Source :- LIVE HINDUSTAN
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच पाकिस्तान में ऊर्जा संकट गहराने के कारण राजधानी इस्लामाबाद में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए संशोधित बाजार समय एक बार फिर लागू कर दिया गया है। सोमवार से सभी बाजार, दुकानें और शॉपिंग मॉल रात 8 बजे अनिवार्य रूप से बंद करने होंगे।
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच पाकिस्तान में ऊर्जा संकट गहराने के कारण राजधानी इस्लामाबाद में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए संशोधित बाजार समय एक बार फिर लागू कर दिया गया है। सोमवार ( 1 जून 2026 ) से सभी बाजार, दुकानें और शॉपिंग मॉल रात 8 बजे अनिवार्य रूप से बंद करने होंगे। जिला प्रशासन के उपायुक्त इरफान मेमन ने सोशल मीडिया पर जारी आधिकारिक सूचना में इसकी पुष्टि की। जिला मजिस्ट्रेट द्वारा देर रात जारी अधिसूचना के अनुसार, यह नई समयसीमा पूरे सप्ताह सख्ती से लागू रहेगी।
क्या है बाजार टाइमिंग
- बाजार, दुकानें एवं शॉपिंग मॉल: रात 8:00 बजे हर हाल में हो जाएंगे बंद
- रेस्तरां, किराना स्टोर, बेकरी, फास्ट फूड आउटलेट एवं अन्य खाद्य व्यवसाय: रात 10:00 बजे तक खुले रह सकेंगे
- विवाह हॉल, टेंट हाउस, पार्टी प्लेस एवं अन्य कार्यक्रम स्थल: रात 10:00 बजे तक संचालित हो सकेंगे
इसके अलावा फार्मेसी, अस्पताल, इमरजेंसी मेडिकल सेवाएं, पेट्रोल पंप, डेयरी दुकानें, खेल सुविधाएं, कॉल सेंटर, डेटा सेंटर तथा अंतरराष्ट्रीय क्लाइंट्स को सेवा देने वाली आईटी और आईटीईएस कंपनियां इस प्रतिबंध से पूरी तरह मुक्त रहेंगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नए नियम न केवल व्यावसायिक परिसरों बल्कि निजी घरों या प्राइवेट जगहों पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों, शादियों और अन्य समारोहों पर भी लागू होंगे। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस फैसले का व्यापारी कर रहे विरोध
दूसरी ओर व्यापारी समुदाय इस फैसले का कड़ा विरोध कर रहा है। उनका कहना है कि पाकिस्तानी बाजार दोपहर में खुलते हैं और रात 11-12 बजे तक चलते हैं। जल्दी बंद करने से उनकी आय पर गंभीर असर पड़ेगा, खासकर छोटे दुकानदारों और मध्यम व्यापारियों पर। दूसरी ओर सरकार का तर्क है कि दिन के उजाले में अधिक व्यावसायिक गतिविधियां करने से रात की महंगी बिजली की खपत कम होगी, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा बचत होगी और बिजली बिल में भी कमी आएगी। जिला प्रशासन ने सभी व्यापार संघों और दुकानदारों से अपील की है कि वे इस व्यवस्था में पूर्ण सहयोग करें ताकि देश के ऊर्जा संकट को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सके।
ईरान युद्ध के कारण पाकिस्तान में ऊर्जा संकट
बता दें कि यह कदम 28 फरवरी 2026 को अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए सैन्य हमलों के बाद पैदा हुई क्षेत्रीय अस्थिरता और ऊर्जा संकट का परिणाम है। इन घटनाओं के बाद पाकिस्तान में ईंधन कीमतों में तेज उछाल आया और बिजली उत्पादन पर भारी दबाव पड़ा। ऊर्जा संकट को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने मार्च में ही दुकानों को जल्दी बंद करने का आदेश जारी किया था। ईद-उल-फित्र (27 मई 2026) के अवसर पर व्यापारियों की मांग पर अस्थायी छूट दी गई थी, लेकिन त्योहार समाप्त होते ही सरकार ने सख्त समयसीमा दोबारा लागू कर दी है। सरकार को उम्मीद है कि अन्य प्रांतीय सरकारें भी इसी व्यवस्था को अपनाएंगी।
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