Source :- LIVE HINDUSTAN

ब्रिटेन के साउथम्पटन में सिख युवक ने कृपाण से 18 साल के छात्र की हत्या कर दी। इस मामले में पुलिस की लापरवाही पर एलन मस्क भड़क गए हैं, वहीं यूके में कृपाण बैन की मांग उठने लगी है। पढ़ें पूरी खबर।

ब्रिटेन के साउथम्पटन में एक ब्रिटिश मूल के सिख युवक को 18 साल के यूनिवर्सिटी छात्र की हत्या का दोषी ठहराया गया है। इस हत्याकांड के बाद ब्रिटेन की राजनीति और समाज में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, हत्या में 21 सेंटीमीटर लंबी ‘कृपाण’ का इस्तेमाल किया गया था। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब सार्वजनिक स्थानों पर धार्मिक कारणों से भी कृपाण ले जाने पर प्रतिबंध लगाने की राजनीतिक मांग तेज हो गई है।

एक नजर में पूरा मामला:

दोषी कौन? ब्रिटिश मूल के सिख विक्रम सिंह डिगवा को 18 वर्षीय छात्र हेनरी नोवाक की हत्या का दोषी पाया गया है।

मां भी दोषी: आरोपी की 53 वर्षीय मां किरण कौर (भारतीय नागरिक) को भी वारदात की जगह से हत्या का हथियार (कृपाण) हटाने और मदद करने का दोषी पाया गया है।

सजा का ऐलान कब? साउथम्पटन क्राउन कोर्ट की जूरी ने यह फैसला सुनाया है। डिगवा को सोमवार को और उसकी मां को 17 जुलाई को सजा सुनाई जाएगी।

नस्लीय टिप्पणी का बोला ‘गंदा झूठ’ और पुलिस की बड़ी लापरवाही

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना के वक्त विक्रम सिंह डिगवा ने पुलिस से यह झूठा दावा किया था कि वह नस्लीय दुर्व्यवहार का शिकार हुआ है और उसी के उकसावे में यह घटना हुई। अदालत ने डिगवा के इस दावे को एक ‘गंदा झूठ’ करार दिया है। हैरानी की बात यह रही कि मौके पर पहुंची पुलिस ने डिगवा के इस झूठ पर यकीन कर लिया और खून से लथपथ हेनरी नोवाक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मरते हुए छात्र को हथकड़ी पहना दी। जब पुलिस अधिकारियों को एहसास हुआ कि किशोर की जान जा रही है, तब जाकर उन्होंने उसे फर्स्ट एड (प्राथमिक उपचार) देना शुरू किया।

‘मैं सांस नहीं ले पा रहा हूं’ – पुलिस की कार्यप्रणाली पर बवाल

इस हत्याकांड ने ब्रिटेन में ‘टू-टियर पुलिसिंग’ (दोहरे मापदंड वाली पुलिसिंग) की बहस छेड़ दी है। शैडो होम सेक्रेटरी क्रिस फिलप ने पुलिस के इस रवैये को “शर्मनाक” बताया है। फिलप ने कहा, “पुलिस एक मरते हुए इंसान को बचाने से ज्यादा एक ऐसे शख्स को हथकड़ी पहनाने में दिलचस्पी दिखा रही थी जिस पर नस्लभेदी टिप्पणी करने का आरोप था। हेनरी के आखिरी शब्द थे- ‘मैं सांस नहीं ले पा रहा हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि अगर पीड़ित किसी अल्पसंख्यक समुदाय से होता, तो अब तक विरोध प्रदर्शन और दंगे शुरू हो चुके होते।

सांसद रॉबर्ट जेनरिक ने गृह मंत्री शबाना महमूद को पत्र लिखकर इस पूरे मामले और ‘टू-टियर पुलिसिंग’ पर संसदीय बहस की मांग की है। साउथम्पटन इचेन के सांसद डैरेन पैफे सहित विपक्षी सांसद मौके के पुलिस बॉडीकैम फुटेज जारी करने की मांग कर रहे हैं। डैरेन ने कहा, “सार्वजनिक रूप से ब्लेड ले जाना खतरनाक है, और किसी हथियार को ‘औपचारिक’ बताना कोई बचाव नहीं है जब उसका उपयोग किसी युवा की जान लेने के लिए किया जाए।”

एलन मस्क का फूटा गुस्सा, पुलिस ने मांगी माफी

गुरुवार को फैसला आने के बाद साउथम्पटन सेंट्रल पुलिस स्टेशन के बाहर लोगों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, टेक अरबपति एलन मस्क ने भी ‘एक्स’ पर तीखी प्रतिक्रिया दी। मस्क ने कहा कि वह कानून प्रवर्तन के नाम पर इन “घृणित लोगों” के खिलाफ ‘रॉन्गफुल डेथ’ का मुकदमा लड़ने के लिए फंड देंगे।

बवाल बढ़ता देख हैम्पशायर पुलिस ने नोवाक को हथकड़ी पहनाने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है और मामले को ‘इंडिपेंडेंट ऑफिस फॉर पुलिस कंडक्ट’ (IOPC) को सौंप दिया है। आईओपीसी के प्रवक्ता ने बताया कि मौत से पहले पुलिस और नोवाक के बीच हुए संपर्क, हथकड़ी के इस्तेमाल और दिए गए फर्स्ट एड की स्वतंत्र रूप से जांच की जा रही है।

पब्लिक प्लेस में कृपाण बैन करने की उठी मांग

ब्रिटिश सांसद रूपर्ट लोव ने सार्वजनिक स्थानों पर कृपाण को पूरी तरह से प्रतिबंधित करने की मांग उठाई है। इस विवाद के बीच ‘सिख फेडरेशन यूके’ ने कृपाण की कानूनी स्थिति स्पष्ट करते हुए एक बयान जारी किया है। फेडरेशन ने कहा, “कानून केवल पूरी तरह से धार्मिक आचरण करने वाले सिखों को धार्मिक कारणों से कृपाण पहनने की रक्षा प्रदान करता है। यदि कृपाण या ब्लेड वाले किसी भी वस्तु का हिंसक कृत्य में आक्रामक तरीके से उपयोग किया जाता है, तो कानून के तहत यह बचाव लागू नहीं होता है और इसे एक आक्रामक हथियार माना जाता है।”

SOURCE : LIVE HINDUSTAN