अनुपालन (Tax Compliance) कितना महत्वपूर्ण हो गया है। छोटी सी गड़बड़ी भी हजारों करोड़ के नोटिस में बदल सकती है, जिसका असर सीधे कंपनी की साख और शेयर बाजार प्रदर्शन पर पड़ता है।
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